कोरोना मृतकों के आश्रितों को मुआवजा:अब तक केवल 685 आश्रितों को दिया, 3800 ने गंवाई थी जान; 1360 परिजनों ने किया है आवेदन

शिमला5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
प्रतीकात्मक तस्वीर - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल में कोरोना मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि देने में देरी की जा रही है। प्रदेश में 3800 से अधिक लोगों की कोरोना से मौत हो गई है। इनमें से अब तक मात्र 685 मृतकों के आश्रितों को ही 50 हजार की अनुग्रह राशि दी गई है, जबकि 11 जनवरी तक 1360 कोरोना मृतकों के आश्रिंतो ने मुआवजे के लिए डीसी के पास आवेदन कर रखा है। इनमें से 675 केस जिला स्तर पर लंबित हैं।

आवेदकों को काटने पड़ रहे दफ्तर के चक्कर

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अनुग्रह राशि के मामले जल्द निपटाने के निर्देश दे रखे है। फिर भी जिला स्तर पर मुआवजा देने में देरी के कारण कई मृतकों के परिजनों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। भाजपा नेता एवं पूर्व आई.ए.एस. अधिकारी पीसी द्रैक भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कोरोना मृतकों के परिजनों को जल्द अनुग्रह राशि जारी करने का आग्रह कर चुके हैं, लेकिन नौकरशाहों पर इसका असर नहीं दिख रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को दिया जा रहा मुआवजा
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर कोरोना से मरने वाले सभी लोगों के आश्रितों को 50-50 हजार रुपए का मुआवजा दिया जा रहा है,क्योंकि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एक्ट और हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन एवं राहत मैनुअल 2012 में भी महामारी से मरने वाले लोगों के आश्रितों को अनुग्रह राशि दिए जाने का प्रावधान है। कोरोना के कारण राज्य में कई परिवारों के कमाने वाले व्यक्ति की अकाल मृत्यु हुई है। ऐसे लोगों के लिए परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है। फिर भी मुआवजे के भुगतान में देरी की जा रही है।

खबरें और भी हैं...