12 को 56 लाख वोटर्स चुनेंगे पहाड़ों का 'राजा':18-19 साल के 1.93 लाख नए वोटर्स; सुलह में सर्वाधिक, लाहौल स्पीति में सबसे कम वोट

शिमला7 महीने पहले
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के रण में बिसात बिछ चुकी है। प्रचार का दौर खत्म हो गया। अब 12 नवंबर को मतदान होगा और उसके बाद 8 दिसंबर को पता चल जाएगा की पहाड़ों का नया राजा कौन बनेगा। शनिवार 12 नवंबर को करीब 56 लाख लोग मतदान करेंगे। वोटरों की संख्या बढ़कर 55,92,882 हो गई है। ढाई महीने के भीतर प्रदेश में 2,04,473 वोटर बढ़े हैं।

16 अगस्त को जारी की गई पहली वोटर लिस्ट में प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 53,88,409 थी। 10 अक्टूबर को जारी की गई दूसरी वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या 55,07,261 थी। 26 अक्टूबर को जारी की गई फाइनल वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 55,92,828 हो गई है।

इनमें 67,559 सर्विस वोटर, 22 NRI वोटर, 38 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में 10 अक्टूबर से लेकर 25 अक्टूबर तक 23,034 नए मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं।

18-19 साल के 1.23 लाख नए मतदाता बने
लोकतंत्र के महापर्व में 18 से 19 साल के 1,93,000 नए मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। ढाई महीने के भीतर प्रदेश में युवा मतदाताओं की संख्या 1,23,219 बढ़ी है। 10 अक्टूबर को जारी की गई सूची में 18-19 आयु वर्ग के नए मतदाता की संख्या 69,781 थी। दिव्यांग मतदाताओं की संख्या में 500 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 10 अक्टूबर को इनकी संख्या 56,001 थी, जो बढ़कर 56,501 हो गई है।

सुलह में सबसे ज्यादा और लाहौल स्पीति में सबसे कम वोटर
प्रदेश के 68 विधानसभा क्षेत्रों में से सुलह विधानसभा क्षेत्रों में सबसे ज्यादा वोटर्स हैं। यहां पर मतदाताओं की संख्या 1,04,486 है, जबकि लाहौल स्पीति में सबसे कम 24744 मतदाता हैं। वहीं लोग अब साल में 4 बार अपना नाम दर्ज करवा सकेंगे। जो व्यक्ति 17 साल के हैं, वह पहले ही मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए आवेदन कर सकेंगे, ताकि 18 साल के होने पर उनका नाम मतदाता सूची में जल्दी से दर्ज हो सके।

50% पोलिंग बूथों पर चुनाव आयोग लाइव देखेगा वोटिंग
विधानसभा चुनाव में इस बार प्रदेश के 50% पोलिंग बूथों पर वेब कास्टिंग होगी। वेब कास्टिंग के जरिए केंद्रीय चुनाव आयोग दिल्ली से प्रदेश की विधानसभा चुनाव पर अपने सीधी नजर रख सकेगा। केंद्रीय चुनाव आयोग दिल्ली में बैठकर प्रदेश के 50% बूथों पर मतदान की पल-पल की नज़र रहेगी।

142 बूथों पर महिलाएं करवाएंगे मतदान
प्रदेश विधानसभा चुनाव में 142 बूथों पर महिला कर्मचारी चुनाव मतदान करवाएंगी। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए आयोग ने 142 बूथों पर महिला कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। दिव्यांग जनों को भी समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पोलिंग बूथ पर चुनाव करवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

7881 पोलिंग स्टेशन पर होगी वोटिंग
निर्वाचन विभाग के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश विधानसभा चुनाव में 7881 पोलिंग स्टेशन पर वोटिंग होगी। इनमें 7235 फोल्डिंग स्टेशन गांवों में है और 646 पोलिंग स्टेशन शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। देश के सबसे बड़े कांगड़ा जिला में सबसे ज्यादा 1625 पोलिंग स्टेशन है, जबकि लाहौल स्पीति में सबसे कम 92 पोलिंग स्टेशन हैं। कांगड़ा के सिद्ध बाड़ी पोलिंग स्टेशन पर सबसे ज्यादा 1511 और किन्नौर के पोलिंग स्टेशन पर सबसे कम 16 वोटर्स हैं।

