किसानों के लिए कुछ खास नहीं:प्राकृतिक खेती-खुशहाल किसान योजना के तहत 50 हजार नए किसान परिवारों को जोड़ा जाएगा

शिमला9 महीने पहले
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किसानों के लिए कुछ खास नहीं - Dainik Bhaskar
किसानों के लिए कुछ खास नहीं

वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में किसानों-बागवानों की आय दोगुना करने के लिए एक्सपर्ट ग्रुप गठित करने की घोषणा की है। राज्य की 70 प्रतिशत और ग्रामीण हिमाचल की 90 प्रतिशत आबादी की रोजी-रोटी का इंतजाम करने वाले कृषि व बागवानी क्षेत्र के लिए राज्य सरकार के बजट में कुछ खास नहीं मिला है।

देश में किसानों का आंदोलन जब न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) समेत अन्य मांगों के लिए 100वें दिन में प्रवेश कर चुका है। ऐसे वक्त में राज्य के बजट में 40 लाख मिट्रिक टन अनाज, फल व सब्जियां पैदा करने वाले किसानों के लिए एमएसपी तक का जिक्र तक नहीं किया।

एक तरफ कृषि मंत्री ने मक्की की खरीद एमएसपी पर करने का आश्वासन विधानसभा में दिया है, दूसरी ओर बजट में इसका भी जिक्र तक नहीं है। प्रदेश के किसानों के सामने सिंचाई की समस्या सबसे गंभीर बन गई है। 80 प्रतिशत भूमि पर किसानों की भूमि बारिश के पानी पर निर्भर रहती है। फिर भी बजट में सिंचाई के लिए प्रावधान नहीं किया गया। एंटी हेल नेट पर सब्सिडी की पुरानी योजना के बजट में जरूर इजाफा किया है।

किस क्षेत्र को क्या मिला

  • एंटी हेल नेट के लिए 60 करोड़ का बजट व्यय किया जाएंगा।
  • पुष्प क्रांति योजना के तहत 11 करोड़ खर्च करके लगभग एक लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में हरित गृह में फूलों की खेती की जाएगी।
  • बागवानी क्षेत्र के लिए 543 करोड़ रुपए का प्रावधान किया।
  • मधुमक्खी पालन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मधुमक्खी बोर्ड के गठन की घोषणा।
  • कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों में अनुसंधान प्रोत्साहित करने के लिए 5 करोड़ का अनुसंधान कोष स्थापित किया जाएगा।
  • प्राकृतिक खेती-खुशहाल किसान योजना के अन्तर्गत 50 हजार नए किसान परिवारों को जोड़ा जाएगा।
  • दूध खरीद मूल्य 2 रुपए प्रति लीटर की दर से बढ़ाया गया।
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