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  • After Many Days In The City, 9 Corona Positives Came In 24 Hours, The Crowd Of Tourists In Shimla And The Habit Of Not Wearing Masks Is Heavy.

खतरे की आहट:शहर में भी कई दिन बाद 24 घंटे में आए 9 कोरोना पाॅजिटिव, शिमला में उमड़ रही पर्यटकाें की भीड़ और मास्क न पहनने की आदत पड़ रही भारी

शिमला3 महीने पहले
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कोरोना के लक्ष्ण दिखें तो तुंरत कराएं जांच। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
कोरोना के लक्ष्ण दिखें तो तुंरत कराएं जांच। (फाइल फोटो)

काेराेना की लापरवाही का असर दिखने लगा है। जहां एक जुलाई माह के अंतिम दिनाें तक आठ से 10 मरीज राेजाना जिलाभर में आ रहे थे, अगस्त शुरू हाेते ही वह 20 से ज्यादा आ​​​​​​ने लगे। अभी अगस्त का पहला ही सप्ताह चला है कि अब मरीज दाेगुना से भी ज्यादा हाे गए हैं। बीते शुक्रवार काे जिला में 52 नए मरीज आए। जिसमें राेहड़ू के 10 स्कूली बच्चे भी शामिल हैं। यही नहीं संक्रमण जिला के लगभग सभी एरिया से आना शुरू हाे गया है। जिस रफ्तार से काेराेना बढ़ रहा है, अगले एक सप्ताह में काेराेना की रफ्तार 100 तक पहुंच सकती है।

डेढ़ माह तक जिला में काेराेना मरीजाें की संख्या ना के बराबर रही। डेढ़ माह में जिलाभर में 400 के करीब मरीज आए थे, जबकि उससे पहले एक दिन में भी 400 तक मरीज आ रहे थे। मगर अब लापरवाही फिर से भारी पड़ने लगी है। लगातार मरीजाें की संख्या बढ़ रही है। शिमला में घूमने आ रहे ज्यादात्तर पर्यटक ना ताे मास्क पहन रहे हैं और ना ही साेशल डिस्टेंसिंग का उपयाेग हाे रहा है। जिससे अब संक्रमण की रफ्तार बढ़ती जा रही है। जिला के साथ-साथ शिमला शहर में भी काेराेना अपना असर दिखाने लगा है।

शिमला में डेढ़ माह बाद सबसे ज्यादा एक साथ नाै मरीज आए हैं। जबकि डेढ़ माह में मात्र दाे या तीन मरीज ही जिला में आ रहे थे। अब फिर से पहले की तरह शहर के हर क्षेत्र से मरीज आना शुरू हाे गए हैं। अप्रैल, मई और जून माह में जिला शिमला के सभी क्षेत्राें से मरीज आ रहे थे। संक्रमण इस कदर फैल् गया था कि यहां पर कई अस्पतालाें काे एक्वायर करना पड़ा था। अस्पतालाें में बेड मिलना मुश्किल हाे गया था। मगर डेढ़ माह तक संक्रमण कम हाेने दाे से तीन मरीज ही शहर में आ रहे थे।

शहर में पर्यटकाें की आमद से बढ़ी परेशानी
जिला में पर्यटकाें की आमद काेराेना कर्फ्यू में ढील हाेते ही बहुत ज्यादा हाे गई थी। काफी ज्यादा पर्यटक शिमला में पहुंच रहे थे। वीकेंड पर ताे अभी भी 10 से 15 हजार पर्यटक शिमला आ रहे हैं। हालांकि अब सरकार ने आरटीपीसीआर या काेराेना की दाेनाें डाेज का सर्टिफिकेट जरूरी किया है, मगर बावजूद इसके पर्यटकाें के आना जारी है। जिससे अब संक्रमण यहां पर भी बढ़ने लगा है। जिस तरह से संक्रमण की रफ्तार चल रही है। आगामी सप्ताह में फिर से अप्रैल और मई की तरह अस्पतालाें में बेड फुल हाे जाएंगे और मरीजाें काे रखने के लिए जगह नहीं मिलेगी।

एक्सपर्ट की राय: बचाव का उपाय, मास्क पहनें और भीड़ में जाने से बचें
काेराेना बढ़ने का सबसे बड़ा कारण लापरवाही है। लाेग ना ताे मास्क पहन रहे हैं और ना ही साेशल डिस्टेसिंग का उपयाेग किया जा रहा है। काेराेना से बचने का एक ही उपाय है कि लाेग काेराेना के नियमाें का पालन करें। कई लाेग इसलिए भी लापरवाह हाे गए हैं कि वह समझ रहे हैं कि उन्हाेंने काेराेना की डाेज लगवा ली है। ऐसे में अब काेराेना का असर नहीं हाेगा। मगर यह गलत है। काेराेना से बचने का एक ही उपाय है कि हम मास्क पहने और भीड़ में जाने से बचें। इसके अलावा सबसे जरूरी है कि यदि काेराेना का काेई भी सिम्टम आए ताे तुरंत जांच करवाएं, ताकि यह संक्रमण एक से दूसरे तक ना फैले।
-डाॅ. जनकराज, एमएस आईजीएमसी शिमला

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