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वीरभद्र सिंह के अंतिम दर्शन:'राजा साहब' को पुष्पांजलि भेंट कर भावुक हुए राहुल गांधी, विक्रमादित्य का हाथ पकड़कर पहुंचे गाड़ी तक; शनिवार को होगा पूर्व सीएम का अंतिम संस्कार

शिमला3 महीने पहले
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शिमला में हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित करते कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी। - Dainik Bhaskar
शिमला में हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित करते कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी।

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह हमारे बीच नहीं रहे। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान हौली लॉज से सुबह 9 बजे रिज मैदान पर लाया गया। रिज मैदान से उनका पार्थिव शरीर राजीव भवन कांग्रेस में दर्शन के लिए रखा गया है। यहां दोपहर 1 बजे तक उनके पार्थिव शरीर को रखा गया। श्रद्धांजलि देने के लिए कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी आए। वीरभद्र सिंह को पुष्पांजलि देने दिल्ली से शिमला पहुंचे राहुल गांधी भावुक हो गए।

राहुल गांधी ने पार्टी कार्यालय में कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह और प्रतिभा सिंह का ढांढस बंधाते हुए उन्हें सांत्वना दी। करीब 15 मिनट तक वह पार्टी कार्यालय में रहे। वहां से बाहर आने के बाद वह सीधे गाड़ी में नहीं बैठे, बल्कि विक्रमादित्य सिंह का हाथ पकड़कर उस वाहन तक पहुंचे, जिसमें वीरभद्र सिंह के पार्थिव शरीर को रखा गया था। इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने उन्हें यहां श्रद्धांजलि दी।

वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा।
वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा।

शनिवार को दोपहर 3 बजे होगा अंतिम संस्कार

आज दोपहर एक बजे पार्थिव शरीर को लेकर परिवार रामपुर के लिए रवाना हुआ। वीरभद्र सिंह की अंतिम यात्रा विधानसभा के पास से गुजरी। शाम 6 बजे पार्थिव शरीर रामपुर पहुंचा। 10 जुलाई शनिवार को पदम पैलेस रामपुर में सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक पार्थिव शरीर दर्शन के लिए रखा जाएगा। शाम 3 बजे रामपुर में अंतिम संस्कार होगा।

कोरोना और मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण हुआ निधन

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हिमाचल प्रदेश के 6 बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह का गुरुवार तड़के आईजीएमसी शिमला में निधन हो गया। वे 87 वर्ष के थे। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक राज ने बताया कि सुबह 3 बजकर 40 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली।

12 अप्रैल और 11 जून को वह दो बार कोरोनावायरस से ग्रसित पाए गए थे, जिसके बाद उनकी तबीयत खराब रहने लगी थी। वीरभद्र सिंह पिछले करीब दो महीने से अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन सोमवार को उनकी तबीयत ज्यादा खराब होने पर डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा था। तब से वीरभद्र सिंह बेहोशी की हालत में थे और गुरुवार सुबह मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण उनकी मौत हो गई।

वीरभद्र सिंह के निधन पर 15 दिनों के शोक की घोषणा की गई है। इस दौरान पार्टी के कोई भी राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित नही होंगे। पार्टी महासचिव रजनीश किमटा ने यह जानकारी दी।

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