शिमला-धर्मशाला NH पर वाहनों की आवाजाही शुरू:180 फीट लंबा बैली ब्रिज यातायत के लिए खोला गया, 8 जिलों के लोगों को मिली राहत; भारी वाहनों पर रहेगी पाबंदी

शिमला9 महीने पहले
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नेशनल हाईवे 205 पर बने बैली पुल पर वाहनों का आवाजाही शुरू हो चुकी है। - Dainik Bhaskar
नेशनल हाईवे 205 पर बने बैली पुल पर वाहनों का आवाजाही शुरू हो चुकी है।

शिमला धर्मशाला नेशनल हाईवे-205 एक महीने बाद मंगलवार दोपहर बाद से वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया। इस पर 180 फीट लंबा बैली पुल बनया गया है, जिस पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई। मुख्य सड़क बनने में अभी कम से कम एक महीना और लगेगा। सोमवार को बैली पुल का अंतिम निरीक्षण किया गया, जिसके बाद पुल पर से वाहनों की आवाजाही की इजाजत मिल गई। अब 8 जिलों के लोगों अब आसानी से नेशनल हाईवे 205 से होते हुए शिमला और शिमला से लोअर हिमाचल पहुंच सकेंगे।

पुल के पास लगा चेतावनी बोर्ड।
पुल के पास लगा चेतावनी बोर्ड।

सीमेंट या सरिया से लदे ट्रक नहीं गुजर सकेंगे
बैली पुल में 20 से 25 टन का भार सहने की क्षमता है। ऐसे में इस पर से ज्यादा भार वाले वाहन नहीं गुजर पाएंगें। खाली ट्रक तो इस पुल पर चल सकते हैं, लेकिन सीमेंट या सरिया से लदे ट्रकों के चलने पर पाबंदी है। लोक निर्माण विभाग के मैकेनिकल विंग ने इस पुल को तैयार किया है।

घंडल के पास पुल से आगे हाईवे को ठीक करते हुए कारीगर।
घंडल के पास पुल से आगे हाईवे को ठीक करते हुए कारीगर।

भारी बारिश के कारण धंस गया नेशनल हाई
बता दें कि गत 13 सितंबर को हिमाचल में हुई भारी बारिश के कारण नेशनल हाईवे-205 घंडल के पास ध्वस्त हो गया था। इससे हाईवे से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गई थी। लोगों को लंबा चक्कर काटकर लोअर हिमाचल जाना पड़ रहा था। नेशनल हाईवे अथॉरिटी और लोक निर्माण विभाग की टीमों ने विजिट किया। सर्वे के बाद इंजीनियरों ने इस जगह पर नई बनने वाली सड़क का डिजाइन तैयार करके निर्णय लिया था कि यहां पर बैली पुल ही लगेगा। अगर इस जगह पर सड़क बनाई जाती तो नेशनल हाईवे बहाल होने में लंबा समय लगना था।

3 वैकल्पिक रूटों पर चल रहा था ट्रैफिक
नेशनल हाईवे-205 बंद होने से तीन वैकल्पिक रूटों से ट्रैफिक चल रहा था। घणाहट्‌टी से पनेश, कंडा कोहबाग से होकर लोग लोअर हिमाचल जा रहे थे। जबकि लोअर हिमाचल से शिमला आने के लिए बंगोरा, काली हट्‌टी, नालहट्‌टी का रास्ता लिया जा रहा था। छोटे वाहनों के लिए घणाहट्‌टी से थोड़ा आगे जाकर पक्की बावड़ी से सकराह होकर 16 मील का वैकल्पिक मार्ग दिया गया, लेकिन यह मार्ग भी सिंगल लेन था और यहां पर भी जाम की स्थिति रहती थी।

मुख्य सड़क बनाने में अभी लगेगा काफी समय
जब तक सड़क नहीं बनती है, तब तक बैली पुल का ही इस्तेमाल होगा। सड़क बनाने के लिए अभी नींव मजबूत करनी होगी। क्योंकि पहले कमजोर नींव होने के कारण सड़क धंस गई थी। यहां पर नीचे से ही दोबारा भारी दीवार बनानी पड़ेगी। क्योंकि यहां दीवार के बीच पानी रिसता है, जिससे सड़क के धंसने का खतरा और बढ़ जाता है। मार्ग को बेहतर बनाना है तो नई दीवार लगाने के लिए कम से कम एक महीना और लगेगा।

183 किलोमीटर है हाईवे की लंबाई
यह राजमार्ग भारतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश और पंजाब से होकर गुजरता है। इसकी लंबाई 183 किमी (114 मील) है। यह राजमार्ग चंडीगढ़ के पास पंजाब के खरड़ कस्बे से शुरू होता है। रोपड़ और कीरतपुर साहिब से गुजरता हुआ हिमाचल जाता है। हिमाचल में सुंदरनगर होते हुए शिमला और धर्मशाला तक जाता है। इस राजमार्ग पर आने वाले कुछ पड़ाव इस प्रकार हैं- खरड़, कुराली, रूपनगर, घनौली, स्वारघाट, नौनी, दाड़लाघाट, शिमला।

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