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कोरोना का असर:कोरोना की दूसरी लहर में उखड़ी पर्यटन, उद्योग की सांसें, रोज करोड़ों का नुकसान

धर्मशाला19 दिन पहले
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  • कोई राहत न मिलने से लगभग 30 हजार करोड़ का हो चुका है नुकसान : अजय महाजन

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय महाजन ने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र तथा प्रदेश सरकार की बेरुखी के चलते प्रदेश का पर्यटन उद्योग (होटल इंडस्ट्री) डूबने के कगार पर है। कोरोना महामारी से लॉक डाउन के बाद से मार्च 2020 से जूझ रहे इस पर्यटन उद्योग को सरकार का सहारा न मिलने से पर्यटन उद्योग अपने को लावारिस सा महसूस कर रही है।

केंद्र तथा प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटन उद्योग को बचाने के लिए किसी भी प्रकार की ठोस योजना धरातल में नहीं उतारी गई जिसके कारण कोरोना की दूसरी लहर में अब पर्यटन उद्योग अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है। महाजन ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान सरकार के दिशा निर्देशों को समय समय पर मानने वाली प्रदेश के पर्यटन उद्योग को कोई भी राहत न मिलने से लगभग 30 हजार करोड़ का नुकसान हो चुका है जबकि जिला कांगड़ा के पर्यटन उद्योग को 7 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है।

महाजन ने कहा कि बैंकों से एनपीए से बचने के लिए आधे से ज्यादा होटल मालिक अपने होटल बेचने को तैयार है। महाजन ने कहा कि प्रदेश में होटल संचालको ने अपनी जीवन की पूंजी तथा बैंकों से करोड़ों रुपए लोन लेकर होटल खड़े किए है तथा कोरोना महामारी के दौरान 14 माह में महज 2 माह होटल इंडस्ट्री ने कारोबार किया है जबकि एक साल होटलों का व्यापार पूरी तरह से चौपट रहा जिसके चलते भारी भरकम लोन की किस्तें व व्याज चुकाना होटल मालिकों के लिए चुनौती बना हुआ है। महाजन ने कहा कि पर्यटन उद्योग में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 7 लाख 50 हजार लोग रोजगार कमा रहे थे लेकिन उनमें से अब 90 प्रतिशत लोग बेरोजगार हैं तथा केंद्र व प्रदेश सरकार का इस वर्ग को आर्थिक सहायता देने के लिए कोई योगदान नहीं है। महाजन ने कहा कि केंद्र सरकार के पास कर्मचारियों के लिए ईएफआई फंड्स का प्रावधान होता है जिसके तहत बेरोजगार हुए कर्मचारियों को भत्ता लगाया जाना चाहिए।

विभिन्न बिल माफ करने के साथ कुछ आकर्षक पैकेज घोषित करे सरकार: संजीव गांधी

होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन स्मार्ट सिटी धर्मशाला के महासचिव संजीव गांधी ने कहा कि लगातार दो पर्यटन सीजन खराब हो जाने से होटलियर्स की चिंता बढ़ गई है। अधिकांश इकाइयों को अगले महीने 21 जून तक एनपीए घोषित किया जाएगा।

अधिकांश लोगों के पास उनकी मासिक किश्तों को चुकाने के पैसे नहीं है। संजीव गांधी ने सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि पर्यटन क्षेत्र की अनदेखी न करें जो प्रमुख रोजगार प्रदाता, राजस्व उत्पादक और राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में प्रमुख योगदानकर्ताओं में से एक है और उनकी सभी वार्षिक नवीकरण शुल्क, बिजली पानी के बिलों को माफ करने के साथ कुछ आकर्षक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। राज्य में पर्यटन उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए कर शुल्क और हिमाचल प्रदेश को अगले दो वर्षों के लिए कर अवकाश राज्य के रूप में घोषित किया जाए।

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