लापरवाही / कब और कौन उठाएगा कोरोना पॉजिटिव मरीजों के बिस्तर

When and who will pick up the beds of Corona positive patients
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When and who will pick up the beds of Corona positive patients

  • क्वारेंटाइन सेंटरों में ज्यों के त्यों लगे हैं बिस्तर, मैन्यू के हिसाब से बढ़िया खाना अब लगा मिलने

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 07:11 AM IST

हमीरपुर. (विक्रम ढटवालिया) क्वॉरेंटाइन सेंटरों से पॉजिटिव होकर निकले कोरोना मरीजों के बिस्तर संबंधित सेंटरों पर ज्यों के त्यों सजे हुए हैं। उनके अगल बगल में क्वारेंटाइन किए गए लोग रह रहे हैं। कायदे में पॉजिटिव मरीज को ले जाने के तुरंत बाद इस हाॅल काे पूरी तरह सेनिटाइज किया जाना चाहिए। लेकिन विडंबना यह है कि जिन लोगों के हवाले महत्वपूर्ण व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी दी गई है, वे लापरवाही ही नहीं, बेपरवाह होकर काम कर रहे हैं। इस कारण अभी भी इन सेंटरों के भीतर ठहराए गए बाहरी लोगों को परेशानी में डाल दिया है।
जिला के कई क्वारेंटाइन सेंटराें में ऐसी लापरवाही वाली व्यवस्था बेवजह ही क्यों बनाई गई है इस पर संबंधित अधिकारी जवाबदेही देने से बच रहे हैं वह फोन पिक नहीं कर रहे कायदे में पॉजिटिव मरीज को ले जाने के तुरंत बाद ही उस स्थान की पूरी तरह सेनिटाइजेशन होनी चाहिए और संबंधितों के बिस्तर फौरन उठा दिए जाने चाहिए। कई और क्वारेंटाइन सेंटरों से भी इसी तरह की सूचनाएं मिल रही हैं। समस्या यह है कि मीडिया के लोग वहां तक पहुंच नहीं बना सकते, इसीलिए यह लापरवाही निरंतर अब भी जारी है।

सेंटर के अंदर रखे डस्टबिन भी हैं भरे हुए

दियोटसिद्ध स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट की जिस सराय में दर्जनों लोगों को क्वारेंटाइन किया गया है। वहां भी करीब एक दर्जन को रोना पॉजिटिव मरीज पाए गए थे मगर उनके बेड भीतर से अभी भी उठाए नहीं गए। सूत्रों के मुताबिक 3 दिन पहले रात को वहां से ऐसे पॉजिटिव में लोगों को ले जाया गया था मगर भीतर रहने वाले क्वारेंटाइन किए गए लोग अभी भी इन बिस्तरों को उठाए जाने और पूरे हॉल को सेनिटाइज करने की राह देख रहे हैं यही नहीं भीतर में उनके डस्टबिन भी लबालब हैं। उन्हें कौन खाली करवाएगा।
मीनू के हिसाब से ही दिया जा रहा खाना
क्वारेंटाइन सेंटरों पर खानपान के मैन्यू को भी अब कई जगह लागू कर दिया गया है। दियोटसिद्ध स्थित क्वारेंटाइन सेंटर में शनिवार से बेहतर खाना मिलना शुरू हो गया है ब्रेकफास्ट से लेकर डिनर तक अब ठहराए गए लोगों के लिए अच्छा बन गया है जिसकी वह 4 दिन से राह देख रहे थे। हरी सब्जियां और सलाद के अलावा सुबह ब्रेकफास्ट में पूरी भाजी और हलवा भी मिलने लगा है। हमीरपुर के एसडीएम डॉ. चिरंजीलाल का कहना है कि तमाम सेंटर्स पर साप्ताहिक मीनू के हिसाब से ही खाना दिया जा रहा है।

सभी सेंटर्स को किया जा रहा सेनिटाइज: मीणा

इधर, जिला प्रशासन ने एनआईटी में क्वारेंटाइन सेंटर बना दिया है पिछले 3 दिनों से उसे संस्थागत क्वारेंटाइन सेंटर बनाने की तैयारियां चल रही थीं। उपायुक्त हरिकेश मीणा का कहना है कि यहां 180 बिस्तरों की बेहतर व्यवस्था बनाई गई है और सभी लोगों को अलग-अलग कमरों में रखने का भी बेहतर प्रबंध किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन क्वारेंटाइन सेंट्रो के भीतर पॉजिटिव मरीजों को ले जाने के बाद सेनिटाइज नहीं करने की बात कही जा रही है, वह गलत है। सभी सेंटर्स को पूरी तरह सेनिटाइज किया जा रहा है।
विभाग के स्टाफ को भी हैं कई दिक्कतें
इधर, नालटी रोड पर स्थित एक निजी होटल में शनिवार को शिफ्ट किए गए फोर्थ क्लास के कर्मचारियों और स्वास्थ्य विभाग के अन्य स्टाफ को भी दिक्कतें हैं। क्योंकि वहां पानी की दिक्कत है और कमरों में लगाए गए ज्यादातर एलसीडी बंद हैं। एक कर्मचारी ने फोन पर बताया कि यहां कोई भी उन्हें सुनने वाला नहीं है। वह डुग्गा सेंटर से ड्यूटी देकर बडू के क्वारेंटाइन सेंटर से यहां शिफ्ट किए गए हैं। इस शिफ्टिंग के बाद उनकी कई समस्याएं सामने उभर कर आई हैं। विभाग को उनकी समस्याओं के भी समाधान करने चाहिए।

  • पॉजिटिव कोरोना मरीजों को क्वारेंटाइन सेंटर से उठाने के तुरंत बाद ही पूरी तरह सेनिटाइज करने और संबंधितों के बिस्तर उठाने का सिस्टम है। -डॉ अर्चना सोनी, सीएमओ

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