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हिमाचल आबकारी विभाग की कार्रवाई:डमटाल में GST फ्रॉड करने वाली निजी कंपनी मेटेनरे इंडिया लिमिटेड पर 9.86 करोड़ का जुर्माना, टेंड्रोन को 6.11 करोड़ का नोटिस

धर्मशाला9 महीने पहले
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हिमाचल प्रदेश में एल्‍यूमिनयम सीट और फाइल बनाने वाली एक निजी कंपनी के द्वारा GST में फ्रॉड का मामला सामने आया है। सिंबॉलिक इमेज - Dainik Bhaskar
हिमाचल प्रदेश में एल्‍यूमिनयम सीट और फाइल बनाने वाली एक निजी कंपनी के द्वारा GST में फ्रॉड का मामला सामने आया है। सिंबॉलिक इमेज

जिला कांगड़ा के डमटाल में GST फ्रॉड के मामले में एल्‍यूमिनयम सीट और फाइल बनाने वाली एक निजी कंपनी मेटेनरे इंडिया लिमिटेड पर 9.86 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। सहायक आयुक्त राज्य कर और आबकारी डमटाल बाबूराम नेगी ने बताया डमटाल में एल्‍यूमिनयम सीट और फाइल आदि बनाने वाली एक बड़ी कंपनी पर विभाग ने कार्रवाई की है। आरोप है कि जब से GST शुरू हुआ है, तब से यह कंपनी अपनी टैक्स की अदायगी ITC से ही कर रही है। टैक्स के रूप में नकद कुछ भी जमा नहीं किया जा रहा था। विभाग को शक था कि कंपनी फर्जी तरीके से ITC इकट्ठा कर टैक्स देने से बच रही है।

दरअसल, डायरेक्टर जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस से भी एक पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें दिल्ली स्थित किसी फर्जी कंपनी द्वारा डमटाल स्थित इस कंपनी को बिना बिल के माल की सप्लाई करने के बारे में जांच के लिए कहा गया था। इस पर कार्रवाई करते हुए यह आदेश दिए गए हैं। सहायक आयुक्त बाबूराम नेगी की ओर से एक निरीक्षण दल का गठन किया गया। जिसमें ASTEO राकेश कुमार, बलदेव ठाकुर, जयप्रकाश, सुनील कुमार शामिल थे। सहायक आयुक्त ने 29 दिसंबर 2020 को कंपनी के परिसर का औचक निरीक्षण किया गया। जुलाई 2017 से दिसंबर 2020 तक से संबंधित सारे बिलों को जब्त कर लिया गया। रिकॉर्ड की छानबीन करने के पश्चात ज्ञात हुआ कि डमटाल स्थित इस कंपनी ने दिल्ली स्थित किसी कंपनी से वर्ष 2017-18 के दौरान 19,10,957,69 रुपए का कच्चा माल खरीदा। इस पर 29150199 का ITC लाभ ले लिया, लेकिन खरीदा गया यह कच्चा माल वास्तव में कभी डमटाल स्थित इस कंपनी में आया ही नहीं। केवल ITC प्राप्त करने के लिए बिल काटा गया था।

इसी तरह डमटाल से भी एक फर्जी कंपनी बनाई थी, जिससे फर्जी तरीके 2018-19 से दिसंबर 2020 तक 4435483 रुपए का ITC लिया गया। जांच के बाद इस तरह यह तथ्य सामने आने के पश्चात कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और कंपनी के क्रेडिट लेजर को ब्लॉक कर दिया गया। इसके परिणाम स्वरूप कंपनी ने फरवरी महीने में टैक्स के रूप में 4307612 रुपए नकद जमा किए। इस कंपनी द्वारा बनाई गई फर्जी कंपनी का GST नंबर कैंसिल कर दिया गया।

कंपनी ने 26 फरवरी 2021 को नोटिस का जवाब दाखिल किया। इसे सहायक आयुक्त बाबूराम नेगी ने खारिज करते हुए कंपनी पर 98670981 रुपए का जुर्माना लगाया और कंपनी को जुर्माने की राशि पांच अप्रैल 2021 तक जमा करने के आदेश पारित किए। जांच की इसी कड़ी में डमटाल स्थित एक अन्य कंपनी टेंड्रोन को भी आइटीसी का फ्रॉड करने पर 6.11 करोड़ रुपए का नोटिस भेजा गया है और इस कंपनी का भी क्रेडिट लेजर ब्लॉक कर दिया है।

इस कारण कंपनी ने फरवरी में GST के रूप में 7981044 रुपए कैश में जमा किया। इस कंपनी के बारे में अध्ययन कर जांच की जा रही है। कंपनी द्वारा दाखिल जवाब में दिए गए सभी तथ्यों को समझने के पश्चात जुर्माने का आदेश किया जाएगा। डिप्टी कमिश्नर राज्य कर और आबकारी विभाग टिक्‍कम ठाकुर ने बताया कि इन कंपनियों को टैक्स चोरी करने के मामले में जुर्माना लगाया गया है। अगर कोई भी कंपनी इस प्रकार का फ्रॉड करती है तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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