पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Himachal
  • Shimla
  • First The Elections Were Held Unanimously, Now The Demand For Getting It Done Again, Same Situation Every Time For Four Years

व्यापार मंडल में ड्रामा:पहले सर्वसम्मति से करवाए चुनाव, अब दाेबारा करवाने की मांग, चार साल से हर बार यही हाल

शिमला20 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
कार्यकारिणी के कुछ पदाधिकारियाें ने इस्तीफा दे दिया है, संजीव ठाकुर और कंवलजीत सिंह गुट ने दाेबारा चुनाव करवाने की मांग कर दी है। - Dainik Bhaskar
कार्यकारिणी के कुछ पदाधिकारियाें ने इस्तीफा दे दिया है, संजीव ठाकुर और कंवलजीत सिंह गुट ने दाेबारा चुनाव करवाने की मांग कर दी है।
  • कुछ व्यापारियों ने नई बनाई कार्यकारिणी को बताया असंवैधानिक, कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफे

व्यापार मंडल शिमला के चुनाव काे लेकर अब नया ड्रामा शुरू हाे गया है। पहले ताे व्यापारियाें ने एकजुट हाेने की बात कर नई कार्यकारिणी गठित कर दी, लेकिन अब कुछ एक व्यापारियाें ने इसके गठन काे असंवैधानिक करार दिया है। ऐसे में कुछ पदाधिकारियाें ने जहां इस्तीफा दे दिया है, वहीं संजीव ठाकुर और कंवलजीत सिंह गुट ने दाेबारा से चुनाव करवाने की मांग कर दी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पहले सर्वसम्मति से व्यापार मंडल का गठन क्याें किया गया, आखिरी उस समय इन काराेबारियाें ने चुनाव काे लाेकतांत्रिक तरीके से करवाने के लिए चुनाव कमेटी पर क्याें दबाव नहीं डाला।

खास बात ये है कि चुनाव कमेटी ने जब मीडिया के सामने औपचारिक घाेषणा की ताे उस समय सभी गुटाें के पदाधिकारी माैके पर माैजूद थे। शिमला व्यापार मंडल के साल 2013 में चुनाव करवाए गए थे। इसके बाद व्यापार मंडल शिमला का रजिस्ट्रेशन दिसंबर 2017 को किया गया था। इस दौरान व्यापार मंडल के चुनाव करवाने के लिए इलेक्शन कमेटी का गठन किया गया था, जिसके चेयरमैन अश्वनी मिनोचा बनाए गए थे। तब मौजूदा व्यापार मंडल ने कमेटी से तीन माह का वक्त चुनाव के लिए मांगा था जो कि दिया गया। मगर इसके बाद चुनाव नहीं करवाए गए।

अब कह रहे हैं हमने हस्ताक्षर ही नहीं किएः कारोबारी नेताओं का कहना है कि उन्हें नाम वापसी के आखिरी दिन एक बैठक के लिए बुलाया था। बैठक में व्यापार मंडल अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मति से करने को कहा गया। इसी दौरान एक प्रत्याशी के पक्ष में कई व्यापारी बैठक में पहुंच गए थे। इससे बैठक का माहौल खराब हो गया। इसी दबाव में यह गठन स्वीकार करना पड़ा। कारोबारी नेता एवं अध्यक्ष पद के दावेदार संजीव ठाकुर और कंवलजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने नाम वापसी के परिपत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। ऐसे में चुनाव करवाए जाएं।

हर गुट काे दिया गया था एक पद, सब संतुष्ट थेः चुनाव कमेटी ने सर्वसम्मति से चुनाव करवाकर सभी काराेबारियाें काे खुश करने का प्रयास किया था इसमें सभी गुटाें काे तवज्जाे दी गई। इंद्रजीत गुट काे महासचिव पद दिया गया, जबकि कंवलजीत गुट काे उपप्रधान का पद दिया गया। इसी तरह काे संजीव गुट काे सह सचिव व काेषाध्यक्ष का पद दिया गया। जबकि मंगा गुट काे प्रधान पद देकर खुश किया गया। उस दाैरान सभी व्यापारी खुश थे।

21 व्यापारियाें ने की थी दावेदारीः शिमला व्यापार मंडल के चुनाव 12 सितंबर को रखे गए थे। इसके लिए 21 कारोबारी नेताओं ने दावेदारी पेश की थी। एक कारोबारी का नामांकन रद्द होने के बाद 20 कारोबारी चुनाव मैदान में थे। लेकिन चुनाव से पहले ही आपसी सहमति बनाकर कारोबारियों ने नया व्यापार मंडल बना दिया, अब फिर से चुनाव करवाने की मांग कुछ व्यापारी कर रहे हैं।

हमने सभी की राय मांगी, फिर चुना नया व्यापार मंडल: चुनाव कमेटी अध्यक्ष अश्वनी मिनोचा का कहना है कि चुनाव सभी के कहने से और सर्वसम्मति से हुए हैं। बैठक में मौजूद सभी कारोबारी नेताओं की सहमति से व्यापार मंडल का गठन किया था। कहा कि जो कारोबारी नाम वापस न लेने का दावा कर रहे हैं, उन्होंने बाकायदा सर्वसम्मति से व्यापार मंडल चुनने के लिए बने पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। अब फैसला नहीं बदलेगा।

खबरें और भी हैं...