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इतनी जल्दबाजी क्यों:केसीसी बैंक में एक तरफ निदेशक मंडल के चुनावों की नोटिफिकेशन, दूसरी तरफ धड़ाधड़ हो रहे हैं तबादले

हमीरपुर10 महीने पहले
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  • कर्मचारियों में मचा हड़कंप, डेढ़ सौ से ज्यादा तबादले हो चुके हैं मंगलवार तक, इतने तबादले समझ से बाहर
  • निदेशक मंडल में निर्वाचित तरीके से भेजे जाते हैं करीब 16 सदस्य

कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक में निदेशक मंडल के चुनावों की नोटिफिकेशन हुए कई दिन हो गए हैं, लेकिन उसके बाद बैंक कर्मचारियों के तबादलों की जो मुहिम शुरू हुई है, उससे केसीसी बैंक के भीतर हड़कंप मचा हुआ है। समस्या यह है कि नोटिफिकेशन हो जाने के बाद आचार संहिता लागू हो जाती है और तबादलों के अलावा भर्ती प्रक्रिया भी स्थगित हो जाती है। लेकिन कर्मचारी परेशान हैं, क्योंकि एक के बाद एक अभी तक तकरीबन आधा दर्जन अलग-अलग सूचियों के तहत डेढ़ सौ कर्मचारियों के तबादला आदेश निकल चुके हैं। इनमें 62 कर्मचारियों की सूची अलग से निकली है। उसके अलावा 34 कर्मचारियों की सूची भी है। 33 कर्मचारियों के तबादले अलग से हुए हैं। और 2,2 की सूची भी जारी हो चुकी है।

दूर-दूर कर दिए हैं तबादले

कर्मचारियों की असल समस्या यह भी है कि जो कर्मचारी इसी साल रिटायर होने हैं या जिनकी रिटायरमेंट का समय बिल्कुल नजदीक है, वे भी दूर दराज के इलाकों में स्थानांतरित कर दिए गए हैं। तबादलों के पीछे कारण क्या है? यह कर्मचारियों को समझ नहीं आ रहा और ना ही इसका कोई कारण बताया जा रहा है। लेकिन कोविड-19 के बीच इस तरह के तबादलों की बौछार हो जाने से केसीसी बैंक के भीतर की व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। वजह यह है कि निदेशक मंडल के चुनावों की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और चेयरमैन का चुनाव 30 सितंबर को होना तय है। काबिले गौर है कि 21 सदस्यीय इस निदेशक मंडल में 16 सदस्य निर्वाचित तरीके से भेजे जाते हैं, जबकि अन्य नॉमिनी के रूप में इस में शिरकत करते हैं।

आरसीएस ने जारी की है यह नोटिफिकेशन

इधर केसीसी बैंक के चेयरमैन डॉ. राजीव भारद्वाज का कहना है कि यह नोटिफिकेशन आरसीएस ने जारी की है। लेकिन जब तक बैंक नोटिफिकेशन नहीं करता, तब तक तबादले हो सकते हैं। चुनाव आचार संहिता उसी के बाद लागू होगी। यह तबादले उन्हीं ब्रांचों के किए गए हैं, जहां पर काम संतोषजनक नहीं था।

एनआईटी हमीरपुर में ललित अवस्थी को बनाया कार्यकारी निदेशक

मंगलवार को एनआईटी हमीरपुर का माहौल कुछ बदला-बदला दिखा। वजह यह थी कि मौजूदा निदेशक विनोद यादव की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां छीन लिए जाने के बाद जालंधर स्थित एनआईटी के डायरेक्टर ललित अवस्थी को यहां का नया कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है। उन्होंने ऑनलाइन इस संस्थान का कार्यभार भी संभाल लिया है। वे दो दिन बाद संस्थान का दौरा भी करेंगे। काबिले गौर है कि पिछले काफी समय से डायरेक्टर विनोद यादव इस संस्थान में हुई भर्तियों को लेकर विवादों के कटघरे में खड़े हुए थे।

उन पर एक के बाद एक कई तरह के आरोप लगाए गए थे आरोप भी ऐसे थे जिन पर सफाई संस्थान दे नहीं पाया कई लोगों को वित्तीय फायदा पहुंचाने के आरोप भी लगे सबसे है मारो पिया था कि इस संस्थान में उनकी मौजूदगी संस्थान के नुकसान में ज्यादा काम कर रही थी क्योंकि फैकल्टी का पुराना कुनबा उनसे दूर हो गया था उसे दर्जी नहीं दी जा रही थी कई नए प्रोफेसर को लोन दिए जाने की स्वीकृति भी विवादों में रही एक ही राज्य से एक ही समुदाय के कई लोगों को यहां भर्ती करके डायरेक्टर ने जो मुसीबत मोल ली है उसका अंत क्या होगा यह पता तो जांच के बाद ही चल पाएगा। लेकिन इतना तय है कि प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां मिलने के बाद कार्यकारी डायरेक्टर के रूप में जालंधर एनआईटी के डायरेक्टर को कार्यभार सौंपना मौजूदा डायरेक्टर के लिए परेशानी का सबब तो बना ही है। उधर, आरोपों की  जांच करने के लिए एमएचआरडी के सचिव स्तर के अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा गया है, वे एक महीने में जांच को पूरी कर लेंगे।

राणा ने भी भेजा था आरोप पत्र
दीगर वात यह है कि सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने आरोपों का एक पत्र एनआईटी के डायरेक्टर और चेयरमैन के अलावा एमएचआरडी को भेजा था। लेकिन बाद में उन्होंने 4 पन्नों के सवाल भी दागे। जिनका जवाब संतोषजनक नहीं मिल पाया और जब उनके अलावा स्टूडेंट्स द्वारा भेजी गई शिकायतें मानव संसाधन मंत्रालय में पहुंचीं। तो उसी समय बीओजी के चेयरमैन चंद्रशेखर ने भी संस्थान के मुखिया पर लगे इन आरोपों को गंभीर मानते हुए अलग से पत्र एमएचआरडी को भेजा। काबिले गौर है कि आरोपों के इस घटनाक्रम के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी कार्रवाई करने के लिए एमएचआरडी के मंत्री से मिले थे।
एक प्रोफेसर के साथ मेन गेट पर हो गई झड़प : एनआईटी में माहौल बदलते ही मंगलवार को एक प्रोफेसर को अपने ही साथियों पर तंज कसना भारी पड़ गया पुणे संस्थान के भीतर एक जगह पर दूसरे साथियों के को का शिकार होना पड़ा उसकी उनसे झड़प हो गई लेकिन बीच बचाव करते वह भाग गया जिस कारण कोई बड़ी घटना नहीं हो पाई।  

एनआईटी हमीरपुर का चार्ज ऑनलाइन व्यवस्था से संभाल लिया है। कोविड-19 महामारी की वजह से वे व्यक्तिगत रूप में संस्थान में मंगलवार को आ नहीं सकते थे। इसलिए दो-तीन दिनों के बाद जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, यहां का दौरा करेंगे। -डॉ ललित अवस्थी, डायरेक्टर एनआईटी जालंधर।

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