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देश की मंडियों में पहुंची सेब की 60 लाख पेटियां:निगरानी के लिए फागू कंट्रोल रूम में रखा जा रहा है रिकॉर्ड, 12 अगस्त तक गुजरे 4191 ट्रक और 2630 मिनी ट्रक

शिमला9 महीने पहले
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शिमला के फागू में स्थापित कंट्रोल रूम पर खड़ी सेब सें लदी गाड़ियां। - Dainik Bhaskar
शिमला के फागू में स्थापित कंट्रोल रूम पर खड़ी सेब सें लदी गाड़ियां।

हिमाचल प्रदेश में सेब का सीजन शुरू हो चुका है। प्रदेश के साथ-साथ देशभर की मंडियों में अब तक सेब की 60 लाख पेटियां पहुंच चुकी हैं। सीजन में फलों की सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरा ऐहतियात बरत रहा है। अधिकारियों की मानें तो पहले सेब की गाड़ियां गुम हो जाती थी तो पता नहीं चल पाता था, पर अब ऐसा नहीं होगा। अब सारा रिकॉर्ड रखा जा रहा है।

ठियोग के एसडीएम सौरभ जस्सल ने बताया कि सेब के सीजन में निर्यात पर निगरानी के लिए प्रशासन द्वारा बीते 15 जुलाई से फागू में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। वहां सेब से लदी गाड़ियों का पूरा ब्यौरा दर्ज किया जाता है। रिकॉर्ड के अनुसार ठियोग-शिमला मार्ग से 12 अगस्त तक सेब के 4191 ट्रक और 2630 पिकअप गाड़ियां पास हो चुकी हैं। इनका रिकॉर्ड रखने के लिए कंट्रोल रूम में पुलिस के अतिरिक्त राजस्व विभाग के पटवारी या पंचायत सचिव और उद्यान विभाग के फील्ड अधिकारी को तैनात किया गया है।

सेब के एक ट्रक का रिकॉर्ड चेक करते निगरानी के लिए तैनात अमला।
सेब के एक ट्रक का रिकॉर्ड चेक करते निगरानी के लिए तैनात अमला।

एसडीएम ने बताया कि इस कंट्रोल रूम में जिले की 9 फल और सब्जी मंडियों रामपुर, कूल्लू के सैंज, पराला, रोहड़ू, कोटखाई, ठियोग, नारकंडा, खड़ापत्थर इत्यादि से आने वाले सेब का इस कंट्रोल रूम में पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है। बीते समय में जिस तरह से सेब की गाड़ियां गुम हो जाती थी, अब ऐसे नहीं होगा। प्रशासन ने ऐसी व्यवस्था की है, जिसमें गाड़ियों के गुम होने स्थिति में इसका तुरंत पता लग सकेगा।

सेब से लदी गाड़ियों का नंबर और पेटियों की संख्या और ड्राइवर का नाम-पता दर्ज किया जाता है। यह नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्य कर रहा है। इसके अलावा सिरमौर की सीमा पर बलग के नैना में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, क्योंकि रोहड़ू, जुब्बल और कोटखाई का अधिकांश सेब छैला-नेरी पुल-सोलन रूट से देश की बाकी मंडियों में पहुंचता है।

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