हिमाचल में कोरोना मृतकों को मिलेगा 50 हजार मुआवजा:SDMA ने जारी की अधिसूचना; डेथ सर्टिफिकेट बेहद जरूरी, सबसे नजदीकी परिजन ही बनेगा हकदार

शिमला2 महीने पहले
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हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण से मरने वालों के परिजनों को 50 हजार का मुआवजा मिलेगा। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई गई है। मुआवजे के लिए कोरोना वायरस से मौत का सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य होगा। राज्य आपदा प्रबंधन की ओर से एक फॉर्म भी जारी किया गया है, जिसे भरकर कोविड-19 से मरने वाले मृतक के परिजन आवेदन कर सकेंगे। पैसा सीधे आधार से लिंक खाते में आएगा।

बता दें कि हिमाचल में कोरोना संक्रमण से अभी तक 3659 लोगों की मौत हो चुकी हैं, जबकि अभी भी 1800 के करीब एक्टिव मरीज हैं। सबसे ज्यादा 1084 मौतें हिमाचल में कांगड़ा जिला में हुई हैं। इसके बाद शिमला में सबसे ज्यादा 633 संक्रमित मरीजों की मौत हुई। यह सभी मौतें कोरोना से दर्शाई गई हैं। ऐसे में अभी तक हुई मौतों के अनुसार, राज्य में 18 करोड़ 29 लाख 50 हजार रुपए मुआवजा बनता है। जो मौतें आगे होंगी, वह राशि इसमें जुड़ती जाएगी।

संक्रमण का पता लगाने के लिए टेस्ट लेते स्वास्थ्य कर्मी।
संक्रमण का पता लगाने के लिए टेस्ट लेते स्वास्थ्य कर्मी।

इस तरह करना होगा आवेदन

मुआवजा कोरोना की वजह से मरने वाले के निकटतम परिजन को ही मिलेगा। मुआवजे की राशि आधार से जुड़े खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। जिला प्रशासन या आपदा प्रबंधन की तरफ से जारी फॉर्म भरकर आवेदन करना होगा। इस फॉर्म में आवेदन के साथ लगने वाले सभी जरूरी दस्तावेज की जानकारी भी देनी होगी। सबसे जरूरी कोरोना मौत का डेट सर्टिफिकेट लगाना होगा। साथ ही मृतक और जिसे मुआवजा मिलना है, उसका आधार कार्ड देना होगा। जिला प्रशासन के पास आवेदन किया जा सकेगा।

संक्रमण से मरे इन मरीजों को मिलेगा मुआवजा

- मुआवजे के लिए मरीज में कोरोना की पुष्टि होना जरूरी है। उन मामलों को भी कोरोना केस माना जाएगा, जिसमें मरीज अस्पताल में भर्ती होने के दौरान या घर पर ही RT-PCR टेस्ट, रैपिड एंटीजन टेस्ट या क्लीनिक जांच में पॉजिटिव पाए गए हों।

- जिन मरीजों की मौत घर या अस्पताल में हुई हो और वह कोरोना संक्रमित होने के बाद ठीक नहीं हुए हों।

- जन्म और मृत्यु को रजिस्टर करने वाले नगर निगम और पंचायतें, जिन्होंने मेडिकल सर्टिफिकेट ऑफ़ कॉज ऑफ़ डेथ जारी किया गया हो।

- कोरोना पॉजिटिव आने के बाद 30 दिनों के भीतर अस्पताल या घर में हुई मृत्यु को भी कोरोना से होने वाली मृत्यु माना जाएगा।

- जहर खाने वाले, आत्महत्या और हादसा आदि से होने वाली मौतों को कोरोना वायरस से होने वाली मौत में नहीं गिना जाएगा, चाहे वह संक्रमित ही क्यों न पाए गए हों।

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