खेती-किसानी / लॉकडाउन के कारण फ्लोरीकल्चर को हुए नुकसान की भरपाई करेगी सरकार

X

  • कुल उत्पादन लागत का 20 प्रतिशत मुआवजा देगी सरकार, 600 बागवानों को लाभ

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

शिमला. लाकडाउन के कारण फूलों की खेती के कारोबार से जुड़े किसानों को राहत भरी खबर है। सरकार फ्लावरीकल्चर से जुड़े किसानों को हुए नुकसान की 20 प्रतिशत की भरपाई करेगी। इसके तहत सरकार नाबार्ड के कल्टीवेशन नार्म्स के अनुसार किसानों को 20 प्रतिशत तक मुआवजा देगी, ताकि इससे बागवानों को थोड़ी राहत मिल सके। राज्य सरकार ने बागवानी विभाग से लाकडाउन के कारण हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी थी। बागवानी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार ही सरकार किसानों को कुल उत्पादन लागत का 20 प्रतिशत का शीघ्र भुगतान करेगी। सरकार से निर्देश मिलने के बाद विभाग इसकी रिपोर्ट तैयार करने में जुट गया है। वह जिला और एरिया वाइज इन किसानों की रिपोर्ट तैयार कर रहा है। विभाग नाबार्ड के नार्म्स के मुताबिक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है और वह फिर इसे मंजूरी के लिए विभाग को भेजेगा और पिर सरकार से बजट जारी होने के बाद प्रभावित किसानों को राहत दी जाएगी। 
हिमाचल में करीब 600 किसान ऐसे हैं जो फूलों की खेती करते हैं। यानी वे फ्लावरीकल्चर से जुड़े हैं। बिलासपुर, मंडी, सोलन, कुल्लू, शिमला जिलों में फूलों की अधिक पैदावार होती है। जो इस बार लाकडाउन के कारण पूरी तरह से खराब हो गई। नतीजतन किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। फिर यह मामला सरकार से उठाया गया और सरकार ने बागवानी विभाग से इस सबंध में रिपोर्ट मांगी, ताकि इनकी मदद की जा सके। अब इनकी मदद का मार्ग प्रशस्त हुआ है। 
बिलासपुर में बागवानों को उठाना पड़ा सबसे ज्यादा 3.29 करोड़ का नुकसान
फूलों की मार्केटिंग न हो पाने के कारण बिलासपुर में बागवानों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। यहां पर बागवानों को 3.29 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। चंबा में दो लाख, हमीरपुर में 47.49 लाख, कांगड़ा में 9.34 लाख, कुल्लू में 2.52 लाख, मंडी में 3.25 करोड़, सिरमौर में 42.47 लाख, शिमला में 2.46 लाख और ऊना में 45.59 लाख रुपए का नुकसान आंका गया है।
6 लाख 48 हजार 176 वर्ग मीटर क्षेत्र में होती है खेती
फ्लावरीकल्चर हिमाचल में बेरोजगार युवाओं की अजीविका का एक अच्छा साधन बन चुकी है। हिमाचल में छह लाख 48 हजार 176 वर्ग मीटर क्षेत्र में फूलों की खेती की जाती है। 10 जिलों में बागवान ग्रीन हाउस या खुले तौर पर फूलों की खेती करके अपना रोजगार चला रहे है। देश दुनिया में फूलों की मांग को पूरा करने के लिए हिमाचल में बागवान फूलों की खेती के कारोबार से जुड़े हैं, लेकिन अब की मार इस कारोबार पर भी कोरोना संक्रमण की मार पड़ी है। 
क्या कहते हैं अधिकारी 
बागवानी विभाग के निदेशक एमएम शर्मा ने कहा कि लाकडाउन के कारण फ्लावरीकल्चर को 16 करोड़ रूपए का नुकसान आंका गया है। सरकार इन किसानों को कुल लागत का 20 प्रतिशत तक की भरपाई करेगी। इसके लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सरकार से पैसा मिलते हो शीघ्र किसनो को उनकी भरपाई कर दी जाएगी

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना