हिमाचल में CM का फैसला कांग्रेस हाईकमान करेगा:विधायकों की एक घंटे चली मीटिंग में सहमति नहीं बनी, प्रतिभा-सुक्खू पर फंसा पेंच

शिमला2 महीने पहले

कांग्रेस हिमाचल प्रदेश में अपने मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं तय कर पाई। शुक्रवार को 40 विधायकों और केंद्रीय पर्यवेक्षकों के बीच करीब एक घंटे चली मीटिंग में अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान पर छोड़ दिया गया। अब मुख्यमंत्री का फैसला सीधे दिल्ली से होगा।

मीटिंग में 6 चेहरों पर चर्चा हुई, जिनमें प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह, सुखविंदर सुक्खू, मुकेश अग्निहोत्री, चंद्र कुमार, हर्षवर्धन चौहान और धनीराम शांडिल के नाम शामिल हैं। मगर किसी एक पर सहमति नहीं बन पाई। हालांकि सबसे बड़ा पेंच प्रतिभा सिंह और सुखविंदर सुक्खू के नाम को लेकर फंस रहा है।

कांग्रेस के हिमाचल प्रभारी राजीव शुक्ला ने कहा- विधायकों ने अंतिम फैसले के लिए पार्टी हाईकमान को सारे अधिकार दे दिए हैं। विधायक मुकेश अग्निहोत्री ने इसका प्रस्ताव रखा, जिस पर सभी 40 विधायकों ने सहमति जताई। ऑब्जर्वर कल हाईकमान को रिपोर्ट सब्मिट करेंगे। इसके बाद जल्द CM तय कर घोषणा कर दी जाएगी। सारे निर्णय हाईकमान लेगा। पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है।

5 घंटे देर से शुरू हुई मीटिंग
कांग्रेस विधायकों की मीटिंग दोपहर 3 बजे होनी थी, लेकिन सारे विधायक नहीं जुटे। कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला, ऑब्जर्वर भूपेश बघेल और भूपेंद्र हुड्‌डा ने फिर शाम 6 बजे का समय तय किया। इसके बावजूद यह मीटिंग 8 बजे के आसपास शुरू हो पाई।

कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग में मौजूद प्रदेश प्रभारी और दोनों ऑब्जर्वर समेत अन्य नेता।
कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग में मौजूद प्रदेश प्रभारी और दोनों ऑब्जर्वर समेत अन्य नेता।

प्रतिभा और सुक्खू समर्थकों के बीच धक्कामुक्की
पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में कांग्रेस की गुटबाजी भी खुलकर सामने आ गई। पर्यवेक्षकों के होटल पहुंचने के दौरान प्रतिभा सिंह समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कारकेड रोककर नारेबाजी की। शाम की मीटिंग में जब बघेल पार्टी ऑफिस पहुंचे तो कुछ समर्थक उनकी गाड़ी पर भी चढ़ गए। प्रतिभा समर्थकों ने कांग्रेस कार्यालय को भी घेर लिया।

मुख्यमंत्री पद के दूसरे बड़े दावेदार सुखविंदर सुक्खू भी लंबे इंतजार के बाद पार्टी कार्यालय पहुंचे। उनके आते ही समर्थकों ने उन्हें कंधे पर उठा लिया और ऑफिस के अंदर ले गए। इस दौरान सुक्खू और प्रतिभा समर्थकों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। इस दौरान पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। समर्थकों को संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी बुलाना पड़ा।

मुख्यमंत्री पद के दूसरे बड़े दावेदार सुखविंदर सुक्खू के समर्थकों ने उन्हें कंधे पर उठा लिया।
मुख्यमंत्री पद के दूसरे बड़े दावेदार सुखविंदर सुक्खू के समर्थकों ने उन्हें कंधे पर उठा लिया।

इससे पहले दोपहर तीन बजे होने वाली मीटिंग सुक्खू समर्थक विधायकों के न आने से शाम 6 बजे तय की गई। हालांकि यह भी एक घंटे देर से शुरू हुई। सुक्खू अपने 18 समर्थक विधायकों के साथ अनट्रेसेबल थे। उन्होंने अपना नंबर भी स्विच ऑफ कर लिया था। बड़े नेताओं के मान मनौव्वल के बाद वे देर शाम पार्टी कार्यालय पहुंचे।

ऑब्जर्वर गवर्नर से मिले, स्थानीय नेताओं को नहीं ले गए

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्‌डा, प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला, छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्‌डा, प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला, छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।

मुख्यमंत्री पद के लिए प्रदेश के 6 नेता दावा कर रहे हैं। इस बीच, नाटकीय मोड़ तब आया जब हिमाचल प्रभारी राजीव शुक्ला, छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल और हरियाणा के पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा सरकार बनाने का दावा पेश करने राजभवन पहुंच गए। इस दौरान उनके साथ प्रदेश का एक भी नेता मौजूद नहीं था।

राजभवन में प्रदेश के नेताओं की गैरमौजूदगी पर प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने सफाई दी। उन्होंने कहा- कांग्रेस पार्टी ने फिलहाल औपचारिक तौर पर गवर्नर के पास सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है। जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस हाईकमान की ओर से भेजे गए कांग्रेस के तीन बड़े नेताओं ने गवर्नर से मुलाकात क्यों की? इन्होंने गर्वनर को कौन सी चिट्‌ठी सौंपी?

