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  • Himachal: 44 Corona Patients, Including A Newborn, Died In 24 Hours In The State; 3 Died In Nerchouk In The Morning; Restriction And Rescue Efforts Also Continue

हिमाचल में तेजी से बढ़ता संक्रमण:सूबे में 24 घंटे में एक नवजात समेत 44 कोरोना मरीजों की मौत, नेरचौक में सुबह 3 की जान गई; पाबंदी और बचाव की कोशिशें भी जारी

शिमला6 महीने पहले
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कोरोना संक्रमण के खौफ के बीच एक संदिग्ध का थर्मल स्कैनिंग से चेकअप करते सेहत विभाग की टीम के सदस्य। -फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
कोरोना संक्रमण के खौफ के बीच एक संदिग्ध का थर्मल स्कैनिंग से चेकअप करते सेहत विभाग की टीम के सदस्य। -फाइल फोटो

हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है। एक्टिव केस 18 हजार के करीब पहुंच गए हैं। 24 घंटे में रिकार्ड 3040 मामले सामने आए हैं, जबकि 44 मरीजों की मौत हो गई। इनमें एक नवजात भी शामिल है। शुक्रवार सुबह नेरचौक मेडिकल कॉलेज में तीन मरीजों की मौत हो गई। उधर बढ़ी चिंता के बीच गगरेट के JK गैस प्लांट ने दावा किया है कि पूरे प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी नहीं आने देंगे।

नई गाइडलाइन: शादियों में अब केवल 20 ही लोग हो सकेंगे शामिल, 10 मई तक बंद रहेंगे सभी शिक्षण संस्थान

शुक्रवार सुबह नेरचौक मेडिकल कॉलेज में मरने वाले मंडी और हमीरपुर के तीन मरीजों में 55 साल का एक व्यक्ति बल्ह के रत्ती का निवासी, हमीरपुर के 57 साल के एक मरीज ने दम तोड़ दिया, वहीं मंडी बलद्वाड़ा का भी एक व्यक्ति जिंदगी की जंग हार गया। अब तक आंकड़ों पर गौर करें तो प्रदेश में 97 हजार के करीब लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, 77 हजार मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 1447 मरीजों की मौत हुई है और इस वक्त 17835 एक्टिव केस हैं। जिला कांगड़ा में 4410 एक्टिव केस हो गए है, जबकि सोलन मे 2934, शिमला 1896, सिरमौर 1707, हमीरपुर 1389, ऊना 1130, बिलासपुर में 1029 मरीज हैं।

रच्छयालु का वार्ड-2 बना कंटेनमेंट जोन
गग्गल इलाके के रच्छयालु में वार्ड-2 में दो दिन में 31 लोगों के कोरोना संक्रमित होने के बाद कंटेनमेंट जोन बना दिया है। शाहपुर के नायब तहसीलदार सुरेंद्र कुमार ने यहां सख्ती बढ़ा दी है। वहां पर ऐहतियात के तौर पर दो पुलिस के जवान तैनात कर दिए हैं। रच्छयालु पंचायत की प्रधान संजू कुमारी और उप प्रधान मुख्तियार खान ने बताया वार्ड दो को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है और गांववासियों को कोरोना के नियमों का पालन करने की हिदायत दी है।

छावनी परिषद ने टीका वणी को किया सैनिटाइज
योल में छावनी परिषद ने भी कोरोना के खात्मे के लिए क्रमवार समूचे कैंट बोर्ड एरिया को‌ सैनिटाइज करने की मुहिम छेड़ दी है। सोमवार से गुरुवार तक योल‌ बाजार, पीरू सिंह चौक को सैनिटाइज किया जा चुका है। शुक्रवार को योल‌ के डाकघर तीनों बैंक शाखाओं को सैनिटाइज किया जा रहा है। वहीं छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी अजय सहगल ने बताया कि समूचे क्षेत्र को सैनिटाइज करने के साथ साथ लोगों को कोरोना के बचाव के लिए भी जागरूक कर रहे हैं । इसमें कोरोना योद्धा अजय और अरुण का योगदान रहा है।

ज्वालामुखी संस्कृत कॉलेज और मातृसदन में होगी कोविड टेस्टिंग और वैक्सीनेशन
ऊना जिले के ज्वालामुखी संस्कृत महाविद्यालय में 3 मई से मातृ सदन में कोविड टेस्टिंग और वैक्सीनेशन की जाएगी। इसके लिए SDM धनवीर ठाकुर ने लिखित स्वीकृति खंड चिकित्सा अधिकारी को दे दी है। उन्होंने बताया कि मातृसदन में शादियां भी होती हैं, इसलिए 3 मई से सभी बुकिंग कैंसल कर दी गई हैं। जिन्होंने अग्रिम राशि जमा करवाई है, वो कार्यालय से अपने पैसे वापस ले सकते हैं।

ऑक्सीजन को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं

दूसरी ओर ऑक्सीजन की खपत को लेकर बात की जाए तो हिमाचल में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। गगरेट स्थित JK प्लांट की तरफ से दावा किया है कि पूरे प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी नहीं आने देंगे। प्लांट में प्रतिदिन 400 सिलेंडर री-फिल करने की क्षमता है और इस समय औद्योगिक इकाइयों को ऑक्सीजन देनी पूरी तरह से बंद कर दी गई है। फिलहाल इस उद्योग ने जिला कांगड़ा को 80 और जिला ऊना प्रशासन को 50 सिलेंडर प्रयोग करने के लिए दिए हैं।

एक सिलेंडर की क्षमता सात घनमीटर है और इस समय इनके पास 717 सिलेंडर का स्टॉक है। JK गैस प्लांट के संचालक सुरेश शर्मा का कहना है कि प्लांट के पास 400 सिलेंडर प्रतिदिन री-फिल करने की क्षमता है। इस समय जिला ऊना और कांगड़ा को ऑक्सीजन दी है। जरूरत पड़ी तो पूरे प्रदेश में आपूर्ति कर सकते हैं। यहां से 165 रुपए प्रति सिलेंडर दिया जा रहा है।

हालांकि ऑक्सीजन की कमी नहीं है, लेकिन दिक्कत यह है कि खाली सिलेंडर नहीं मिल रहे। इस समय गगरेट क्षेत्र में दो एलपीजी सिलेंडर बनाने वाले उद्योग बंद पड़े हैं, एक दियोली में और दूसरा अम्ब में। यदि प्रशासन उन उद्योगों में थोड़ा-सा फेरबदल करे और वहां पर ऑक्सीजन के सिलेंडर बनाने शुरू कर दे तो पूरे हिमाचल में ऑक्सीजन का संकट दूर हो जाएगा।