शिमला में बना अंबेडकर बुक कैफे:70 लाख की लागत से हुआ तैयार, स्वयं सहायता समूह को संभालने की जिम्मेदारी

शिमला14 दिन पहले
एमसी कमिश्नर आशीष कोहली।

हिमाचल में शिमला के अंबेडकर चौक चौडा मैदान पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बुक कैफे बनकर तैयार हो गया है। जिसका नाम भी अंबेडकर बुक कैफे रखा गया है। 70 लाख की लागत से बने इस कैफे में ढाई महीने का करीब समय लगा। बुक कैफे की खास बात है कि यह न सिर्फ युवाओं के लिए बनाया गया है बल्कि हर एज ग्रुप के लोग यहां आकर अपनी पसंदीदा किताबें पढ़ सकते हैं।

समरहिल, बालुगंज, आईटीआई और 103 के आसपास रहने वाले लोगों को इस कैफे के खुलने का ज़्यादा लाभ होगा। काफी समय से स्थानीय लोगों की यह मांग थी कि इस जगह कैफे होना चाहिए जिसे नगर निगम शिमला ने पूरा किया है और किताबें पढ़ने की इच्छा रखने वालों के लिए समर्पित कर दिया।

एमसी कमिश्नर आशीष कोहली ने बताया कि जुलाई महीने में ये काम शुरू किया गया था जो सितंबर में पूरा हुआ। कैफे में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने का ज़िम्मा स्वयं सहायता समूह को दिया गया है। शिमला में 295 सैल्फ हैल्प ग्रुप हैं जो आचार, कपडे बुनने समेत हाथ से निर्मित उत्पाद बनाती है।

कैफे को सही से चलाने की ज़िम्मेदारी इन ग्रुपों को दी गई है। इन्हें सामान बेचने के लिए काउंटर की सुविधा दी जाएगी और रुटीन में ये ग्रुप अपनी ऐग्जीबिशन लगाएगी। कैफे को किसी कॉमर्शियल लाभ के लिए नहीं बल्कि पूरी तरह से जनता के लिए ही बनाया गया है। वरिष्ठ लोगों के लिए इस कैफे में अलग से रीडिंग रूम है और युवाओं कि लिए भी यह व्यवस्था है।