राज्य में 3 सहायक मतदान केन्द्र बनाए गए हैं, जिनमें धर्मशाला का 66(क) सिद्धबाड़ी, बैजनाथ का 99(क) बड़ा भंगाल तथा कसौली का 99(क)ढिल्लों शामिल हैं। राज्य में ऐसे दूरस्थ मतदान केन्द्र भी हैं, जहां पहुंचने के लिए अधिकतम 14 किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ता है।

बंजार का शाकटी पोलिंग स्टेशन।
बंजार का शाकटी पोलिंग स्टेशन।

जिला स्तर के पोलिंग स्टेशन पर एक नजर

  • चंबा जिला में डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के मनोला मतदान केन्द्र में सबसे ज्यादा 1459 मतदाता ,जबकि भरमौर विधानसभा क्षेत्र के क्यूनर में मात्र 84 वोटर है।
  • भरमौर का चस्क भटोरी एक ऐसा मतदान केन्द्र है जहां पोलिंग पार्टी को पहुंचने के लिए 14 किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ता है।
  • यहां पर सबसे दूर मतदान केन्द्र शाहपुर विधानसभा का मांच है जहां पोलिंग पार्टी को 7 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है।
  • जिला लाहौल-स्पीति के अन्तर्गत 76-काजा में 811 जबकि 33-लिंगर मतदान केन्द्र में मात्र 38 वोटर हैं।
  • कुल्लू जिला के मनाली विधानसभा क्षेत्र के सबसे अधिक मतदाता वाला चिचोंगा मतदान केन्द्र जहां 1305 मतदाता हैं ,जबकि इसी जिला के बंजार विधानसभा क्षेत्र के तिलगा में सबसे कम 89 मतदाता हैं।
  • कुल्लू का रसोल और बंजार का 58-- जिला मण्डी के सुन्दरनगर विधानसभा क्षेत्र के चौगान में सबसे ज्यादा 1403 वोटर है। जबकि सबसे कम जारठू मतदान केन्द्र पर मात्र 95 मतदाता हैं। इसी विधानसभा क्षेत्र का मंझागण सबसे दूर वाला मतदान केन्द्र है, जहां पहुंचने के लिए पोलिंग पार्टी को 10 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है।
चंबा का सबसे दूर का चस्क भटोरी पोलिंग स्टेशन
चंबा का सबसे दूर का चस्क भटोरी पोलिंग स्टेशन
  • हमीरपुर जिला के हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के स्वाहल मतदान केन्द्र पर सबसे ज्यादा 1283 वोटर है जबकि बड़सर विधानसभा क्षेत्र के बल्ह ढटवालियां मतदान केन्द्र पर सबसे कम 105 मतदाता हैं।
  • जिला ऊना के ऊना मतदान केन्द्र पर सबसे ज्यादा 1404 मतदाता हैं। जबकि सबसे कम चिन्तपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के सूरी में औसतन 246 मतदाता हैं।
  • बिलासपुर जिला के श्रीनैणादेवी जी विधानसभा क्षेत्र के-बैहल में सबसे ज्यादा 1281 मतदाता हैं, जबकि बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र का धाड़त केन्द्र में सबसे कम 835 मतदाता वाला केन्द्र है।
  • सोलन जिला का दून विधानसभा क्षेत्र बद्दी में 1385 और कसौली विधानसभा क्षेत्र के गलयाणा में सबसे कम 105 मतदाता हैं।
  • सिरमौर जिला के पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के पांवटा में सबसे ज्यादा 1423 मतदाता है ,जबकि इसी विधानसभा क्षेत्र के नागली मतदान केन्द्र में सबसे कम 112 मतदाता हैं।
  • यहां के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के बोबड़ी मतदान केन्द्र तक पोलिंग पार्टी को पहुंचने के लिए पांच किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है।
  • शिमला जिला के चौपाल विधानसभा क्षेत्र में चरोली मतदान केन्द्र में सबसे ज्यादा 1298 वोटर हैं जबकि शिमला (शहरी) विधानसभा क्षेत्र के समरहिल मतदान केन्द्र में केवल 33 मतदाता हैं। रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के पंडार मतदान केन्द्र पर पहुंचने के लिए पोलिंग पार्टी को 7 किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ेगा।
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