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  • Bypoll On 5 Seats In Himachal Pradesh On 30 October, Elderly Above 80 Years Of Age Will Be Able To Use Postal Ballot Paper

हिमाचल प्रदेश में 4 सीटों पर 30 अक्टूबर को उपचुनाव:15.49 लाख करेंगे मतदान; वोटिंग मशीन को छू नहीं पाएंगे वोटर, 80 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग प्रयोग कर सकेंगे पोस्टल बैलेट पेपर

शिमला2 महीने पहले
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हिमाचल प्रदेश में होने जा रहे उपचुनाव में प्रदेश की एक तिहाई जनता मत का प्रयोग करेगी। 15 लाख 49 हजार मतदाता वोट डालेंगे। इस बार प्रत्येक मतदाता को वोट डालने से पहले प्लास्टिक के डिस्पोजेबल ग्लव्स दिए जाएंगे, ताकि कोई भी मतदाता मशीन को सीधे हाथों से छू न सके। कोरोना महामारी को देखते हुए चुनाव आयोग ने यह व्यवस्था की है, मशीन के प्रयोग करने के बाद डिस्पोजेबल ग्लव्स को वहीं पर डस्टबिन में फेंक दिया जाएगा।

बिना थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजेशन के किसी को भी वोट डालने की अनुमति नहीं होगी। चुनाव आयोग ने इस बार 80 साल से ऊपर आयु के बुजुर्गों समेत कर्मचारियों के लिए पोस्टल बैलेट पेपर की भी सुविधा दी है। इसके अलावा इस बार एक पोलिंग स्टेशन पर 1 हजार से ज्यादा लोग मत नहीं डाल सकेंगे। अगर इनकी संख्या ज्यादा है तो दूसरा पोलिंग स्टेशन बनाया जाएगा। प्रदेश में 28 अक्टूबर की शाम को चुनाव प्रचार थम जाएगा।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासू ने बताया कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह के रोड शो की अनुमति नहीं होगी। मोटर बाइक पर किसी भी तरह की रैली नहीं निकाली जाएगी। डोर टू डोर प्रचार के लिए भी ज्यादा भीड़ एकत्रित नहीं होगी। प्रत्याशी समेत 5 लोग ही डोर टू डोर प्रचार पर जा सकेंगे। प्रत्याशी के साथ 20 वाहन ही अलाउड होंगे। वह भी 50 फीसदी क्षमता के साथ।

इसके अलावा जिन भी कर्मचारियों की ड्यूटी इलेक्शन में लगेगी, उन सभी को कोरोना वैक्सीन से बचाव के लिए दोनों टीके लगवाए जाएंगे। अगर किसी को एक ही डोज लगी है तो उसे दूसरी वैक्सीन भी लगाई जाएगी। वहीं सभी निर्वाचन क्षेत्रों में 1-1 रिटर्निंग अफसर और मंडी संसदीय क्षेत्र में 32 सहायक रिटर्निंग अफसर, फतेहपुर और अर्की में 2-2 जबकि, जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में 3 सहायक रिटर्निंग अफसर तैनात किए जाएंगे।

312 अतिरिक्त पोलिंग स्टेशन
कोरोना संक्रमण को देखते हुए 312 नए पोलिंग स्टेशन उपचुनाव में जोड़े गए हैं, ताकि हजार से ज्यादा लोग एक स्टेशन पर वोट न डाल सकें। मंडी संसदीय क्षेत्र में पहले 2113 पोलिंग स्टेशन थे। अब 252 नए बनाए गए, फतेहपुर में 111 पहले थे 30 नए बनाए गए। अर्की में 132 पहले थे 22 नए बनाए गए। जुब्बल-कोटखाई में 128 पहले थे 8 नए बनाए गए।

बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर हेलिकॉप्टर का प्रयोग
राज्य चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि बर्फबारी वाले क्षेत्रों में अगर जरूरत पड़ी तो हेलिकॉप्टर सेवाओं की भी सहायता ली जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार से मदद मांगी जाएगी। गौरतलब है कि किन्नौर और लाहौल स्पीति समेत चंबा जिला के कुछ क्षेत्र हैं, जहां पर बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। जिस कारण यहां पर कभी भी रास्ते बंद हो सकते हैं।

चुनाव आयोग ने 80 फीसदी रखा वोटिंग का लक्ष्य
चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार उन्होंने 80 फ़ीसदी वोटिंग का लक्ष्य रखा है। कोविड होने के चलते यह लक्ष्य चुनौती भरा है, लेकिन फिर भी इसी लक्ष्य को लेकर चुनाव आयोग लोगों से वोट डालने की अपील करेगा। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव में पिछली बार 72 फ़ीसदी मतदान हुआ, जबकि विधानसभा चुनाव में 74 फ़ीसदी वोट पड़े। हिमाचल में कुल 54 लाख वोटर हैं। इसमें से 15 लाख 49 हजार वोटर इन उपचुनाव में अपने मतदान का प्रयोग करेंगे, जो कुल वोटरों का एक तिहाई है।

इन्हें मिलेगा पोस्टल बैलेट पेपर वोट डालने को

एचआरटीसी, बिजली बोर्ड में कार्यरत कर्मचारियों समेत एसेंशियल सेल्सियस में तैनात कर्मचारी पोस्टल बैलेट पेपर का प्रयोग कर सकेंगे। पहले यह सुविधा केवल चुनाव में तैनात कर्मचारियों समेत आर्मी में कार्यरत जवानों को ही होती थी, लेकिन इस बार चुनाव आयोग ने इसमें बदलाव किया है। 80 साल से ज्यादा आयु वर्ग के बुजुर्ग भी पोस्टल बैलेट पेपर का प्रयोग कर सकेंगे।

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