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श्रद्धांजलि अर्पित:सीटू ने काेराेना नियमों का पालन कर मनाया स्थापना दिवस, कई जगह किया ध्वजाराेहण

शिमला18 दिन पहले
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शिमला में ध्वजाराेहण के लिए एकत्रित हुए सीटू कार्यकर्ता - Dainik Bhaskar
शिमला में ध्वजाराेहण के लिए एकत्रित हुए सीटू कार्यकर्ता

सीटू के देशव्यापी आह्वान पर मजदूर संगठन सीटू द्वारा हिमाचल प्रदेश के जिला, ब्लॉक मुख्यालयों, कार्यस्थलों, गांव और घर द्वार पर सीटू कार्यकर्ताओं द्वारा स्थापना दिवस मनाया गया। इस दौरान प्रदेश भर में हज़ारों मजदूरों ने अलग-अलग जगह कोविड नियमों का पालन करते हुए अपनी भागीदारी की व ध्वजारोहण किया।

सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने कहा है कि इस बार का सीटू स्थापना दिवस कोरोना योद्धाओं को समर्पित किया गया। कार्यक्रमों में कोरोना से जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उन्होंने कोरोना से जान गंवाने वालों को सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशनुसार आपदा राहत कोष से तुरंत चार लाख रुपए जारी करने की मांग की है।

उन्होंने 23 वर्ष की आयु के बाद कोरोना से मौत का शिकार हुए लोगों के बच्चों को दस लाख की आर्थिक मदद को देर से मदद देने का कदम बताया। दस लाख की यह मदद मिलने में बच्चों को कई साल का वक्त लगेगा इसलिए इस मदद से पहले इन बच्चों को तुरंत चार लाख की मदद दी जाए ताकि वे जिंदा रह पाएं व उन्हें 23 वर्ष की उम्र में दस लाख रुपए की आर्थिक मदद भी दी जाए।

उन्होंने सभी आयकर मुक्त परिवारों को 7500 रुपए की आर्थिक मदद व परतीं व्यक्ति दस किलो राशन की व्यवस्था करने की मांग की है ताकि कोरोना महामारी से बेरोजगार हुए लोगों का जीवन यापन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कोरोना वैक्सीन का सार्वभौमिकरण करने की मांग की है।

उन्होंने कहा है कि कोरोना काल में केंद्र व प्रदेश सरकारें मजदूरों,किसानों,खेतिहर मजदूरों व तमाम मेहनतकश जनता की रक्षा करने में पूर्णतः विफल रही हैं व उन्होंने केवल पूंजीपतियों की धन दौलत सम्पदा को बढ़ाने के लिए ही कार्य किया है। कोविड महामारी को केंद्र की मोदी सरकार ने पूंजीपतियों के लिए लूट के अवसर में तब्दील कर दिया है।

उन्होंने कहा है कि प्रदेश में सबसे ज़्यादा मजदूर मनरेगा व निर्माण क्षेत्र में कार्यरत हैं। इसलिए मनरेगा में हर हाल में दो सौ दिन का रोज़गार दिया जाए व राज्य सरकार द्वारा घोषित तीन सौ रुपए न्यूनतम दैनिक वेतन लागू किया जाए।

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