रोक के बावजूद स्वास्थ्य विभाग में 3 नियुक्तियां:विक्रमादित्य सिंह ने उठाए सरकार पर सवाल, स्वास्थ्य सचिव बोले- HC के आदेशों पर हुआ

शिमला16 दिन पहले
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कांग्रेस नेता विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया अकाउंट पर डाली पोस्ट। - Dainik Bhaskar
कांग्रेस नेता विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया अकाउंट पर डाली पोस्ट।

हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों से नियुक्तियों पर लगी रोक के बावजूद स्वास्थ्य महकमे में 3 लोगों को नियुक्तियां दी गई है। ये तीनों हरियाणा राज्य से संबंध रखते हैं और यहां पर हैल्थ वर्कर के रूप में इनको एक साल के लिए तैनाती दी गई है। इनकी नियुक्तियां अनुबंध आधार पर हुई है, जिसे सरकार चाहे तो आगे बढ़ा सकती है।

प्रदेश में बाहरी राज्यों के 10वीं व 12वीं पास लोगों को नहीं लगाया जाता जिसका एक नियम यहां पर बनाया जा चुका है। राज्य सरकार ने ही इसे प्रतिबंधित किया था जोकि वर्ष 2017 में ऐसा नियम नहीं था। मगर बताया जाता है कि उसी साल में जब यह नियम नहीं था तब इन हरियाणा निवासियों ने भी यहां पर भर्ती के लिए आवेदन किया था और इसकी प्रक्रिया को पूरा किया था। मगर तब इनको नियुक्तियां नहीं दी जा सकी थी, जबकि 80 और अन्य लोग हैल्थ वर्कर के पदों पर लगा दिए गए थे। वो सभी हिमाचली थे।

इस पर इन 3 लोगों ने उच्च न्यायालय में सरकार के खिलाफ मामला दायर किया और कहा कि जब उस समय नियम लागू नहीं था कि उनको तैनाती क्यों नहीं दी गई इस पर यह लोग केस भी जीत गए। अब हाई कोर्ट के आदेशों पर इनको स्वास्थ्य महकमे को तैनाती देनी पड़ी है। उधर हाई कोर्ट के फैसले पर स्वास्थ्य विभाग ने इनकी तैनाती की तो दूसरी तरफ विपक्ष को यह मुद्दा मिल गया।

शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया में इसे सामने लाया है। इनके नियुक्ति आदेशों को विक्रमादित्य ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट में डालकर लिखा है कि सरकार रिवाज बदलने की बात कर रही है लेकिन यहां प्रतिबंध के बावजूद हरियाणा के लोगों को नौकरी दी जा रही है। हिमाचल के लोग बेरोजगार हैं उनकी कोई पूछ नहीं हो रही।

स्वास्थ्य सचिव शुभ आशीष पांडे ने बताया कि साल 2017 में बाहरी राज्यों के लोगों को लेकर प्रतिबंध का नियम नहीं था। उच्च न्यायालय में याचिका थी जिस पर सरकार को आदेश हुए हैं। उन्हीं आदेशों के तहत पुरानी भर्तियों में विशेष मंजूरी लेकर यह 3 नियुक्तियां की गई हैं। सब कुछ नियमों के तहत हुआ है।

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