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अलविदा वीरभद्र सिंह:रामपुर में पंचतत्व में विलीन हुए 'राजा साहब', शवयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, लोकवाद्य यंत्रों की धुनों के साथ दी गई अंतिम विदाई

शिमला3 महीने पहले
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शमशान घाट तक अंतिम यात्रा पर निकले राजा साहब वीरभद्र सिंह। - Dainik Bhaskar
शमशान घाट तक अंतिम यात्रा पर निकले राजा साहब वीरभद्र सिंह।

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का अंतिम संस्कार शनिवार को शिमला जिले के रामपुर बुशहर में किया गया। उनके पार्थिव शरीर को रामपुर के पदम पैलेस में रखा गया था, जहां लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए। दोपहर बाद जोगणी बाग के श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मौजूद रहे।

इससे पहले उनकी अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोग उमड़े और अपने प्रिय नेता के अंतिम क्षणों में साथ रहे। वहीं शनिवार सुबह वीरभद्र सिंह की अंत्येष्टि से पहले उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह का सांकेतिक राजतिलक हुआ। मंत्रोच्चारण के बीच परंपरा का निर्वाह किया गया। 4 ठहरी का बाज भी बजाया गया और जयकारा भी लगाया गया। विक्रमादित्य कृष्ण वंश के 123वें राजा बन गए हैं।

शिमला स्थित निवास स्थान होली हॉज में रखा वीरभद्र सिंह का पार्थिव शरीर।
शिमला स्थित निवास स्थान होली हॉज में रखा वीरभद्र सिंह का पार्थिव शरीर।

अंतिम संस्कार में भाग लेने को साेनिया ने 4 को भेजा

वीरभद्र सिंह के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष साेनिया गांधी ने 4 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल नामित किया है, जो रामपुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से मौजूद रहेगा। इस प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष पवन बंसल, अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य आनंद शर्मा और प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला शामिल हैं। राजीव शुक्ला पिछले 2 दिनों से शिमला में ही हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सीधे रामपुर पहुंचेंगे। प्रदेश कांग्रेस महासचिव रजनीश किमटा ने बताया कि कल रामपुर में वीरभद्र सिंह के अंतिम संस्कार में कांग्रेस कमेटी के सचिव संजय दत्त, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री सहित सभी विधायक, पूर्व विधायक और पार्टी पदाधिकारी विशेष तौर पर मौजूद रहेंगे। कांग्रेस पार्टी ने अपना एक महान व्यक्तित्व, जननायक खोया है, जिनकी अंतिम विदाई में पार्टी की ओर से कोई कमी नही रहने दी जाएगी।

वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते राहुल गांधी।
वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते राहुल गांधी।

राजा साहब के अंतिम दर्शनार्थ उमड़ा जनसैलाब

वीरभद्र सिंह का देहांत गुरुवार तड़के करीब 4 बजे हुआ था। उस दिन राजा साहब का पार्थिव शरीर उनके शिमला स्थित आवास हौली लॉज में रखा गया। इसके बाद शुक्रवार सुबह आम लोगों के दर्शनार्थ रिज मैदान पर लाया गया, जहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इसके बाद पार्थिव देह कांग्रेस भवन ले जाई गई, जहां राहुल गांधी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। यहां से वीरभद्र सिंह के पार्थिव शरीर को रामपुर ले जाया गया, जहां पहुंचने पर उनके दर्शनों के लिए जनसैलाब उमड़ा। शिमला से रामपुर तक लोगों ने अपने लोकप्रिय नेता को अंतिम विदाई दी। इस दौरान लोगों ने वीरभद्र सिंह के पार्थिव शरीर पर फूल भी बरसाए।

वीरभद्र सिंह की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब।
वीरभद्र सिंह की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब।

कोरोना और मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण हुआ निधन

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हिमाचल प्रदेश के 6 बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह 87 वर्ष के थे। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक राज ने बताया कि गुरुवार तड़के 3 बजकर 40 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। 12 अप्रैल और 11 जून को वह दो बार कोरोनावायरस से ग्रसित पाए गए थे, जिसके बाद उनकी तबीयत खराब रहने लगी थी। वीरभद्र सिंह पिछले करीब दो महीने से अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन सोमवार को उनकी तबीयत ज्यादा खराब होने पर डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। तब से वीरभद्र सिंह बेहोशी की हालत में थे और गुरुवार सुबह मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण उनकी मौत हो गई। वीरभद्र सिंह के निधन पर 15 दिनों के शोक की घोषणा की गई है। इस दौरान पार्टी के कोई भी राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित नही होंगे। पार्टी महासचिव रजनीश किमटा ने यह जानकारी दी।