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लापता हुए 11 ट्रैकर्स में से 5 की बॉडी मिली:उत्तराखंड से किन्नौर के लिए निकला दल भटका रास्ता; 2 रेस्क्यू, 4 लोगों की तलाश जारी

रिकांगपिओ/शिमलाएक वर्ष पहले
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बचाव दल घायलों को ले जाते हुए। - Dainik Bhaskar
बचाव दल घायलों को ले जाते हुए।

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के छितकुल में ट्रैकिंग के दौरान लापता हुए 11 लोगों में से 5 के शव मिल गए हैं। बाकी 6 में से 2 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया जबकि 4 अन्य की तलाश जारी हैं। किन्नाैर में सेना, आईटीबीपी और लोकल पुलिस के अलावा उत्तराखंड से एसडीआरएफ की टीम हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई हैं।

मारे गए 5 लोगों में से 3 की बॉडी बचाव दल को 4500 मीटर की ऊंचाई पर मिली। इनमें दिल्ली की 38 साल की अनीता राव शामिल हैं। हादसे का शिकार हुए 11 मेंबरी दल में कोलकाता, दिल्ली और उत्तराखंड के लोग शामिल हैं। इस दल में 8 ट्रैकर और तीन कुक शामिल थे। इन लोगों ने 11 अक्टूबर को उत्तराखंड के हर्षिल से ट्रैकिंग शुरू की और 19 अक्टूबर को इन्हें किन्नौर के छितकुल पहुंचना था मगर तय तारीख पर ट्रैकिंग दल छितकुल नहीं पहुंचा।

इस ट्रैकिंग दल में दिल्ली की अनीता राव के अलावा पश्चिम बंगाल के 31 साल के मिथुन दारी, 34 साल के सौरभ घोष, 28 साल के सावियन दास, 30 साल के रिचर्ड मंडल, 43 साल के सुकेन मांझी, 30 साल के तन्मय तिवारी और 33 साल के विकास मकल शामिल हैं। इनके साथ गए 3 कुक के नाम 37 वर्षीय देवेंद्र, 33 वर्षीय ज्ञानचंद्र और 32 वर्षी उपेंद्र बताए गए हैं। तीनों कुक उत्तरकाशी जिले के पुरोला के रहने वाले हैं।

यह दल मोरी सांकरी की एक ट्रैकिंग एजेंसी के माध्यम से हर्षिल से छितकुल के लिए रवाना हुआ। इस दल ने उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के वन विभाग से 13 से 21 अक्टूबर तक लम्खागा पास पर ट्रैकिंग करने के लिए इनरलाइन परमिट लिया था लेकिन 17 से 19 अक्टूबर के बीच मौसम खराब हो जाने की वजह से दल भटक गया।

आर्मी अस्पताल में घायलों का उपचार करते सेना के डॉक्टर।
आर्मी अस्पताल में घायलों का उपचार करते सेना के डॉक्टर।

ट्रैकिंग दल से संपर्क टूट जाने और 19 अक्टूबर को उसके छितकुल नहीं पहुंचने पर ट्रैकिंग टूर एजेंसी ने बचाव के लिए प्रयास शुरू किए और उत्तराखंड व हिमाचल सरकार से संपर्क साधा। इसके बाद इस दल की तलाश शुरू की गई। किन्नौर जिला प्रशासन को इस दल के लापता होने की सूचना बुधवार को ही मिली। इसके बाद जिला प्रशासन ने क्यूआरटी टीम, पुलिस और वन विभाग के दल को रेस्क्यू के लिए छितकुल कंडे की ओर रवाना कर दिया। किन्नौर के डीसी आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि लापता हुए दल के कुछ सदस्य मिल गए हैं। बाकी लोगों की तलाश चल रही है। जिन दो लोगों को रेस्क्यू किया गया है, उनमें से भी एक ही हालत गंभीर बताई जा रही है।

सेना ने साढ़े तीन फुट बर्फ में बनाया रास्ता

किन्नौर जिला के उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि राहत दलों को बर्फ में फंसे एक पर्यटक और एक गाइड मिला है। टूरिस्ट को सेना के हेलीकॉप्टर से उत्तरकाशी पहुंचा दिया गया है। जबकि गाइड को सेना के जवानों के साथ रखा गया है। जिसे कल उत्तरकाशी के लिए एअरलिफ्ट किया जाएगा। राहत एवं बचाव दल को पर्यटकों के पांच शव अलग-अलग स्थानों पर प्राप्त हुए हैं। उन्हें भी एक स्थान पर इकट्ठा कर हेलीकॉप्टर के माध्यम से उत्तरकाशी पहुंचा दिया जाएगा। अभी तक चार अन्य पर्यटक लापता है। अब कल सुबह सेना के हेलीकॉप्टर और आईटीबीपी के जवानों द्वारा राहत व बचाव कार्य आरंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आईटीबीपी के जवानों ने पर्यटकों की खोज के लिए साढ़े 3 फुट बर्फ में रास्ता बनाते हुए आगे निकले।

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