कोरोना से जंग /  उद्योगों को होटलों में 400 स्टाफ वर्कर्स को रखने के हर माह चुकाने पड़ रहे 50 लाख

एसपी कार्यालय बद्दी में विभिन्न अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उद्योग प्रमोटरों ने कई सुझाव रखे। टॉरेंट फार्मा कंपनी एचआर विभाग से एचआर एचएस शेखावत व  इतेंद्र पाल ने सुझाव देते हुए कहा कि ट्राईसिटी से आने वाले स्टाफ को रोजाना मूवमेंट होनी चाहिए। कंपनी में कार्यरत स्टाफ को सीधा उद्योग से घर व घर से उद्योग की मूवमेंट तय की जाए, जिससे हर माह होने वाला भारी भरकम खर्चा भी बच सकता है। इससे उद्योगों को काफी राहत मिलेगी। एसपी कार्यालय बद्दी में विभिन्न अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उद्योग प्रमोटरों ने कई सुझाव रखे। टॉरेंट फार्मा कंपनी एचआर विभाग से एचआर एचएस शेखावत व  इतेंद्र पाल ने सुझाव देते हुए कहा कि ट्राईसिटी से आने वाले स्टाफ को रोजाना मूवमेंट होनी चाहिए। कंपनी में कार्यरत स्टाफ को सीधा उद्योग से घर व घर से उद्योग की मूवमेंट तय की जाए, जिससे हर माह होने वाला भारी भरकम खर्चा भी बच सकता है। इससे उद्योगों को काफी राहत मिलेगी।
X
एसपी कार्यालय बद्दी में विभिन्न अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उद्योग प्रमोटरों ने कई सुझाव रखे। टॉरेंट फार्मा कंपनी एचआर विभाग से एचआर एचएस शेखावत व  इतेंद्र पाल ने सुझाव देते हुए कहा कि ट्राईसिटी से आने वाले स्टाफ को रोजाना मूवमेंट होनी चाहिए। कंपनी में कार्यरत स्टाफ को सीधा उद्योग से घर व घर से उद्योग की मूवमेंट तय की जाए, जिससे हर माह होने वाला भारी भरकम खर्चा भी बच सकता है। इससे उद्योगों को काफी राहत मिलेगी।एसपी कार्यालय बद्दी में विभिन्न अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उद्योग प्रमोटरों ने कई सुझाव रखे। टॉरेंट फार्मा कंपनी एचआर विभाग से एचआर एचएस शेखावत व  इतेंद्र पाल ने सुझाव देते हुए कहा कि ट्राईसिटी से आने वाले स्टाफ को रोजाना मूवमेंट होनी चाहिए। कंपनी में कार्यरत स्टाफ को सीधा उद्योग से घर व घर से उद्योग की मूवमेंट तय की जाए, जिससे हर माह होने वाला भारी भरकम खर्चा भी बच सकता है। इससे उद्योगों को काफी राहत मिलेगी।

  • उद्योग प्रबंधकों का कहना-350 से 400 स्टाफ वर्करों को होटलों में ठहराना खासा महंगा पड़ रहा, उद्योग चलाना हो चुका मुश्किल
  • फार्मा उद्योगों के विभिन्न सीनियर स्टाफ ने जिला बद्दी पुलिस कार्यालय में विभिन्न अधिकारियों के साथ बैठ की, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
  • ज्ञापन में मांग उठाई कि बाहरी राज्यों से उद्योगों को रोजाना मूवमेंट की राहत देनी चाहिए, ताकि उद्योग भी राहत की सांस ले सके

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 12:52 PM IST

नालागढ़. भारत में सबसे अधिक रोजगार देने वाले उद्योग कोरोना की मार से खुद संकट में घिर गए हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहे उद्योगों को हर तरफ से आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन के चलते उद्योगों में मैन पॉवर की समस्या लगातार बनी हुई है। उद्योगों को अपने स्टाफ को ठहराने के लिए होटलों में भारी भरकम राशि चुकानी पड़ रही है। जिला सोलन के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-नालागढ़ उद्योगों के अधिकतम मालिक व स्टाफ ट्राईसिटी से अप-डाउन करते हैं। जिला प्रशासन की ओर से बाहरी राज्यों में रहने वाले स्टाफ को वन-टाइम पास की अनुमति पर प्रवेश दिया गया है। ऐसे में उद्योगों को क्षेत्र में ही स्टाफ को रखने का इंतजाम करने के निर्देश जारी हैं। जिसके चलते विभिन्न उद्योगों ने अपने स्टाफ को बद्दी-नालागढ़ के विभिन्न होटलों में ठहराया हुआ है। इन उद्योगों को अपने स्टाफ को होटलों में ठहराने का एक माह का खर्चा करीब 50 लाख रुपए उठाना पड़ रहा है। उद्योग प्रबंधकों का कहना है कि 350 से 400 स्टाफ वर्करों को होटलों में ठहराना खासा महंगा पड़ रहा है, जिसके कारण उद्योग चलाना मुश्किल हो चुका है।

इस संबंध में फार्मा उद्योगों के विभिन्न सीनियर स्टाफ ने जिला बद्दी पुलिस कार्यालय बद्दी में विभिन्न अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा, जिसमें मांग उठाई गई कि जल्द से जल्द बाहरी राज्यों से आने वाले स्टाफ को अप-डाउन की अनुमति दी जाए। बैठक टॉरेंट फार्मा कंपनी बद्दी के प्लांट हेड सौमन मैहती की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न बड़े उद्योगों के अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए मांग उठाई है कि बाहरी राज्यों से उद्योगों को रोजाना मूवमेंट की राहत देनी चाहिए, ताकि उद्योग भी राहत की सांस ले सके।    

   
रोड मैप के लिए दिया सुझाव
एसपी कार्यालय बद्दी में विभिन्न अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उद्योग प्रमोटरों ने कई सुझाव रखे। टॉरेंट फार्मा कंपनी एचआर विभाग से एचआर एचएस शेखावत व  इतेंद्र पाल ने सुझाव देते हुए कहा कि ट्राईसिटी से आने वाले स्टाफ को रोजाना मूवमेंट होनी चाहिए। कंपनी में कार्यरत स्टाफ को सीधा उद्योग से घर व घर से उद्योग की मूवमेंट तय की जाए, जिससे हर माह होने वाला भारी भरकम खर्चा भी बच सकता है। इससे उद्योगों को काफी राहत मिलेगी।

इन उद्योगों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

लॉकडाउन के चलते उठानी पड़ रही समस्याओं को हल करवाने के लिए कई नामी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने एसपी बद्दी, ओएसडी शुभकरण और बीबीएनडीए डिप्टी सीईओ सुधीर शर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री के समक्ष समाधान की मांग उठाई। इस मौके पर एलकैम लैबॉरेटरी के प्लांट हेड राकेश त्रिपाठी, सिपला कंपनी एचआर हेड मिलन कांती, डॉ. रेड्डी कंपनी एचआर हेड़ सचिन शर्मा, मैक्लाॅयड फार्मा एचआर विभाग से चंद्रकांत व सन फार्मा कंपनी से एचआर सुनील वर्मा मौजूद रहे।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना