सीटू ने कहा:तेंदुए का शिकार हुई बच्ची के परिवार को सहायता दे सरकार, नहीं ताे हाेगा आंदाेलन

शिमला2 महीने पहले
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सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश ने शिमला के कनलोग में झारखंड के गुमला जिला के प्रवासी मजदूर की पांच वर्षीय बच्ची प्रियंका को तेंदुए द्वारा जान से मारने के घटनाक्रम पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सीटू ने प्रदेश सरकार व प्रशासन से मांग की है कि प्रियंका के परिवार को कम से कम पच्चीस लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने इस घटनाक्रम के लिए प्रदेश सरकार, वन विभाग, श्रम विभाग व प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार, श्रम विभाग व प्रशासन को अंतरराज्यीय प्रवासी मजदूर अधिनियम 1979 के अनुसार प्रवासी मजदूरों की अच्छी व सुरक्षित रिहाईश, बिजली का उचित प्रबंध करने, उनके छोटे बच्चों के लिए क्रेच, सामान्य मजदूरों की अपेक्षा उन्हें पचास प्रतिशत अधिक वेतन देने, महिला मजदूरों को पुरुष मजदूरों के समकक्ष वेतन देने व उनकी कामकाजी परिस्थितियों को बेहतर करने की व्यवस्था करना आवश्यक है।

परन्तु ये सभी व्यवस्थाएं व कानूनी अधिकार केवल किताबों तक सीमित रह गए व लागू नहीं हुए। सरकार व प्रशासन की इसी लापरवाही व गैर कानूनी रवैये के कारण ही पांच वर्षीय प्रियंका को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।

यह मौत नहीं है बल्कि सरकार व प्रशासन के गैर जिम्मेवाराना व्यवहार के कारण हुई हत्या है। उन्होंने सरकार से अंतर्राज्यीय प्रवासी मजदूर अधिनियम 1979 को सख्ती से लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर प्रियंका के परिवार को आर्थिक मदद न मिली तो सीटू सड़कों पर उतरकर आंदोलन के लिए मजबूर होगा।

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