भगवान भरोसे शिमला का बाहनी प्राइमरी स्कूल:डेढ़ महीने से स्थायी टीचर नहीं; एक रिटायर तो दूसरे को डेपुटेशन पर भेजा गया

शिमला8 महीने पहले

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के अंतर्गत ठियोग का प्राइमरी स्कूल बाहनी भगवान भरोसे चल रहा है। स्कूल में 30 अप्रैल से कोई भी स्थायी अध्यापक तैनात नहीं है। एक महिला अध्यापक 30 अप्रैल को रिटायर हो गईं, जबकि दूसरी महिला अध्यापक को विभाग के तुगलकी फरमान के बाद बाहनी से शिमला के साथ लगते हरी नगर में डेपुटेशन पर भेज दिया गया।

प्रारंभिक शिक्षा महकमे की इस लापरवाही से बाहनी स्कूल में पढ़ रहे 14 मासूम छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बाहनी स्कूल प्रबंधन समिति और चियोग पंचायत के जन प्रतिनिधि कई मर्तबा प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक से मिलकर स्थायी शिक्षक की तैनाती की मांग कर चुके हैं, लेकिन विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।

स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा शिक्षा विभाग को सौंपा गया ज्ञापन।
स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा शिक्षा विभाग को सौंपा गया ज्ञापन।

हैरानी इस बात की है कि 30 अप्रैल को सुनीता छिब्बर के रिटायर होने के बाद विभाग ने जुग्गर पाठशाला से शारदा शर्मा को डेपुटेशन पर बाहनी स्कूल में तैनाती दी थी, लेकिन 13 मई को यह जानते हुए बाहनी में कोई भी शिक्षक नहीं है, शारदा शर्मा की डेपुटेशन कैंसिल कर दी गई।

विभाग की इस लापरवाही के कारण बच्चों के अभिभावकों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। खासकर सरकार और विभाग द्वारा कहीं सुनवाई नहीं होने से अभिभावक चिंतित हैं। हालांकि अस्थायी तौर पर CHT द्वारा शिक्षा खंड के अन्य स्कूलों से दो तीन दिनों के लिए अध्यापकों की तैनाती जरूर की जा रही है, लेकिन आज कोई शिक्षक तो दो से तीन दिन बाद कोई और शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के लिए भेजा जाता है। इससे बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।

क्या कहते हैं अभिभावक?

बाहनी निवासी भगत सिंह ने बताया कि वह कई बार विभाग से बाहनी स्कूल में शिक्षक की तैनाती करने की मांग कर चुके हैं। हर बार आश्वासन के लॉलीपॉप थमा दिए जाते हैं।

स्थानीय चियोग पंचायत द्वारा शिक्षा विभाग को शिक्षक की तैनाती बारे सौंपा गया ज्ञापन।
स्थानीय चियोग पंचायत द्वारा शिक्षा विभाग को शिक्षक की तैनाती बारे सौंपा गया ज्ञापन।

जल्द की जाए शिक्षक की तैनाती: दिनेश

चियोग पंचायत के प्रधान दिनेश जगटा ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव से बाहनी स्कूल में जल्द शिक्षक की तैनाती का आग्रह किया है। उन्होंने स्थाई अध्यापक की तैनाती नहीं होने तक साथ लगती जगोड़ा पाठशाला से रीता वर्मा को डेपुटेशन पर तैनात करने का आग्रह किया है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

RTE एक्ट को उल्लंघन कर रहा विभाग

बाहनी स्कूल में शिक्षक की तैनाती नहीं करके सरकार और शिक्षा विभाग खुद अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम(RTE) की धज्जियां उड़ा रहा है, क्योंकि RTE एक्ट में प्रत्येक स्कूल में कम से कम दो शिक्षक अनिवार्य है। दो तो दूर बाहनी में एक भी स्थाई अध्यापक नहीं है।

जल्द की जाएगी अध्यापक की तैनाती: शर्मा

जाइंट डायरेक्टर प्रारंभिक शिक्षा भुवन शर्मा ने माना कि बाहनी स्कूल का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने आया था। उन्होंने बताया कि जल्द ही बाहनी स्कूल में किसी अध्यापक की तैनाती कर दी जाएगी।

खबरें और भी हैं...