सफलता:आईआईटी मंडी की टीमों ने कोविड19 का खतरा कम करने के लिए डेवलप किए यूवी-सी डिसइन्फेक्शन बॉक्स

मंडी2 वर्ष पहले
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  • वायरस का संक्रमण रोकने में यूवी-सी लाइट की क्षमता को पहचान कर इस प्रोटोटाइप को बनाया

आईआईटी मंडी में अल्ट्रावायलेट-सी (यूवी-सी) प्रकाश आधारित पोर्टेबल डिसइन्फेक्शन बॉक्स विकसित किया है। वॉलेट (पर्स), चाबी, चश्मे, बैग, कुरियर के पैकेज और पार्सल आदि मेटल, प्लास्टिक और कार्डबोर्ड की चीजों को असंक्रमित कर कोविड-19 फैलने का खतरा कम करेगा। बॉक्स की संरचना यूवी-सी ओपेक कवर फ्रेम से की गई है। इसमें लकड़ी के बोर्ड (फर्नीचर ग्रेड) से बना क्यूबॉइड कंटेनर है जिसमें दो-परत की अल्युमीनियम फाॅयल कोटिंग है जो यूवी-सी लाइट को बाहर जाने से रोक देगा। इसमें निर्धारित रेटिंग के दस यूवी-सी लैंप का उपयोग कर किसी वस्तु की सतहों पर यूवी-सी प्रकाश डाला जाता है। लैम्प में स्वचालित टाइमर कंट्रोल भी है ताकि वस्तु के हिसाब से नियंत्रित मात्रा में यूवी-सी प्रकाश पड़े। यह केवल 35 हजार की लागत से तैयार किया गया है। आईआईटी के असिस्टेंट प्रो. डॉ. हिमांशु पाठक और डॉ. सनी जफर ने बताया कि  कोरोना-19 वायरस का संक्रमण रोकने में यूवी-सी लाइट की क्षमता को पहचाना और जिस प्रोटोटाइप का विकास किया है वह निर्जीव वस्तुओं जैसे कूरियर पैकेट यात्रा बैग, मुद्रा, पर्स, कलाई घड़ी, मोबाइल फोन, लैपटॉप, किताबें, स्टेशनरी आदि को संक्रमण मुक्त करने में सक्षम है। उन्होंने बताया कि आईआईटी मंडी के अपने ही लैब में ‘एस्चेरिचिया कोलाई’ और ‘स्टैफिलोकोकस ऑरियस’ बैक्टीरिया के खिलाफ इस प्रोटोटाइप का परीक्षण किया गया है। प्रोटोटाइप से यूवी-सी प्रकाश पड़ने के 40 सेकेंड के अंदर दोनों किस्म की बैक्टीरिया को मारने में 99 प्रतिशत सक्षमता दिखी।  टेक्निकल असिस्टेंट (सिविल) नविश शर्मा ने तिलक राज व हंस राज की टीम के साथ मिल कर कम लागत पर पैर चलित हैंड सेनिटाइजर डिसपेंसर विकसित किया है। इसमें सेनिटाइजर की बोतल की सतह जो संक्रमित हो सकती उसे हाथ नहीं लगाना होगा। इस डिसपेंसर में स्प्रिंग से रीइन्फोर्स किया फुट पैडल लगा कर एक पाइप युक्त होल्डर से जोड़ा गया है। होल्डर में सेनिटाइजर की बोतल रखी होगी। फुट पैडल दबाने पर सेनिटाइजर होल्डर ऊपर आएगा और एक ग्लास कैप बोतल के हेड को दबाएगा। इस इनोवेशन की लागत 1400 रुपए से कम है।

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