टीएमसी में नवजात की मौत पर हंगामा:रिश्तेदारों का आरोप-बच्चे के सिर पर औजारों से लगा था कट का निशान

कांगड़ा9 महीने पहले
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डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद टांडा मेडिकल कॉलेज(टीएमसी)में नवजात बच्चे की मौत हो गई। तीमारदारों का आरोप है कि कोई भी वरिष्ठ डॉक्टर लेबर रूम में उनकी पत्नी और बच्चे को देखने तक नहीं आया। ठाकुर नीरज राणा ने बताया कि उनकी पत्नी को उन्होंने 5 अगस्त को टांडा अस्पताल में डिलीवरी के लिए एडमिट किया। रात 11 बजे उनकी पत्नी को लेबर पेन होनी शुरू हुई। इसके बाद उनकी पत्नी को लेबर रूम में डिलीवरी के लिए रात को 2 बार ले जाया गया।

स्टाफ ने उनकी पत्नी को वहीं रखवाकर बाकी घरवालों को भेज दिया व कहा-अभी उन्हें दर्द महसूस नहीं हो रहा। उनकी पत्नी को दर्द हो रही थी। नर्सें उनकी पत्नी को अगले दिन 9.30 बजे फिर से लेबर रूम मंे ज्यादा दर्द होने के चलते ले गई। 1.30 बजे उनके पति को अंदर बुलाया गया व उनकी पत्नी को टीका लगाया गया। शाम 4 बजे फिर से उनके परिवार से किसी महिला को बुलाया गया।

उन्होंने गर्भवती महिला को जोर लगाने के लिए कहा। जबकि टीका लगा होने से महिला को दर्द महसूस नहीं हो रहा था। उसके बाद प्रशिक्षु डॉक्टर द्वारा औजारों की सहायता से बच्चे को बाहर निकाला गया। उन्हें लड़का हुआ था। फिर आईसीयू वार्ड में उन्हें डॉक्टर ने बताया कि बच्चे की हालत बहुत खराब है व बचना मुश्किल है। उन्होंने देखा कि बच्चे के सिर पर कट का बड़ा निशान देखा गया। काफी खून भी निकल चुका था। फिर डॉक्टर ने बच्चे के सिर पर करीब 7-8 टांके लगाए। उनका बच्चा बच नहीं पाया।

प्रिंसिपल डॉ भानु अवस्थी ने बताया कि शिकायत के आधार पर एमएस टांडा को जांच के आदेश जारी किए हैं। जांच चल रही है। अब इस मामले में लापरवाही कहां और किस से हुई है यह पता लगाया जाना है।

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