क्या हिमाचल में भी CM बदलेगी भाजपा:राज्य में ‌BJP की हार पर मंथन टला; जल्द बड़े चेहरों को बदलने का फैसला ले सकती है पार्टी, लीडरशिप भी निशाने पर

शिमला6 महीने पहले

हिमाचल प्रदेश के उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व पर सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक, उत्तराखंड और कर्नाटक की तर्ज पर पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी CM और मंत्रिमंडल का चेहरा बदलने को लेकर पार्टी हाईकमान कोई बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है।

खुद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा अभी राज्य के दौरे पर हैं। नड्‌डा का यह गृह प्रदेश भी है। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं में फिर से ऊर्जा भरने के लिए आगमी विधानसभा चुनाव से पहले कोई बड़ा फैसला किया जा सकता है।

मंत्रियों की कुर्सी पर मंडराया खतरा
हिमाचल में भाजपा की इस हार के बाद कुछ मंत्रियों के बदले जाने की चर्चा जोरों पर है। प्रदेश मंत्रिमंडल में नए चेहरों को लाने पर भी इस बैठक में विचार किया जा सकता है। खासकर उन मंत्रियों पर गाज गिर सकती है जो अपने क्षेत्रों में ही भाजपा को लीड दिलाने में नाकाम रहे। वहीं, चुनाव क्षेत्र के प्रभारी मंत्रियों की स्थिति भी सहज नहीं है, उनकी कुर्सी पर भी खतरा मंडरा रहा है।

इसके अलावा पार्टी संगठन में भी ऊपर से नीचे तक बदलाव का फैसला हो सकता है। भाजपा हाईकमान अगले साल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लक्ष्य बनाकर अप्रत्याशित निर्णय भी इस मीटिंग में ले सकता है।

उपचुनाव में भाजपा हार गई थी चारों सीट
भाजपा हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव में चारों सीटें हार गई। मंडी में लोकसभा सीट के अलावा भाजपा की अर्की, फतेहपुर और जुब्बल-कोटखाई में भी विधानसभा सीटों पर हार हुई। हार की देशव्यापी चर्चा हुई। चूंकि, हिमाचल प्रदेश भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का गृह राज्य है। इस हार पर कड़ा संज्ञान लिया जा रहा है। आने वाले दिनों में सरकार और संगठन के कई चेहरों पर गाज भी गिर सकती है। इससे ऐसे कई चेहरे परेशानी में हैं।

चुनावी हार पर मंथन को लेकर बैठक टली
हाल ही में हुए उपचुनाव में पार्टी बूरी तरह से हारी है। इसके बाद पार्टी के बड़े नेता चंडीगढ़ हिमाचल भवन में सोमवार को मंथन करने वाले थे। हालांकि, किन्ही कारणों से फिलहाल इसे टाल दिया गया है। बैठक की अध्यक्षता भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह करने वाले थे। साथ ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप के अलावा संघ से जुड़े कई बड़े नाम भी इसमें आने वाले थे। वहीं, भाजपा राज्य प्रभारी अविनाश राय खन्ना और सह प्रभारी संजय टंडन भी इसमें आने वाले थे।

बैठक रद्द होने के पीछे दो कारण
पार्टी सूत्रों का दावा है कि अभी तक कई हलकों में हार के कारणों की समीक्षा रिपोर्ट ही तैयार नहीं हो पाई है। समीक्षा रिपोर्ट के बगैर इस मीटिंग की रिपोर्ट हाईकमान को भेजी नहीं जा सकती थी, इसलिए मीटिंग को स्थगित किया गया। वहीं चंडीगढ़ में मंगलवार को राष्ट्रपति की पत्नी सविता कोविंद का कार्यक्रम है। उनके दौरे के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से भी यह बैठक स्थगित की गई है।

मंडी सीट से संबंधित दो मंत्री बुलाए थे दिल्ली
मंडी सीट से संबंधित दो मंत्रियों को तो भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा दिल्ली भी बुला चुके हैं। तीन और मंत्रियों की क्लास लगने की चर्चा है। आने वाले दिनों में चंडीगढ़ में होने वाली बैठक में प्रत्याशियों और भाजपा के मंडल अध्यक्षों से लिए जा रहे फीडबैक पर चर्चा होगी। इसके बाद भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होनी है। तमाम चर्चाओं के बाद हाईकमान को भी रिपोर्ट सौंपी जानी है।

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