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भास्कर खास:कांगड़ा में पूर्व मंत्री बाली ने डिनर तो विधायक पवन काजल ने ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी से दिखाई अपनी-अपनी राजनीतिक ताकत

कांगड़ा24 दिन पहले
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काजल के घर ब्रेकफास्ट के दौरान प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला कांग्रेस नेताओं के साथ। - Dainik Bhaskar
काजल के घर ब्रेकफास्ट के दौरान प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला कांग्रेस नेताओं के साथ।
  • कांग्रेस की डिनर व ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी, प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला से अलग-अलग मिले नेता

धर्मशाला में आयोजित प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक दौरान प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जुदा-जुदा दिखे। मंगलवार रात कांगड़ा की मजदूर कुटिया में पूर्व कैबिनेट मंत्री जीएस बाली ने रात्रिभोज का आयोजन कर अपनी राजनीतिक पकड़ का एहसास करवाया।

वहीं कांगड़ा सदर से विधायक पवन काजल ने बुधवार सुबह ब्रेकफास्ट के बहाने अपने समर्थकों की भीड़ जुटाकर कांग्रेस प्रभारी के समक्ष राजनीतिक ताकत दिखाई। बाली और पवन काजल में 36 का आंकड़ा जगजाहिर है। कांग्रेस हाईकमान द्वारा प्रदेश कोरोना रिलीफ कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद और पहले जीएस बाली वर्ष 2022 में कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री की वकालत जिला कांगड़ा से करते आ रहे हैं।

बाली की ओर से डिनर में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के साथ सहप्रभारी गुरकीरत सिंह, संजय दत्त, प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर, सुखविंदर सिंह सुक्खू, हर्षवर्धन, विप्लव ठाकुर, चंद्रेश कुमारी, राजेश धर्माणी, हर्ष महाजन ने वर्ष 2022 में कांग्रेस के प्रारूप को लेकर विस्तृत चर्चा की।

विधायक पवन काजल के आवास पर ब्रेकफास्ट के बहाने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समर्थकों ने एकजुट होकर हाजिरी लगाई। काजल के घर नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, विधायक आशा कुमारी, आशीष, सुंदर सिंह ठाकुर, सुधीर शर्मा, विप्लव ठाकुर, पूर्व संजय रतन, कुलदीप पाठकीय, जगजीवन पाल, यादविंद्र गोमा, अजय महाजन, पूर्व सांसद चौधरी चंद्र कुमार, किशोरीलाल, केवल सिंह पठानिया, अभिषेक राणा, कमल किशोर ने हाजिरी लगाकर बंद कमरे में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी साथ भविष्य के चुनावों की रणनीति बनाई।

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बीमार होने के बावजूद उनके समर्थकों की एकजुटता और आशा कुमारी के नेतृत्व में कांग्रेस प्रभारी से अलग से बैठक का आयोजन, पूर्व मंत्री जीएस बाली, सुखविंदर सिंह की एकजुटता पर भारी दिखा।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों अनुसार जिला कांगड़ा के विधायकों और पूर्व विधायकों की बाली दरबार से गैरहाजिरी उनकी राजनैतिक राह में कांटों का काम कर रही है। कांग्रेस प्रभारी के समक्ष दोनों ही कार्यक्रमों मे नेता लगातार बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और प्रदेश भाजपा सरकार की नाकामियों पर चर्चा के बजाए अपनी अपनी कुर्सी सलामत रखने की पैरवी करने में ही व्यस्त दिखे।

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