आज शवों को लाया जाएगा बेस कैंप:दूसरे दिन काह गांव से शुरू किया रेस्क्यू अभियान, 14 पर्वतारोही मिले, शवों को लाने का प्रयास शुरू

कुल्लू2 महीने पहले
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एडीएम काजा मोहन दत्त ने रेस्क्यू दल को दिए आवश्यक निर्देश। - Dainik Bhaskar
एडीएम काजा मोहन दत्त ने रेस्क्यू दल को दिए आवश्यक निर्देश।

खंमीगर ग्लेशियर में फंसे पर्वतारोहियों को रेस्क्यू करने के लिए 32 सदस्यीय रेस्क्यू दल ने मंगलवार सुबह साढ़े तीन बजे पिन घाटी के काह गांव से अपना रेस्क्यू ऑपरेशन आरंभ कर दिया है और काह गांव में अपना बेस कैंप स्थापित किया है जहां से इस रेस्क्यू ऑपरेशन को ऑपरेट किया जाएगा। रेस्क्यू दल को रास्ते में पर्वतारोही का 14 सदस्यीय धार चांको में मिल गया है। पर्वतारोही दल ने दोनों शवों को खंमीगर ग्लेशियर पर ही छोड़ कर नीचे उतरने का फैसला किया था। देर शाम तक 14 पर्वतारोही दल काह बेस कैंप तक पहुंच जाएंगे।

जबकि दोनों शवों को लाने के लिए रेस्क्यू दल अभी चढ़ाई कर रहा है। बुधवार सुबह दोनों शवों को नीचे लाने का कार्य शुरू होगा। रेस्क्यू दल मंगलवार को धार चांगो में ही रुकेगा। उपायुक्त नीरज कुमार ने बताया कि एडीएम मोहन दत शर्मा ने रेस्क्यू दल को दिशा निर्देश दिए हैं। वहीं दो पुलिस कर्मी हेड कांस्टेबल करतार सिंह और कांस्टेबल अश्वनी कुमार काह गांव में बने बेस कैंप में तैनात किए गए हैं। रेस्क्यू दल जीपीएस सिस्टम से लैस है। पर्वतारोही सदस्य रेस्क्यू दल को मिल गए हैं जिन्हें बेस कैंप लाया जा रहा है।

रेस्क्यू दल में 16 जवान आईटीबीपी व 6 सदस्य डोगरा स्काउट है। इन्ही में एक चिकित्सक भी है। 10 पोटर यानि बोझा उठाने वाले है। माउंटेनियरिंग फाउंडेशन पश्चिम बंगाल का पर्वतारोही दल 15 सिंतबर को बातल से काजा के लिए वाया खंमीगर ग्लेशियर से रवाना हुआ था। लेकिन बर्फबारी के कारण आगे का सफर करने में दल असमर्थ हो गया। खंमीगर ग्लेशियर पर दो सदस्यों की मौत गई।

खराब मौसम के कारण ट्रैक पूरा नहीं कर पाए थे सदस्य
खराब मौसम और दो ट्रैकर की मौत होने के कारण सभी सदस्यों ने ग्लेशियर पर ही रुकने का फैसला लिया था और आगे का ट्रैक पूरा नहीं किया। इसके बाद एक पर्वतारोही और एक शारपा ने काजा एडीएम को दल के दो सदस्यों की मौत और अन्य सदस्यों के बारे में सूचना देने के लिए सुबह पहुंचा। इसी के बाद प्रशासन ने रेस्क्यू दल काजा से काह के लिए रवाना कर दिया था।

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