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हिमाचल में फिर हिली धरती:धर्मशाला में महसूस किए गए भूकंप के झटके; जान-माल का नुकसान नहीं, रिक्टर स्केल पर 3 रही तीव्रता

धर्मशालाएक महीने पहले
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हिमाचल प्रदेश में भूकंप की दृष्टि से धर्मशाला जोन संवेदनशील है। - Dainik Bhaskar
हिमाचल प्रदेश में भूकंप की दृष्टि से धर्मशाला जोन संवेदनशील है।

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में शनिवार की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3 रही। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि भूकंप से किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई है। लेकिन लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

22 अप्रैल को मंडी में आया था भूकंप

इससे पहले मंडी में गत 22 अप्रैल को भूकंप आया था। लेकिन इस भूकंप की तीव्रता काफी कम थी। मौसम विभाग के शिमला केंद्र ने मंडी जिले में सुबह 5 बजकर 55 मिनट पर यह झटका लगा था। भकूंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.7 मापी गई थी। भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किमी नीचे था।

भूकंप की दृष्टि से धर्मशाला जोन है संवेदनशील

हिमाचल प्रदेश में भूकंप की दृष्टि से धर्मशाला जोन संवेदनशील है। यहां पर वर्ष 1905 में बड़ा विनाशकारी भूकंप आया था। हजारों लोगों की जान चली गई थी। कुछ लोग ही जिंदा बचे थे, जो बेघर हो गए थे। हर जगह तबाही का मंजर था।

चंबा में आते हैं सबसे अधिक भूकंप

हिमाचल में सबसे अधिक भूकंप चंबा में आते हैं। इसके बाद किन्नौर, शिमला, बिलासपुर और मंडी संवेदनशील जोन में आते हैं। शिमला को लेकर भी चेतावनी दी गई थी कि यह शहर भूकंप जैसी आपदा के लिए तैयार नहीं है। किन्नौर में 1975 में बड़ा भूकंप आ चुका है।

वैज्ञानिकों का दावा है कि हिमालय के आसपास घनी आबादी वाले देशों में इससे भारी तबाही मच सकती है। शिमला और दिल्ली तो भूकंप के झटके सहने के लिए तैयार ही नहीं हैं। भूकंप वैज्ञानिकों का मानना है कि छोटे-छोटे झटके महसूस होते रहने से बड़े भूकंप का खतरा कम हो जाता है। लोग दहशत में रहते हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि आगे यह तीव्रता ज्यादा हो सकती है। वैसे भी हिमाचल प्रदेश का अधिकतर क्षेत्र संवेदनशील जोन में आता है।