कोरोना वायरस / कोविड-19 अस्पतालों में तैनात होने वाले डॉक्टर्स, स्वास्थ्य कर्मचारियों को नहीं मिलेगा अब 14 दिन का क्वारेंटाइन

Doctors, health workers to be posted in Kovid-19 hospitals, will not get 14-day quarantine
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Doctors, health workers to be posted in Kovid-19 hospitals, will not get 14-day quarantine

  • सरकार के आदेश से कर्मचारियों में हड़कंप, डॉक्टर्स एसोसिएशन ने कहा कि इनके घर जाते ही संक्रमण फैलने का होगा खतरा

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 06:33 AM IST

हमीरपुर. राज्य भर में तय किए गए कोविड-19 अस्पतालों व  नॉन कोविड अस्पतालों में तैनात किए जा रहे डॉक्टर पैरामेडिकल स्टाफ व दूसरे कर्मचारियों को अब भर्ती किए जा रहे कोरोना पॉजिटिव मरीजों मरीजों के उपचार संबंधित ड्यूटी देने के बाद 14 दिन का इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाइन व होम क्वारेंटाइन नहीं मिलेगा। इसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी के बाद राज्य नेशनल हेल्थ मिशन व प्रदेश सरकार के एडिशनल चीफ सेक्रेट्री हेल्थ की ओर से सभी सीएमओ, मेडिकल कॉलेज प्रशासकों व दूसरे स्वास्थ्य संस्थानों को दिशानिर्देश जारी हो गए हैं।

इन आदेशों के जारी होते ही स्वास्थ्य विभाग से जुड़े डॉक्टर पैरामेडिकल कर्मचारियों के साथ-साथ एसोसिएशनों में भी हड़कंप मच गया है। जो एडवाइजरी जारी की गई है उसके तहत केवल उन्हीं कर्मचारियों को क्वारेंटाइन किया जा सकेगा जो हाई रिस्क या पॉजिटिव मरीजों के सीधा संपर्क में होने पर सिमटम संबंधित उन्हें कोई समस्या होगी।
बढ़ता जा रहा है हर रोज ग्राफ...प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का ग्राफ दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इसके लिए मरीजों को भर्ती करने को कोविड-19 अस्पताल केंद्र बनाए गए हैं। राज्यभर के मेडिकल कॉलेजों या जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से वहां डॉक्टर ,स्टाफ नर्स ,फार्मासिस्ट , लैब टेक्नीशियन व दूसरे कर्मचारियों को शिफ्ट वाइज भेजकर तैनात किया जा रहा है।

इसके बाद उन्हें 14 दिन का इंस्टीट्यूशनल व होम क्वारेंटाइन पर रखा जा रहा था। हालांकि इसके पीछे तर्क यह भी दिया जा रहा है कि इसकी वजह से कर्मचारियों की भी कमी होने लगी है, लेकिन अब कुछ मेडिकल कॉलेजों में तो इस एडवाइजरी को लेकर माथापच्ची भी प्रशासनिक स्तर पर शुरू हो गई है कि किस तरह इसे अमलीजामा पहनाया जा सके ताकि दूसरे लोगों को भी संक्रमण होने से बचाया जा सके।
दो एसोसिएशन ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग 
हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन और प्रदेश रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के सीईसी की संयुक्त बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। इस बैठक का मुख्य मुद्दा स्वास्थ्य कर्मियों को कोविड वार्ड्स में ड्यूटी करने के पश्चात क्वारेंटाइन पीरियड जो कि 14 दिन का होता है नहीं देने बारे विचार विमर्श किया गया। 
एचएमओए के राज्य महासचिव डॉ पुष्पेंद्र वर्मा का कहना है कि सभी एकमत थे कि स्वास्थ्य कर्मियों को 14 दिन का क्वारेंटाइन पीरियड  ,कोविड  ड्यूटी करने के बाद मिलना ही चाहिए, अन्यथा इससे ना केवल स्वास्थ्य कर्मी के परिवार व दूसरे स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण फैलने का खतरा होगा, वहीं  सबसे बड़ा खतरा कम्युनिटी स्प्रेड का होगा।

इसलिए सभी चिकित्सक एकमत थे कि महामारी के संक्रमण को देखते हुए और जनता की भलाई  मे क्वारेंटाइन पीरियड 14 दिन का जो कोबिड में ड्यूटी करने के बाद आवश्यक है उसको जारी रखा जाना चाहिए क्योंकि पिछले दिनों ही टांडा मेडिकल कॉलेज  में एक चिकित्सक क्वारेंटाइन पीरियड के दसवें दिन पॉजिटिव आए थे,तो इससे यह स्पष्ट होता है कि चाहे जितनी भी सावधानी बरती जाए लेकिन एक संभावना हमेशा रहती है कि स्वास्थ्य कर्मी इससे संक्रमित हो सकते हैं । एसोसिएशन केेे प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य कर्मचारियों का क्वारेंटाइन समय 14 दिन का रखें।

  • कर्मचारियों को क्वारेंटाइन करने को लेकर एडवाइजरी मिली है। कॉलेज प्रशासन की ओर से ही जो तय किया जाएगा उस आधार पर अगली प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। -डॉ अनिल वर्मा,  एमएस एवं नोडल अधिकारी मेडिकल कॉलेज हमीरपुर

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