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मलेशिया में नौकरी के नाम पर युवक से धोखाधड़ी:बिलासपुर के घुमारवीं के युवक से एजेंट ने ठगे 1 लाख 70 हजार, जब विदेश पहुंचा तो कर दिया कमरे में बंद; कोर्ट के आदेशों के बाद मामला दर्ज

शिमला/बिलासपुर11 दिन पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

हिमाचल के युवक विदेश में नौकरी के झांसे में आकर धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। ताजा मामला बिलासपुर जिले के घुमारवीं क्षेत्र का है। जहां पर विदेश में नौकरी दिलवाने के नाम पर पहले तो युवक से लाखों रुपए ठगे। जब युवक विदेश पहुंचा तो उसने देखा कि एजेंट ने जिस काम के लिए उसे भेजा था, वहां ऐसा कुछ भी नहीं है। जब उसने वापस आना चाहा तो उसका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया। किसी तरह युवक वहां से निकला और हिमाचल आकर अपनी व्यथा बताई। अब कोर्ट के आदेशों पर बिलासपुर सदर थाना में पुलिस को मामला दर्ज किया है

बिलासपुर के घुमारवीं क्षेत्र के भगोट निवासी मुकेश ने बताया कि 2019 में वह बेरोजगार था और नौकरी की तलाश कर रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात बिलासपुर जिला के बामंटा क्षेत्र में निजी इंस्टिट्यूट चलाने वाले हेम सिंह से हुई। उसने बताया कि वह मलेशिया के लिए ऑथोराइज्ड वर्क वीजा दिलवाता है उसने उससे कहा कि वह उसे मलेशिया में 55 हजार रुपए तक की नौकरी दिलवा सकता है। इसके लिए उसने उससे 1 लाख 70 हजार मांगे जोकि उसने उसे किसी भी तरह से प्रबंध कर के दे दिए। मुकेश ने बताया कि 8 अप्रैल 2019 को वह एक अन्य युवक रामपाल के साथ मलेशिया के लिए गया। उन दोनों के पासपोर्ट मीरा नामक एक महिला ने अपने पास रख लिए। जब वह मलेशिया एयरपोर्ट से बाहर निकले तो वहां पर सैंड्रा नामक व्यक्ति ने उन्हें रिसीव किया और उनके पासपोर्ट भी उक्त व्यक्ति को सौंप दिए गए।

काम करने से मना किया तो गंदे कमरे में भर दिया मुकेश ने बताया कि सैंड्रा ने खुद को कंपनी का ठेकेदार बताते हुए उनके पास मजदूरी करने का दबाव डाला, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद वह उसे गंदे कमरे में ले गए जहां पर पहले से ही 20 लोग थे। तब जाकर उसे पता चला कि यह लोग एशियन देशों से बेरोजगारों को अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा देकर मलेशिया बुलाते हैं और यहां पर उनका शोषण किया जाता है। उसने बताया कि वह गंदे और बदबूदार कमरे में 4 दिन तक बिना कुछ खाए रहा। एक दिन मौका मिलते ही वह और रामपाल वहां से भाग निकले और एक गुरुद्वारे में शरण ली। इसके बाद हेम सिंह भी मलेशिया पहुंचा। उसने घर वापस जाने के लिए 70 हजार रुपए की डिमांड की।

परिजनों ने भेजा पैसा तब पहुंचे घर मुकेश ने बताया कि परिजनों द्वारा यह पैसा देने के बाद ही वह घर आ सका। युवक के मलेशिया में रहते हुए उसकी पत्नी ने एसपी को शिकायत पत्र भी दिया था। उन्होंने उसे घुमारवीं थाने भेज दिया। जहां केवल रिपोर्ट दर्ज की गई। लंबे समय तक पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न किए जाने पर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मुकेश ने फर्जी वीजा एजेंट बनकर अपने साथ धोखाधड़ी करने वाले हेम सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है और उसका पैसा वापस दिलाने की भी मांग की है। वहीं, डीएसपी बिलासपुर हेड क्वार्टर राजकुमार ने बताया कि पुलिस ने सदर थाना में मामला दर्ज किया है। जांच की जा रही है।

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