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मंदिरों पर लॉकडाउन का असर:हिमाचल के प्रसिद्ध नैनादेवी मंदिर पर छाया आर्थिक संकट, कोरोनाकाल में कम हो गई 9.29 करोड़ रुपए की आय

शिमला16 दिन पहले
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कोरोनाकाल की ऐसी ही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में इस कमाऊ न्यास को भी आर्थिक संकट से जूझना पड़ सकता है।
  • अप्रैल से अगस्त 2019 में लाखों का सोना-चांदी भी आया, इस साल अभी तक दर्शन भी हैं दुर्लभ

(नीना शर्मा) कोरोना जैसी वैश्विक महामारी उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ नैनादेवी के इनकम सोर्स पर भी बेहद भारी पड़ रही है। कोरोना के खतरे के चलते इस साल मंदिर 5 माह से अधिक समय तक बंद रहे। पिछले साल इस अवधि में नैनादेवी मंदिर न्यास को चढ़ावे समेत अन्य मदों से कुल लगभग 11 करोड़ रुपए की आय हुई थी, जो इस साल इसी अवधि में महज करीब 1.72 करोड़ पर सिमट गई। इसमें भी अधिकांश आय बैंक में जमा पैसे पर ब्याज के रूप में हुई है।

न्यास के सारे खर्च फिलहाल बैंक में जमा राशि से ही हो रहे हैं। कोरोना संकट जल्द खत्म होने के अभी कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में यदि स्थिति ऐसी ही रही तो आने वाले समय में इस कमाऊ न्यास को भी आर्थिक संकट से जूझना पड़ सकता है।

उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ नैनादेवी में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालुओं द्वारा नयना मां के चरणों में अर्पित किया जाने वाला चढ़ावा ही मंदिर न्यास की आय का मुख्य स्रोत रहता है। पिछले साल अप्रैल से अगस्त माह तक न्यास को कुल 11,02,46,369 रुपए की आय हुई थी। इसमें चढ़ावे के साथ बैंक में पहले से जमा राशि का ब्याज और ऑनलाइन चढ़ावा भी शामिल है। इसकी तुलना में उक्त अवधि के दौरान इस साल न्यास को महज 1,72,78,537 रुपए की आय हुई है।

इस आय का ज्यादातर हिस्सा बैंक में जमा राशि का ब्याज है। इस लिहाज से पिछले साल की तुलना में अप्रैल से अगस्त माह तक न्यास की आय में 9,29,67,832 रुपए की कमी दर्ज हुई है। पिछले साल अप्रैल से अगस्त माह तक मंदिर न्यास को चढ़ावे के रूप में 2.660 किलोग्राम सोना और 1073.993 किलोग्राम चांदी की आय भी हुई थी, लेकिन इस साल चढ़ावे से सोना और चांदी नदारद हैं।

दो दिन में महज 48,270 रुपए चढ़ावाः मामले से जुड़ा एक अहम पहलू यह भी है कि नैनादेवी मंदिर में आॅनलाइन चढ़ावे में भी काफी कमी दर्ज हुई है। पिछले साल अप्रैल से अगस्त तक 35,28,690 रुपए की राशि आॅनलाइन चढ़ावे के रूप में एकत्रित हुई थी, लेकिन इस साल यह आंकड़ा महज 13,70,562 रुपए पर सिमट गया है। ऐसे में उक्त अवधि में पिछले साल की तुलना में ऑनलाइन चढ़ावे की राशि 21,58,128 रुपए कम रही है।

कोरोना काल में लाॅकडाउन समेत अन्य विपरीत परिस्थितियों की वजह से लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है। वहीं, मंदिर खोल दिए जाने के बावजूद श्रद्धालुओं की आमद बेहद कम है। गत वीरवार को मंदिर खुलने पर पहले दिन 266, जबकि दूसरे दिन शुक्रवार को 144 श्रद्धालु नयनादेवी आए थे।

इन दो दिनों में महज 48,270 रुपए चढ़ावा एकत्रित हुआ है। मंदिर न्यास के अध्यक्ष एवं एसडीएम सुभाष गौतम ने इसकी पुष्टि की है। जाहिर है कि यदि कोरोना का संकट लंबा खिंच गया तो भविष्य में न्यास को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।

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