HPU की प्रोफेसर भर्ती में फर्जीवाड़ा:RTI में हुआ खुलासा, यूनिवर्सिटी की SFI इकाई ने की न्यायिक जांच की मांग

शिमला3 महीने पहले
पत्रकार वार्ता कर फर्जीवाड़े की जानकारी देते HPU की SFI इकाई अध्यक्ष रॉकी।

हिमाचल की राजधानी शिमला में आज SFI ने यूनिवर्सिटी में चली भर्ती की धांधली को लेकर मोर्चा खोल दिया है। छात्र संगठन पिछले 2 सालों से विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भर्तियों में फर्जीवाड़े की बात उठा रहा है। SFI का कहना है कि कोरोना काल में यूनिवर्सिटी के टीचिंग स्टाफ में हुई भर्तियों में धांधली की गई है, जिसमें सभी UGC नियमों को दरकिनार किया गया है।SFI ने मामले में न्यायिक जांच की मांग की है।

SFI के विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष रॉकी ने पत्रकार वार्ता कर बताया कि RTI से जुटाई गई 13 हजार पन्नों की सूचना से यह साबित हुआ है कि यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर की भर्ती में नकली व फर्जी अनुभवों के आधार पर नियुक्तियां दी गई हैं। उन्होंने मांग की है कि इस फर्जीवाड़े की न्यायिक जांच होनी चाहिए।

वर्तमान में भी यूनिवर्सिटी में चुनावों से पहले कुछ और भर्तियां कर अपने लोगों को फर्जी तरीके से भर्ती करना चाह रहें हैं। कहा कि नई भर्तियों पर रोक लगनी चाहिए। SFI इस फर्जीवाड़े के खिलाफ जल्द विश्वविद्यालय एवं पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी।