कुल्लू के मलाणा में उगने वाली भांग पर होगी रिसर्च:लकवे और अन्य बीमारियों की दवाओं के उपयोग में होने वाले तत्वों का लगाया जाएगा पता, पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय के साथ बद्दी की कंपनी करेगी शोध

शिमला/कुल्लू3 महीने पहले
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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले का गांव मलाणा, जहां की भांग दुनियाभर में मशहूर है। - Dainik Bhaskar
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले का गांव मलाणा, जहां की भांग दुनियाभर में मशहूर है।

हिमाचल के कुल्लू जिले के मलाणा में उगने वाली भांग पर रिसर्च शुरू होने वाला है। सोलन जिले में औद्योगिक क्षेत्र बद्दी की ग्रीन लाइफ कंपनी कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के साथ मिलकर यहां पर उगने वाले भांग के पौधों पर रिसर्च करेगी। कंपनी का कृषि विश्वविद्यालय के साथ MoU साइन हुआ है। वैज्ञानिक इसके नशे के तत्वों को दूर करके इसके मेडिसिन तत्व को प्रमोट कर नई ब्रीड देंगे। सरकार से भी जल्द ही इस रिसर्च को लेकर हरी झंडी मिलने वाली है। जैसे ही हरी झंडी मिलेगी रिसर्च का काम शुरू हो जाएगा। हिमाचल में इस तरह का ये पहला रिसर्च है, जिसमें भांग के पौधों पर रिसर्च किया जाएगा।

भांग में कई ऐसे कंपाउंड पाए जाते हैं जो दवाइयों में इस्तेमाल किए जाते हैं। भांग पर विदेशों में भी रिसर्च हो रही है लेकिन भारत में पाए जाने वाले भांग के पौधों पर कहीं भी रिसर्च नहीं हो रही है। ऐसे में हिमाचल में पहली बार इस तरह की रिसर्च हो रही है। ग्रीन लैब कंपनी जो कि इस पर रिसर्च करेगी, वह न्यूजीलैंड की कंपनी है और बद्दी में इसकी ब्रांच है। गौरतलब है कि भांग का प्रयोग लकवा की दवाई के लिए किया जाता है। लेकिन लोग इसका ज्यादातर प्रयोग नशे के लिए करते हैं। ऐसे में इस रिसर्च के बाद अगर कंपनी भांग के पौधों से नशे के तत्वों को दूर करने में कामयाब हो जाती है तो हिमाचल के मलाणा में उगने वाली भांग की मांग विदेशों में बढ़ जाएगी।

मलाणा में पाई जाने वाली भांग प्राकृतिक तत्वों से भरपूर
हिमाचल के कुल्लू जिले के मलाणा में जो भांग के पौधे पाए जाते हैं। वह प्राकृतिक तत्वों से भरपूर हैं क्योंकि यहां पर बर्फ भी पड़ती है और अभी तक मलाणा देश दुनिया की चकाचौंध से काफी दूर है। ऐसे में यहां की जलवायु पूरी तरह से साफ है। प्रदूषण नहीं है, लेकिन अभी तक मलाणा में उगने वाली भांग का इस्तेमाल अवैध तरीके से नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए किया जाता है। रिसर्च में अगर मेडिसन तत्वों का पता लगता है तो लोग इसकी खेती करना शुरू कर देंगे अभी तक इसे केवल नष्ट ही किया जाता है। कोरोना के चलते रिसर्च का काम थोड़ी देरी से शुरू हो रहा है।

मलाणा गांव का लोकतंत्र दुनिया का सबसे प्राचीन लोकतंत्र
मलाणा गांव का इतिहास बहुत पुराना है बहुत समय पहले इस गांव में जमलू ऋषि रहा करते थे, उन्होंने ही इस गांव के नियम कानून बनाए थे। इस गांव का लोकतंत्र दुनिया का सबसे प्राचीन लोकतंत्र है। ऐसा माना जाता है कि जमलु ऋषि को आर्यों के पहले से भी पहले से पूजा जाता है। मलाणा के रहने वाले निवासी आर्यों के वंशज माने जाते हैं। मलाणा की भाषा संस्कृत और कई तिब्बती गोलियों का एक मिश्रण लगती है लेकिन यहां आस-पास बोली जाने वाली किसी भाषा या बोली से मेल नहीं खाती।

मलाणा क्रीम के नाम से दुनियाभर में जानी जाती है यहां की भांग
मलाणा नशे के लिए तैयार की जाने वाली भांग पूरी देश और दुनिया में फेमस है। यहां की भांग मलाणा क्रीम के नाम से बाजार में बिकती है और काफी महंगी भी होती है। इसका कारण यहां के चर्च में पाया जाने वाला उच्च गुणवत्ता का तेल है। हालांकि स्थानीय पुलिस और प्रशासन समय-समय पर यहां पर अभियान चलाते हैं, लेकिन बावजूद उसके यहां पर हर साल लाखों करोड़ों रुपए का व्यापार होता है। भांग की तस्करी बाहरी देशों के लिए भी यहां से की जाती है।

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