चुनाव आयोग की सख्ती:उपचुनाव में कोविड-19 प्रोटोकॉल तोड़ा तो नेताओं पर दर्ज हाेगी एफआईआर

शिमला2 महीने पहले
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चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न करवाने के लिए 6 पैरा मिलिट्री कंपनियां मोर्चा संभालेगी। - Dainik Bhaskar
चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न करवाने के लिए 6 पैरा मिलिट्री कंपनियां मोर्चा संभालेगी।

उपुचनाव में काेविड नियमाें की अवहेलना करना पार्टी और चुनाव में खड़े प्रत्याशियाें पर भारी पड़ सकती है। काेविड नियमाें की अवहेलना करने पर संबंधित नेता या प्रत्याशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और उसके चुनाव प्रचार पर भी दाे दिन का प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। राज्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासू ने शिमला में प्रेस वार्ता में कहा कि कोविड-19 प्रोटोकॉल को तोड़ने की स्थिति में नेताओं पर मामला दर्ज होगा।

उन्होंने कहा कि चुनाव के निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए 6 पैरा मिलिट्री कंपनियां मोर्चा संभालेगी। इसमें मंडी संसदीय क्षेत्र में 2, जुब्बल-कोटखाई, अर्की और फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में 1-1 कंपनियां तैनात होंगी। उन्होंने कहा कि उपचुनाव के लिए इस बार 2,796 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिसमें 48 संवेदनशील तथा 267 अति संवेदनशील हैं।

उन्होंने कहा कि संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों और ईवीएम, वीवी पैट की निगरानी पैरा मिलिट्री फोर्स के साथ राज्य पुलिस के जवान सेवाएं देंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष व शांतिपूर्ण करवाने के लिए डीजीपी ने 8 जिलों के एसपी से बैठक कर उन्हें निर्देश जारी किए हैं।

फोटो व वीडियाे मैसेज से की जा सकती है शिकायत

राज्य चुनाव अधिकारी सीपाल रासु ने कहा कि कोई भी व्यक्ति आचार संहिता के उल्लंघन की फोटो या वीडियो मैसेज से शिकायत कर सकता है। इसके लिए एप बनाया गया है। ऐसी शिकायतों का 100 मिनट के भीतर निपटारा किया जाएगा।

उप चुनाव के दौरान ये रहेगी व्यवस्था

प्रसारण: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 50 फीसदी पोलिंग बूथों से सीधे प्रसारण (वेब कास्टिंग) की व्यवस्था होगी। इस प्रसारण को निर्वाचन विभाग मुख्यालय में देखने की व्यवस्था भी की गई है। मुख्यालय पर टोल फ्री नंबर-1800-332-1950 और जन साधारण के लिए 0177-2622539 टेलीफोन नंबर की व्यवस्था की गई है। संक्रमितों के लिए: कोरोना पॉजिटिव लोग बाद में 1 घंटा अलग से मतदान करेंगे।

  • रोज बताना होगा खर्च: प्रत्याशी रोज अपने चुनाव खर्च की रिपोर्ट पर्यवेक्षक को देंगे। संसदीय क्षेत्र में चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा 77 लाख व विधानसभा क्षेत्र में 30.80 लाख रुपए रहेगी।
  • नेगी का होगा स्वागत: चुनाव आयोग की तरफ से देश के प्रथम मतदाता का दर्जा पाने वाले किन्नौर जिला के श्याम शरण नेगी का अलग से वीडियो बनेगा। उनके लिए रेड कॉरपेट बिछाया जाएगा।
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