• Hindi News
  • Local
  • Himachal
  • Shimla
  • Directorate Of Education Sought Details Of Teachers Who Lost Their Lives During Kovid Duty, Those Who Die Within 14 Days Will Get Compensation

कोरोना से जान गंवाने वाले टीचरों को मिलेंगे 50 लाख:शिक्षा निदेशालय ने कोविड ड्यूटी के दौरान काल का शिकार बनने वालों की डिटेल मांगी, 14 दिन के भीतर होगा मुआवजे का भुगतान

शिमलाएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
निदेशालय ने मांगी स्कूलों से टीचरों की सूची। - Dainik Bhaskar
निदेशालय ने मांगी स्कूलों से टीचरों की सूची।

हिमाचल प्रदेश में हेल्थ केयर वर्कर्स की तरह अब कोविड-19 ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले टीचरों को भी 50 लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा। शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। सभी जिलों के डिप्टी डायरेक्टर से सूची मांगी गई है, जिसको वेरीफाई करने के बाद ही अध्यापकों को मुआवजा मिलेगा।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 के दौरान अपनी जान गंवाने वाले हेल्थ केयर वर्करों के लिए 50 लाख की बीमा किया है। इसमें डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ समेत अन्य सभी तरह के हेल्थ केयर वर्कर हैं, जो कोविड-19 के दौरान अपनी सेवाएं देते हैं। हिमाचल में दो हेल्थ केयर वर्करों की जान कोविड-19 के दौरान संक्रमित होने के बाद गई है। इसमें आईजीएमसी में कार्यरत एक स्टाफ नर्स और मशोबरा की आशा वर्कर शामिल हैं। उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई थी। शिमला स्वास्थ्य विभाग की ओर से दोनों हेल्थ केयर वर्करों के परिवारों को 50-50 लाख रुपए की मुआवजा राशि दी जा चुकी है। ऐसे में अब शिक्षा विभाग अपने शिक्षकों को भी इसी तरह बीमा राशि देगा।

कोविड और वैक्सीनेशन सेंटरों पर लगाई गई टीचरों की ड्यूटियां

कोरोना की दूसरी लहर में जब हिमाचल में हेल्थकेयर वर्करों की कमी हो गई थी, तब सरकार ने टीचरों की ड्यूटी ऐसी जगहों पर लगाई, जहां पर कागजी काम हो। इसमें हेल्थ केयर सेंटर में मरीजों के रिकॉर्ड मेंटेन रखना, बॉर्डर पार व बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के कागजात चेक करना और रिकॉर्ड बनाने काम था। इसके अलावा वैक्सीनेशन सेंटर पर भी अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई। अध्यापक यहां पर वैक्सीन लगाने आने वाले लोगों का नाम पता आधार कार्ड सब रिकॉर्ड रखते थे। ऐसे में कई संक्रमित भी हुए और मौत भी हुई।

शिक्षा विभाग ने जिलों से मंगवाया डाटा

शिक्षा निदेशालय शिमला की ओर से सभी जिलों के स्कूलों के मुखिया से जान गंवाने वाले टीचरों का डाटा मांगा गया है। जिसमें यह पता चल सके कि कोविड-19 के दौरान कितने अध्यापक संक्रमित हुए और कितनों की मौत हुई। इसमें यह भी साफ किया गया है, अगर कोरोना संक्रमित होने के 14 दिन के भीतर अध्यापक की मौत हुई है तो ही उसके परिवार को मुआवजा राशि दी जाएगी। फिलहाल जब शिक्षा निदेशालय के पास रिकॉर्ड पहुंचेगा, तभी पता चल पाएगा कि कितने टीचरों की जान कोविड के दौरान गई है।

खबरें और भी हैं...