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सेब सीजन शुरू:अर्ली वैरायटी सेब टाइडमैन 1200-1500 रुपए में बिक रहा, अब नाशपाती भी आएगी मंडियों में

शिमलाएक महीने पहले
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शिमला की फल मंडी में सेब की अर्ली वैरायटी टाइडमैन ने दस्तक दे दी है। - Dainik Bhaskar
शिमला की फल मंडी में सेब की अर्ली वैरायटी टाइडमैन ने दस्तक दे दी है।
  • सेब की अन्य किस्मों के मुकाबले यह सबसे पहले तैयार हो जाता है

अर्ली वैरायटी सेब टाइडमैन की मंडियों में दस्तक के बाद अब नाशपाती भी जल्द ही मंडियों में उतरेगी। फल मंडी स्थित भट्टाकुफर में अर्ली वैरायटी सेब टाइडमैन ने धमाकेदार दस्तक दी है। फल मंडी में टाइडमैन की 20 किलो की पेटी 1200 से 1500 रुपए प्रति पेटी बिकी। जिला शिमला के कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में टाइडमैन की पैदावार होती है।

सेब की अन्य किस्मों के मुकाबले यह सबसे पहले तैयार हो जाता है। ऐसे में 1200 रुपए प्रति पेटी बिकना बागबानों के लिए राहत भरा है। जिला प्रशासन ने भी सेब सीजन के लिए तैयारी शुरू कर दी है। डीसी आदित्य नेगी ने पिछले सप्ताह ही सेब सीजन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की थी।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सड़कों की हालत सुधारने को कहा था। इसके अलावा बागबानों को पैकिंग के सामान सहित अन्य सारी चीजें समय पर मिलें, इसकी व्यवस्था करने को कहा गया था। हिमाचल में सालाना करीब 4 हजार करोड़ का सेब कारोबार होता है।

मंडी में रेड जून भी पहुंच रहा

करसोग, ठियोग, कुमारसैन और ननखड़ी से पहुंच रहा सेब इन दिनों बागवानों को इनकी अच्छी कीमत भी मिल रही है। ढली सेब मार्केट में रेड जून 10 किलो की पेटी 500 रुपए से लेकर 800 रुपए प्रति बॉक्स बिका। मार्केट में करसोग, शिमला जिला के ठियोग, कुमारसैन व ननखड़ी से अर्ली वैरायटी का सेब पहुंच रहा है।

इसके अलावा कुल्लू जिला से भी अर्ली वैरायटी का सेब मार्केट में पहुंचना शुरू हो गया है। इसके साथ ही अब स्पर वैरायटी के सेब भी मार्केट में आने शुरू हो गए हैं। हालांकि अभी ये बहुत ही कम मात्रा में पहुंच रहा है। मार्केट में इनके बेहतर दाम भी मिल रहे हैं।

समय से पहले सेब का सीजन शुरू हुआ

हिमाचल में इस बार समय से पहले सेब का सीजन शुरू हुआ है। टाइडमैन अमूमन जुलाई के दूसरे सप्ताह में बिकने के लिए पहुंचता था। इस बार पहले ही टाइडमैन की एंट्री हुई है। रॉयल सेब 20 जुलाई के आसपास फल मंडियों में पहुंचेगा। इस बार अढाई करोड़ सेब पेटियां होने का अनुमान है।

ऐसे में दाम अच्छे होंगे। हिमाचल की आर्थिकी में अकेले सेब का योगदान 4 हजार करोड़ से ज्यादा है। बहरहाल देखने वाली बात यह है कि लेबर की समस्या से जूझ रहे बागवानों को सरकार कैसे राहत पहुंचाएगी।

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