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महामारी में अपराध:प्रदेश में अपराध का ग्राफ बढ़ा, 4 महीने में 27 मर्डर, 106 रेप और 149 अपहरण

शिमला2 महीने पहले
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प्रदेश में सनसनीखेज अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है। पुलिस के 2020 और 2021 के 1 जनवरी से 30 अप्रैल तक के क्राइम आंकड़ों की तुलना करने से यह तथ्य सामने आए हैं।पुलिस से जारी आंकड़े के मुताबिक वर्ष 2021 में अप्रैल तक 6123 अपराध भारतीय दण्ड संहिता के तहत दर्ज किए गए।

हालांकि यह आंकड़ा 2020 अप्रैल तक (7194) के मुकाबले 1071 कम जरूर है, लेकिन इस साल के चार महीनों में सनसनीखेज वारदातें पिछले साल के मुकाबले अधिक हुई हैं। पुलिस विभाग से जो आंकड़े मिले हैं, उसमें यह बात सामने आ रही है कि पिछले साल अप्रैल तक हुए संगीन अपराधों के मुकाबले इस साल के चार महीनों में अपराधों की दर ज्यादा है। इनमें हत्या से लेकर बलात्कार व अपहरण के मामलों की संख्या बढ़ रही है।

वर्ष 2021 में अप्रैल तक राज्य में हत्या के 27 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि पिछले साल अप्रैल तक यह संख्या 25 थी। इस साल हत्या के प्रयास के 18, बलात्कार के 106, अपहरण के 149, छेड़खानी के 142 और चारियों के 153 मामलों में एफआईआर हुई है। वहीं वर्ष 2020 में अप्रैल तक हत्या के प्रयास के 17, बलात्कार के 79, अपहरण के 96, छेड़खानी के 124 और चारियों की 135 एफआईआर दर्ज हुई थीं। इस साल के शुरुआती चार महीनों में गैर इरादतन हत्या की 3 व एससी एसटी एक्ट में 60 एफआईआर हुईं, जबकि पिछले साल अप्रैल तक गैर इरादतन हत्या की मात्र एक एफआईआर और एससी एसटी एक्ट में 56 मामले दर्ज हुए थे।

इस बार दुर्घटनाएं भी हुई हैं ज्यादा

इस साल दुर्घटनाओं की घटनाओं में भी भारी बढ़ौतरी हुई है। वर्ष 2021 में अप्रैल तक राज्य में 786 दुर्घटनाएं हुई। जबकि वर्ष 2020 में अप्रैल तक यह संख्या 600 थी। हालांकि इस साल अप्रैल तक नशीली वस्तुओं की तस्करी, फोरेस्ट, आईटी व एक्साइज एक्ट सहित अन्य अपराध में कमी आई है। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2021 में अप्रैल तक एक्साइज एक्ट में 1050, फारेस्ट एक्ट में 43, आईटी एक्ट में 7 व आईपीसी की अन्य धाराओं में 2322 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं वर्ष 2020 में अप्रैल तक एक्साइज एक्ट में 1241, फारेस्ट एक्ट में 73, आईटी एक्ट में 29 व आईपीसी की अन्य धाराओं में 3196 एफआईआर दर्ज हुईं। लोकल व स्पेशल लाॅ के अंतर्गत इस साल 235 एफआईआर हुईं, जबकि पिछले वर्ष अप्रैल तक ऐसे 457 केस दर्ज किए गए थे।

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