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हिमाचल पुलिस भर्ती पेपर लीक:चौतरफा घिरी जयराम सरकार, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा, AAP ने लगाया बैकडोर भर्ती का आरोप

शिमला3 महीने पहले
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CM जयराम ठाकुर, AAP नेता आईडी भंडारी, CLP नेता मुकेश अग्निहोत्री और माकपा नेता संजय चौहान - Dainik Bhaskar
CM जयराम ठाकुर, AAP नेता आईडी भंडारी, CLP नेता मुकेश अग्निहोत्री और माकपा नेता संजय चौहान

हिमाचल प्रदेश की जयराम सरकार पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में चौतरफा घिरती जा रही है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और माकपा ने जयराम सरकार पर भर्तियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने पेपर लीक मामले में CM जयराम ठाकुर से इस्तीफा तक मांग डाला है।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि 74 हजार युवाओं ने पुलिस की लिखित परीक्षा दी। इनके भविष्य से खिलवाड़ किया गया है। इस मामले की जांच SIT को नहीं, बल्कि CBI को सौंपी जानी चाहिए। क्योंकि पुलिस द्वारा पहले भी इस मामले को दबाने के प्रयास किए गए हैं। जयराम सरकार ने जितनी भी भर्तियां शुरू की हैं, उन सभी के रिजल्ट अदालतों में फंसे हुए है। इससे राज्य के 14 लाख बेरोजगार युवा परेशान हैं।

चोर दरवाजे से भर्तियां कर रही सरकार: AAP

AAP नेता एवं पूर्व DGP आईडी भंडारी ने राज्य सरकार पर सभी भर्तियां चोर दरवाजे से करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सेंटर यूनिवर्सिटी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में भर्तियों का जिक्र करते हुए जल शक्ति विभाग की करसोग में, सुंदरनगर और कंडक्टर भर्ती में भी धांधली के आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि इससे पहले कभी भी इस स्केल पर बैकडोर भर्तियां नहीं हुई हैं। जयराम सरकार सत्ता में रहने का अधिकार खो चुकी है। पुलिस भर्ती का पेपर लीक होने से हजारों युवाओं की उम्मीदों पर पानी फिरा है।

चहेतों को रोजगार दे पाई सरकार: माकपा

माकपा नेता संजय चौहान ने कहा कि पुलिस भर्ती पेपर लीक होने से हजारों युवा आज परेशान हैं। न केवल पेपर देने वाले बच्चे, बल्कि उनके परिजन भी आहत हैं। पुलिस महकमा ही अपनी भर्तियां सही ढंग से नहीं करवा पा रहा है तो दूसरे विभागों की भर्तियों में पारदर्शिता की उम्मीद कैसे की जा सकती है। जयराम सरकार साढ़े चार साल में रोजगार देने में पूरी तरह नाकाम रही है। चंद चहेते लोगों को आउटसोर्स पर रखा गया है। उसमें भी सराज और धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के बेरोजगारों को तरजीह दी गई है।