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भूस्खलन का कहर:शाहपुर के रूलेहड़ में मलबे में दबे आठ लोगों के शव निकाले, दो अब भी लापता

धर्मशाला2 महीने पहले
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आज दस जिलाें में भारी बारिश का यलाे अलर्ट, फिर 17-18 जुलाई काे भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट - Dainik Bhaskar
आज दस जिलाें में भारी बारिश का यलाे अलर्ट, फिर 17-18 जुलाई काे भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

कांगड़ा जिला के शाहपुर की बोह घाटी के रूलेहड़ में भूस्खलन के कारण मलबे में अभी भी दो लोग दबे हुए हैं। बुधवार तक मलबे से डेढ़ साल की बच्ची समेत आठ शव निकाले जा चुके हैं। एनडीआररएफ की टीम राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं। बुधवार दो महिलाओं और एक व्यक्ति का शव मलबे से निकाले गए जबकि मंगलवार को पांच लोगों के शव निकाले जा चुके थे।

डीसी कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि मलबे से अब तक आठ लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। दो लोग लापता हैं, जिन्हें तलाश करने में एनडीआरएफ टीम जुटी हुई है। 15 लोगों की मलबे में दबने की जानकारी थी। इनमें से पांच लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। पुलिस अधीक्षक विमुक्त रंजन ने बताया कि राहत व बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम जुटी हुई है।

डीसी डाॅ. निपुण जिंदल ने कहा कि कांगड़ा जिला में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण करेरी झील के नजदीक 49 लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है। त्रियुंड में 80 लोगों की जान बचाई गई है। गत दो दिनों में कांगड़ा जिला में भूस्खलन तथा भारी बारिश के कारण विभिन्न जगहों पर फंसे 141 लोगों को सकुशल सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में कामयाबी हासिल की गई है जबकि 11 के करीब लोगों की मौत हुई है और बोह में लापता दो लोगों, चकवन में एक लापता व्यक्ति को ढूंढने के लिए सर्च अभियान जारी है।

उन्होंने कहा कि करेरी झील के नजदीक फंसे 50 लोगों में से एक की मौत हुई है जबकि 49 को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। राजोल में गज खड्ड की बाढ़ की चपेट में आए चार लोगों तथा ततवानी में एक व्यक्ति को बचाया गया है। धर्मशाला उपमंडल के घेरा में भूस्खलन की चपेट में आए दो व्यक्तियों को बचाया गया है।

चैतडू तथा शीला में बाढ़ से प्रभावित 382 लोगों के लिए बगली में राहत कैंप लगाया गया है जिसमें ठहरने और भोजन इत्यादि की व्यवस्था की गई है। जिला में राहत तथा पुनर्वास के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं तथा लोगों को भी खड्डों नदियों तथा नालों के पास नहीं जाने की हिदायतें दी गई हैं। बोह में राहत और पुनर्वास के कार्य में प्रशासन जुटा है इसके साथ ही बारिश से अवरूद्व संपर्क मार्गों को भी खोला जा रहा है।

भीमसेन ने बचाई 20 से ज्यादा की जान, खुद नहीं बच पाया

भीमसेन के कारण करीब 20 से ज्यादा लोगों की जान बची है। उन्होंने ही सबसे पहले लोगों को मोबाइल फोन से भूस्खलन की सूचना दी थी। हालांकि, वह खुद लैंडस्लाइड की चपेट में आने से नहीं बच पाए हैं। भीमसेन सहित उनकी बेटी और पत्नी का शव घटनास्थल से निकाला जा चुका है।

गौरतलब है कि सोमवार को मृतकों में मस्तो देवी पत्नी भीमसेन का शव बरामद किया गया था। मंगलवार को चार लोगों में ममता पुत्री भीमसेन, कार्तिक पुत्र भीमसेन, शकुतंला देवी पत्नी प्रकाश चंद तथा शिव प्रसाद पुत्र सुभाष चंद के शव बरामद किए गए थे।

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