वेदर अपडेट:ओलावृष्टि और अंधड़ से सेब की फसल को नुकसान, घरों व वाहनों पर गिरे पेड़

शिमला6 महीने पहले
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करसोग में बारिश सेबही सड़क, शिमला में वाहनों के ऊपर गिरे पेड़। - Dainik Bhaskar
करसोग में बारिश सेबही सड़क, शिमला में वाहनों के ऊपर गिरे पेड़।
  • मौसम विभाग का अनुमान जून के अंतिम सप्ताह तक माॅनूसन देगा दस्तक
  • खेतों में बोई नकदी सब्जियां भी बारिश की भेंट चढ़ गई

प्रदेश में सोमवार को तीन जिलाें शिमला, सिरमाैर और मंडी में ओलावृष्टि और अंधड़ से सेब व अन्य नकदी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। शिमला में 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज तूफान चला और इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां टूटने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। वाहनाें को नुकसान भी पहुंचा है।

अप्पर शिमला के ठियोग, कोटखाई और नारकंडा में कुछ स्थानों में ओले गिरे। शिमला में एक घंटे के अंदर 20 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा सुंदरनगर में 29, भूंतर में 8, पालमपुर में 9.5, कांगड़ा में 14, कुफरी में 10, जुब्बड़हट्टी में 15, फागू में 10 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। बावजूद इसके मई का महीना बारिश की कमी काे पूरा नहीं कर पाई। इस महीने प्रदेश में सामान्य से चार प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मई महीने में कुल 66.8 मिमी बारिश हाेनी चाहिए थी जाे 63.8 मिमी दर्ज की गई है।

मई में सामान्य से 11 प्रतिशत कम हुई बारिश

मई माह में प्रदेश के 7 जिलाें में पश्चिमी विक्षाेभ काफी सक्रिय रहा। सिरमाैर जिला में सबसे ज्यादा 148 प्रतिशत ज्यादा बारिश रिकार्ड की गई है।

परलोग पंचायत में मूसलाधार बारिश से आई बाढ़, बरोड़ा नाला में 50 मीटर सड़क बही, 3 पेयजल योजनाओं को भी भारी नुकसान

करसोग उपमंडल करसोग में दोपहर बाद हुई मूसलाधार बारिश ने कई क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है। बड़ोडा नाला में आई बाढ़ की वजह से 50 मीटर सड़क बह गई। सड़क में कई वाहन फंस गए। जल शक्ति विभाग की मानगढ़- परलोग जोगी-चराई व भुजड़ा- भरोड़ा पेयजल योजनाएं पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

मानगढ़-परलोग पेयजल में आई बाढ़ भी वजह से जल शक्ति विभाग के फील्ड कर्मचारियों सामान बाढ़ में बह गया। जन प्रतिनिधियों ने भारी बारिश से हुए नुकसान की सूचना प्रशासन को दे दी है। इसके अतिरिक्त करसोग की कई स्थानों में हुई ओलावृष्टि से सेब सहित स्टोन फ्रूट को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मलबे से मक्की सहित सब्जियों की पौध बह गई हैं। खेतों में शिमला मिर्च सहित टमाटर, बैंगन, तेज मिर्च की पौध बारिश की भेंट चढ़ गई है।

अब आगे क्या | माैसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि मैदानी भागों में तीन जून और उच्चपर्वतीय इलाकों में पांच जून से मौसम के साफ होने की संभावना है। प्रदेश में माॅनसून जून के आखिरी सप्ताह में दस्तक देगा। इस बार माॅनसून के सामान्य रहने का पूर्वानुमान जारी किया गया है

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