पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

सम्मान की बात:देश में चयनित दस हैंडलूम गांवों में शुमार होगा प्रदेश का शरण गांव

कुल्लू2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • सात अगस्त को नेशनल हैंडलूम दिवस पर होगा हैंडलूम विलेज का शुभारंभ, डीसी कुल्लू डॉ. ऋचा वर्मा की टीम तैयारियों में जुटी

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला का शरण गांव अब देश के चुनिंदा दस हैंडलूम गावों में शुमार हो जाएगा। 7 अगस्त को इस हैंडलूम गांव के शुभारंभ करने का कार्यक्रम आयोजन पतलीकूहल में तय हो गया है। यह आयोजन नेशनल हैंडलूम डे के उपलक्ष्य में होगा और इसका शुभारंभ वस्त्र मंत्री भारत सरकार स्मृति इरानी दिल्ली से वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से करेंगी। जबकि शिमला से प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी इस कार्यक्रम में वर्चुअल कार्यक्रम में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे।

शुभारंभ के बाद से धरोहर गांव नग्गर के साथ लगते शरण गांव की देश में एक अलग ही पहचान बनेंगी। दरअसल, भारत सरकार और हिमाचल सरकार की संयुक्त पहले से क्राफ्ट हैंडलूम विलेज के रूप में शरण गांव को विकसित किया जा रहा है और इसके साथ साथ देशभर के दस गांवों को क्राफ्ट हैंडलूम विलेज के लिए चुना गया है जिनमें से हिमाचल का यह शरण गांव भी एक हैं। शरण गांव को हैंडलूम बनाने का मकसद इस गांव को हैंडलूम पर्यटन के रूप में विकसित करना है।

ऐसे में अब इस गांव को हैंडलूम का दर्जा मिलेगा और पर्यटकों को आकर्षित करने में सहायक सिद्ध होगा। डीसी कुल्लू डॉ. ऋचा वर्मा की टीम आयोजन की तैयारियों में जुटी हुई है। इन राज्यों के दस गांव बनेंगे हैंडलूम विलेज देश के हिमाचल प्रदेश राज्य के शरण गांव के अलावा जम्मू काश्मीर, केरल, गुजरात, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान आदि राज्यों के गांवों को भी लिया गया है जिन्हें हैंडलूम विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। भारत सरकार और इन राज्यों की सरकारों ने मिलकर इन गांवों को विकसित करने की योजना बनाई है।

शरण’ की बनी विश्व में पहचान
धरोहर गांव नग्गर के साथ लगता शरण गांव पुरानी शैली के मकानों और परंपरागत वेषभूषा से परिपूर्ण है। यहां के लोग भेड़ पालन से जुडे़ हंै। ऊन का उत्पादन होने के कारण यहां ऊनी धागा ज्यादा होता है, लोग रच खडि्डयों पर पट्‌टू, चादर, दोहडू, शॉल व पट्टी के पारंपरिक उत्पादनों की बुनाई भी करते हैं जिनकी काफी अधिक मांग रहती है। शॉल का जीआई मार्क भी मिला हुआ है जिस कारण इसकी विश्व में पहचान बनी हुई है। गांव में 50 से अधिक वीवर्ज और 100 से अधिक घर हैं।

करीब डेढ़ करोड़ रुपए होगा खर्च
इस गांव में पर्यटक पहुंचे इसके लिए गांव को आकर्षक बनाया जा रहा है। केंद्र सरकार से 1 करोड़ 30 लाख रुपए और राज्य सरकार की ओर से करीब 15 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे गांव के बुनकरों को आधुनिक हथकरघे, सोलर लाई व व्यक्तिगत वर्कशैड प्रदान किए जा रहे हैं। एक सामान्य सुविधा केंद्र की स्थापना की जा रही है। तीन मंजिला भवन में बुनाई विभाग, म्यूजियम, पुस्तकालय, ओपन कैफेटेरिया आदि बनाया जाएगा। इस केंद्र में पर्यटक स्वयं बुनाई करने का अनुभव एवं जानकारी भी ले सकेंगे।

प्रशासन कर रहा है यह व्यवस्था

गांव को आकर्षक बनाने के लिए कुल्लू प्रशासन ने व्यापक रूपरेखा बनाई है जिसमें गांव की सीमा पर प्रवेश द्वार बनाए जाएगा। संपर्क रास्तों को पक्का किया जाएगा। स्ट्रीट सोलर लाइटें लगाई जाएंगी, हवाई अड्डा, राजमार्ग व चिन्हित पर्यटन स्थलों पर प्रचार होर्डिंग लगाए जाऐंगे।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- मेष राशि वालों से अनुरोध है कि आज बाहरी गतिविधियों को स्थगित करके घर पर ही अपनी वित्तीय योजनाओं संबंधी कार्यों पर ध्यान केंद्रित रखें। आपके कार्य संपन्न होंगे। घर में भी एक खुशनुमा माहौल बना ...

और पढ़ें