इस पर प्रतिभा सिंह ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं ने राज्यपाल को क्या लेटर दिया। उनकी जानकारी के मुताबिक अभी बघेल, हुड्‌डा और शुक्ला विधायकों के साथ बैठक कर उनकी राय लेंगे और उसके बाद पार्टी हाईकमान को जानकारी देंगे। हाईकमान के निर्देश के बाद ही पार्टी सरकार बनाने का दावा पेश करेगी।

अलग-अलग होटलों में विधायकों की मीटिंग
इससे पहले बघेल समेत तीनों केंद्रीय नेताओं ने दोपहर करीब 1 बजे हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और मंडी की सांसद प्रतिभा सिंह से होटल में ही बैठक की। इसके बाद प्रतिभा सिंह सीधे अपने निजी आवास होली-लॉज चली गईं। दूसरी ओर कांग्रेस के सभी विधायक शिमला के अलग-अलग होटलों में जुटे हैं। वे अलग-अलग गुटों में मीटिंग कर रहे हैं।

इधर, विधायक दल की मीटिंग में हो रही देरी से प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में जमा प्रतिभा सिंह के समर्थक नाराज हो गए। उन्होंने कांग्रेस ऑफिस में ही नारेबाजी शुरू कर दी। इनकी मांग है कि प्रतिभा सिंह को तुरंत विधायक दल का नेता घोषित किया जाए।

प्रतिभा सिंह के समर्थकों ने होटल जाने के दौरान कांग्रेस प्रभारी और ऑब्जर्वर के कारकेड को रोक लिया और जमकर नारेबाजी की। वे प्रतिभा सिंह को CM बनाए जाने की मांग कर रहे थे।
प्रतिभा सिंह के समर्थकों ने होटल जाने के दौरान कांग्रेस प्रभारी और ऑब्जर्वर के कारकेड को रोक लिया और जमकर नारेबाजी की। वे प्रतिभा सिंह को CM बनाए जाने की मांग कर रहे थे।

पहले चंडीगढ़ में बुलाई थी बैठक
इससे पहले गुरुवार को आए रिजल्ट में राज्य की 68 सीटों में से कांग्रेस को 40 सीटें मिली हैं, जो बहुमत यानी 35 से पांच ज्यादा हैं। वहीं भाजपा को 25 सीटें मिली हैं। 3 सीटों पर निर्दलियों ने जीत दर्ज की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने खरीद-फरोख्त रोकने के लिए गुरुवार को चंडीगढ़ में विधायकों की बैठक बुलाई थी, लेकिन देर शाम तक बैठक की जगह शिमला कर दी गई।

CM पद के लिए यह दावेदार कर रहे लॉबिंग
CM पद के दावेदार प्रतिभा सिंह, मुकेश अग्निहोत्री, सुखविंदर सिंह अपने-अपने लिए लॉबिंग करने में जुटे हैं। गुरुवार देर रात तक इन्होंने कई बैठकें कीं। इनमें से किसी के नाम पर सहमति नहीं बनने की सूरत में हाईकमान किसी विवाद से बचने के लिए राजेंद्र राणा ठाकुर, ज्वाली से चंद्र कुमार, सोलन से धनीराम शांडिल के नाम पर भी चर्चा कर सकता है।

प्रतिभा सिंह के CM बनने पर इसलिए संशय
प्रतिभा सिंह वर्तमान में प्रदेशाध्यक्ष के साथ-साथ मंडी संसदीय हलके से सांसद भी हैं। ऐसे में पार्टी यदि उन्हें CM बनाती है तो मंडी में उप चुनाव का रिस्क नहीं लेना चाहेगी, क्योंकि मंडी जिले की 10 में से 9 सीटें ‌जीत BJP ने दमदार प्रदर्शन किया है। भाजपा सरकार में CM रहे जयराम ठाकुर ने यहां 37 हजार से ज्यादा के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की है।

डिप्टी CM की मांग कर सकते हैं होली लॉज समर्थक
सूत्र बताते हैं कि होली लॉज को छोड़ दूसरे गुट से CM बनने पर उनके समर्थक विक्रमादित्य सिंह को डिप्टी CM बनाने की मांग भी कर सकते हैं। विक्रमादित्य हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के बेटे हैं। ऐसा हुआ तो राज्य में पहली बार CM के साथ डिप्टी CM होगा।

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