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जज्बे को सलाम:पर्यावरण का संदेश देने के लिए 2800 किलोमीटर पैदल चले वीरेंद्र ठाकुर, कुल्लू से शुरू होकर केरल में समाप्त हुई यात्रा

कुल्लू2 महीने पहले
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वीरेंद्र ठाकुर का स्वागत करते माता-पिता और पंचायत अधिकारी। - Dainik Bhaskar
वीरेंद्र ठाकुर का स्वागत करते माता-पिता और पंचायत अधिकारी।

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला की फोजल पंचायत की धारा गांव निवासी वीरेंद्र ठाकुर ने पर्यावरण का संदेश देने के लिए 2800 किलोमीटर का पैदल सफर पूरा किया। यह पैदल यात्रा वीरेंद्र ने कुल्लू जिला के डोभी नामक स्थान से शुरू की थी और केरल राज्य के कासर बोर्ड शहर में समाप्त हुई। वीरेंद्र के अनुसार यह सफर उन्होंने 48 दिनों में पूरा किया है। हालांकि केरल से वापस कुल्लू तक पहुंचने की योजना साइकिल के माध्यम से थी, लेकिन केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र में मानसून शुरू होने के कारण वापसी का साइकिल का सफर स्थगित करना पड़ा है।

इसलिए कुल्लू अपने घर लौट गया है। जिला मुख्यालय कुल्लू पहुंचने पर पोजल पंचायत के प्रधान कहना सिंह सहित बीडीसी मेंबर वार्ड पंच और माता-पिता व ग्रामीणों ने वीरेंद्र का फूल मालाओं के साथ स्वागत किया। वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि उनकी इस पैदल यात्रा का मुख्य उद्देश्य कुल्लू जिला और हिमाचल प्रदेश के लोगों को यह संदेश देना था कि वे हिमाचल प्रदेश से बाहर जाने से कतराए नहीं। अपने क्षेत्र और जिला से बाहर निकलने से हम कुछ ना कुछ नया सीखते हैं। हालांकि उनके रास्ते में कई बाधाएं आईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आगे बढ़ता गया।

3 दिनों तक बिस्किट के सहारे रहा

वीरेंद्र ने बताया कि लॉकडाउन के कारण उन्हें 3 दिन तक खाने के लिए कुछ नहीं मिला तो उन्होंने जो चीजें अपने बैग में डाल रखे थे, उसके सहारे ही 3 दिन बिताए। यह उनके लिए बहुत ही कठिन दौर था। इस दौरान खुद को जिंदा रखना बड़ी चुनौती थी। इसके अलावा जब राजस्थान पहुंचा तो एक मोटरसाइकिल सवार ने मेरा मोबाइल छीनने की कोशिश की, लेकिन मैंने मोबाइल इस तरह पकड़ रखा था कि वह नहीं छीन पाया। कर्नाटक राज्य के गांव बहुत ही दूर-दूर हैं और रास्ता जंगल भरा है। इस दौरान उन्हें काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा और अपना तंबू रात को जंगल में ही लगाना पड़ा, जहां जंगली जानवरों का खतरा था। लेकिन यह बाधा भी पार कर ली और यात्रा पूरी करके घर लौट आया।

इन राज्यों से होकर पूरा किया सफर

वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि उन्होंने अपना सफर हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला से शुरू किया था, जो पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दक्षिण के राज्यों में पूरा किया।

माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं

वीरेंद्र ठाकुर की माता तारा देवी और पिता श्यामलाल ने बेटे वीरेंद्र का कुल्लू पहुंचने पर फूल मालाओं से स्वागत किया और इस दौरान दोनों बेहद खुश नजर आए। उन्होंने अपने बेटे को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। इस दौरान मनाली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेसी नेता भुवनेश्वर गॉड, जिला परिषद अध्यक्ष पंकज परमार, उपाध्यक्ष वीर सिंह ठाकुर सहित कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी वीरेंद्र सिंह को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी।