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बॉबी के समर्थन में कांग्रेस और सामाजिक संस्थाएं:लंगर हटाने पर कांग्रेस का आईजीएमसी गेट पर प्रदर्शन, सिंह सभा भी साथ आई , मैजिस्ट्रियल जांच मांगी

शिमला19 दिन पहले
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आईजीएमसी में सोमवार को बॉबी के लंगर को बंद करने के विरोध में कांग्रेस और युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। - Dainik Bhaskar
आईजीएमसी में सोमवार को बॉबी के लंगर को बंद करने के विरोध में कांग्रेस और युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन किया।

आईजीएमसी में सर्वजीत सिंह बाॅबी के लंगर का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। साेमवार काे जहां एक ओर लंगर काे हटाने के खिलाफ कांग्रेस ने आईजीएमसी गेट पर जाेरदार प्रदर्शन कर इसे राजनीति से प्रेरित करार दिया। दूसरी ओर गुरुद्वारा सिंह सभा शिमला समेत कई अन्य संस्थाओं के पदाधिकारियाें ने प्रेसवार्ता कर लंगर काे बंद ना करने की सरकार से मांग उठाई। इस मुद्दे पर विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी मंगलवार काे सीएम जयराम ठाकुर से भी मिलेंगे। युवा कांग्रेस ने लंगर मामले में भगवाकरण का आराेप लगाया।

वहीं आईजीएमसी प्रशासन ने भी मामले प्रेसवार्ता की ओर लंगर चलाने के लिए अवैध बिजली-पानी की चाेरी का आराेप लगाया। एमएस ने कहा कि उन्हाेंने मामले में सरकार काे पत्र लिखा है और इसकी मैजिस्ट्रियल जांच की मांग उठाई है। जबकि सीएम ने मामले में कहा कि वह तथ्याें का पता करेंगे। उसके बाद ही मामले में कुछ कहा जा सकता है। साेमवार काे दिनभर मामला सुर्खियाें में छाया रहा। इससे पहले रविवार काे कई लाेगाें ने साेशल मीडिया पर इसका विराेध जताया था।

युवा कांग्रेस ने कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता की। इस दाैरान उन्हाेंने संस्थाओं के भगवाकरण करने पर कड़े शब्दों में विरोध जताया। युवा कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अनिल कुमार ने कहा कि युवा कांग्रेस सर्वजीत के साथ खड़ी है। उन्हाेंने कहा कि युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व कार्यकारी अध्यक्ष पिछले तीन दिनों से गाेवा में युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भाग लेने गए हैं, जैसे ही वापिस आएंगे तो युवा कांग्रेस मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी।

उन्हाेंने कहा कि जिस तरीके से आईजीएमसी प्रशासन ने अपना पक्ष रखा है उससे बिल्कुल स्पष्ट है कि सरकार यहां से सर्वजीत बाॅबी को इसलिए हटा रही है ताकि यह संघ से जुड़े लोगों को यहां स्थापित कर सके। उन्हाेंने कहा कि प्रशासन ने कहा कि वह ई टेंडर के माध्यम से किसी संस्था को यहां लंगर लगाने की जगह देगें, जिससे इनकी मंशा साफ जाहिर हो जाती है। जब आप निर्माण को अवैध ठहरा रहे हो तो कैसे वहां किसी ओर को लाया जा सकता है। इस दाैरान धनंजय शर्मा, लवनिश राजपूत, हेमंत ठाकुर व दीपक शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी माैजूद रहे।

लंगर बंद हाेना दुर्भाग्यपूर्ण: गुरुद्वारा सिंह सभा में शिमला शहर की प्रमुख धार्मिक व सामाजिक संस्थाएं साेमवार काे एकत्रित हुई। इसमें संस्थाओं के पदाधिकारियाें ने आईजीएमसी में लंगर बंद हाेने की घटना काे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और प्रशासन के कृत्य की निंदा की। गरुद्वारा सिंह सभा के पदाधिकारी जसबिंदर सिंह ने प्रेसवार्ता के दाैरान कहा कि लंगर के पक्ष में शहर की सनातन धर्म सभा गंज बाजार, सूद सभा शिमला, वाल्मिकी सभा, शहर के सभी गुरुद्वारा की सिंह सभा और बाबा साहेब अंबेडकर वेलफेयर सभा भी आगे आई है। सभी संस्थाओं ने मामले में निंदा करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया कि वह ऑलमाइटी संस्था द्वारा संचालित गुरु के लंगर को यथावत ही रहने दें।
उन्हाेंने कहा कि इस संस्था के साथ शिमला शहर के सभी लोग जुड़े हुऐ हैं व महिलाओं ने रोटियां बनाकर रोटी बैंक के द्वारा अपना योगदान देना शुरू किया है। उन्हाेंने कहा कि आईजीएमसी में लंगर सेवा बंद हाेने से प्रदेशभर से आने वाले मरीजाें और तीमारदाराें के लिए मुश्किलें खड़ी हाे जाएंगी क्याेंकि शिमला में पहले ही महंगाई काफी ज्यादा है। गरीब लाेग खाना नहीं खा सकेंगे। उन्हाेंने कहा कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री से मिलेंगे और लंगर काे बंद ना करने का आग्रह करेंगे।

एमएस ने मांगी जांच: मामले में साेमवार काे आईजीएमसी के एमएस डाॅ. जनकराज ने भी प्रेसवार्ता की। उन्हाेंने आराेप लगाया कि सर्वजीत सिंह बाॅबी के लंगर में अवैध बिजली और पानी के कनेक्शन पाए गए हैं। वर्ष 2016 में जब यहां पर कंस्ट्रक्शन हाे रही थी ताे डेंटल कॉलेज की ओर से आईजीएमसी प्रशासन काे पत्र लिखा गया था कि यहां पर पार्किंग एरिया में अवैध कंस्ट्रक्शन हाे रही है। उन्हाेंने कहा कि कई बार प्रशासन के पास शिकायतें आई हैं। मगर अब जब वह आईजीएमसी की प्रॉपर्टी से अवैध कब्जे काे हटा रहे हैं ताे इसका विराेध हाेना शुरू हाे गया है। उन्हाेंने कहा कि लंगर लगाने काे किसी काे मना नहीं है और ना ही मरीजाें का लंगर बंद हाेगा।
केवल अवैध प्रॉपर्टी का कब्जा हटाया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि मामले में सच सामने आए इसके लिए उन्हाेंने सरकार काे पत्र लिखा है। इसकी मैजिस्ट्रियल जांच की मांग उठाई गई है। इसमें निष्पक्ष जांच के लिए प्रशासन तैयार हैं ताकि लाेगाें के सामने सच सामने आ सके। उन्हाेंने कहा कि बाॅबी ने मार्च में लंगर बंद करने के लिए कहा था, जब ऐसा नहीं हुआ ताे प्रशासन की बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि अवैध कब्जाें काे हटाया जाए। उसके तहत ही यह कार्रवाई हुई है।

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