हिमाचल में टीके के कमी ने रोका वैक्सीनेशन का लक्ष्य:13 लाख लोगों काे पहला टीका लगाने काे चाहिए 10 लाख डोज, सरकार के पास सिर्फ साढ़े 3 लाख टीके

शिमला2 महीने पहले
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कमी के कारण हिमाचल में सभी 55 लाख लाभार्थियाें काे काेविड वैक्सीन की पहली डाेज अगस्त में भी नहीं लग पाएगी। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
कमी के कारण हिमाचल में सभी 55 लाख लाभार्थियाें काे काेविड वैक्सीन की पहली डाेज अगस्त में भी नहीं लग पाएगी। (फाइल फोटो)

हिमाचल में सभी 55 लाख लाभार्थियाें काे काेविड वैक्सीन की पहली डाेज अगस्त में भी नहीं लग पाएगी। क्याेंकि स्वास्थ्य विभाग के पास टीके की पूरी डाेज नहीं है। प्रदेश में साढ़े 13 लाख लाेगाें काे काेविड वैक्सीन की पहली डाेज लगनी है। इसके लिए विभाग काे 10 लाख टीकों की जरूरत है।

विभाग के पास अभी साढ़े तीन लाख टीकाें का स्टाॅक उपलब्ध है। केंद्र से अभी यह भी तय नहीं है कि टीकाें का नया स्टाॅक कब तक आएगा। स्वास्थ्य विभाग ने 15 अगस्त तक तय 55 लाख लाेगाें काे टीके की पहली डाेज लगाने का जाे टारगेट तय किया था।

39.97 लाख लोगों काे लगी पहली डाेज
प्रदेश में 55 लाख लाभार्थियाें में से 39 लाख 97 हजार पांच लाेगाें काे काेविड वैक्सीन की पहली डाेज लगी है। जाे कुल लक्षित लाभार्थियाें का 73 प्रतिशत है। 13 लाख 52 हजार 548 लाेगाें काे काेविड वैक्सीन की दूसरी डाेज लग चुकी है जाे 24 प्रतिशत है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने माना 13 लाख से ज्यादा लाेगाें काे पहला टीका लगाने के लिए अभी 10 लाख टीकों की जरूरत है।

टीके के लिए पंजीकरण आवश्यक नहीं
18 या इससे अधिक आयु वर्ग के लोग जो कोविड वैक्सीनेशन की अपनी पहली खुराक लेना चाहते हैं, वे कोविड टीकाकरण केंद्र जाकर टीकाकरण करवा सकते हैं। जिनकाे दूसरी खुराक लगनी है, उन्हें कोविन पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करवाने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने निकट के वैक्सीनेशन केंद्र जाकर दूसरी खुराक लगा सकते हैं।

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