हिमाचल में लाहौल की चोटियों पर ताजा बर्फबारी:मनाली-लेह नेशनल हाईवे बारालाचा टॉप में बंद; तापमान में आई गिरावट; रेड अलर्ट जारी

शिमला2 महीने पहले

हिमाचल के जनजातीय जिला लाहौल स्पीति की लाहौल घाटी में ताजा हिमपात दर्ज हुआ है। घाटी में 3 इंच तक बर्फबारी हुई है। इससे मनाली-लेह नेशनल हाईवे-003 वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गया है। लाहौल स्पीति के ऊंचे क्षेत्रों में दिनभर रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही। लाहौल स्पीति पुलिस ने मौसम साफ होने तक लोगों और सैलानियों से बारालाचा दर्रे से यात्रा नहीं करने की अपील की है।

लाहौल घाटी में ताजा हिमपात के बाद सड़क पर फंसी गाड़ियां।
लाहौल घाटी में ताजा हिमपात के बाद सड़क पर फंसी गाड़ियां।

लाहौल घाटी में कई गाड़ियां भी बर्फबारी में फंस गई। लाहौल घाटी में ताजा हिमपात और अन्य क्षेत्रों में बारिश के बाद ऊंचे क्षेत्रों के तापमान में अचानक 1 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। शिमला का तापमान 15.3 डिग्री से कम होकर आज 11.8 डिग्री तक लुढ़क गया है, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है।

इसी तरह अन्य क्षेत्रों में भी तापमान कम हुआ है। इससे खासकर अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लोगों को अभी से ठंड का एहसास होने लगा है। केलोंग का न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री, कल्पा का 11.2 डिग्री, डलहौजी 15, मनाली 14.2 डिग्री और धर्मशाला का तापमान गिरकर 19.8 डिग्री रह गया है।

लाहौल घाटी में ताजा हिमपात के बाद सड़क पर फंसी गाड़ियां।
लाहौल घाटी में ताजा हिमपात के बाद सड़क पर फंसी गाड़ियां।

28 सितंबर तक खराब रहेगा मौसम

मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में अगले 28 सितंबर तक मौसम खराब बना रहेगा। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश भी हो सकती है। खासकर 24 और 24 सितंबर को कुल्लू को रेड अलर्ट जारी किया गया है। 24 सितंबर को दोपहर बाद कुल्लू के आनी क्षेत्र और 25 सितंबर को आनी, मनाली व पच्छाद क्षेत्र में भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट दिया गया है। 22 सितंबर को चंबा के किलाड़ और किन्नौर के कल्पा क्षेत्र में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, 23 सितंबर को आनी में दोपहर बाद ऑरेंज अलर्ट रहेगा। 25 सितंबर को प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बारिश का पूर्वानुमान है।

लाहौल घाटी में ताजा हिमपात के बाद सड़क पर फंसी गाड़ियां।
लाहौल घाटी में ताजा हिमपात के बाद सड़क पर फंसी गाड़ियां।

सोलन में सबसे ज्यादा 42 मिलीमीटर बारिश

बीते 24 घंटे के दौरान सोलन में सबसे ज्यादा 42 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। शिमला में 5 मिलीमीटर, भुंतर 3 मिलीमीटर, कैलोंग में 10 मिलीमीटर, पालमपुर में 2.5 मिलीमीटर, कांगड़ा में 27 मिलीमीटर, कुफरी में 1.5 मिलीमीटर, डलहौजी में 14 मिलीमीटर, चंबा में 20 मिलीमीटर, मनाली में 24 मिलीमीटर और धर्मशाला में मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

29 सड़कें 48 ट्रांसफार्मर बंद

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार राज्यभर में 29 सड़कें और 48 बिजली के ट्रांसफार्मर बंद पड़े है। इनमें अधिकतर सड़कें मानसून की भारी बारिश की वजह से बीते एक माह से ही अवरुद्ध पड़ी है। प्रदेश में मानसून के दौरान सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान का आंकड़ा बढ़कर 2024 करोड़ रुपए पहुंच गया है।

366 लोगों और 785 मवेशियों की मौत

प्रदेश में 29 जून से 21 सितंबर तक बाढ़, बादल फटने, भूस्खलन, सड़क दुर्घटना इत्यादि से मानसून सीजन के दौरान 366 लोगों की जान जा चुकी है। इस दौरान 681 लोग घायल और 10 व्यक्ति लंबे समय से लापता है। मानसून में 785 मवेशियों की भी मौत हुई है।

177 मकान जमींदोज, 859 को आंशिक क्षति

प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान 177 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए है जबकि 859 मकान को आंशिक क्षति हुई। इस दौरान 831 गौशालाएं, 19 लेबर शेड, 167 दुकानें और 56 घ्राट भी भारी बारिश की भेंट चढ़े हैं।