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NFSA योजना से जुड़ेंगे हिमाचल के सरकारी कर्मचारी:7 लाख लोगों को होगा फायदा; दिहाड़ीदारों, चतुर्थ श्रेणी कर्मियों और आशा वर्करों को मिलेगा लाभ, 29 लाख पहले से जुड़े हैं

शिमलाएक महीने पहले
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सस्ता राशन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है योजना। - Dainik Bhaskar
सस्ता राशन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है योजना।

हिमाचल प्रदेश के 7 लाख सरकारी कर्मचारियों को डिपो में सस्ता राशन मिलेगा। क्योंकि सरकार सरकारी विभागों में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, आशा वर्करों, आंगनवाड़ी वर्करों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम में शामिल करने जा रही है। इससे 7 लाख पात्र कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। एनएफएसए को लेकर केंद्र सरकार ने गाइडलाइन में बदलाव किया है। इसमें पहले सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारी शामिल नहीं थे, लेकिन अब सरकार ने इन सभी को एनएफएसए में लेने का प्लान तैयार किया है। सरकारी क्षेत्र में नौकरी करने वाले दिहाड़ीदारों, अनुबंध कर्मचारियों, अंत्योदय, अन्नपूर्णा योजना में शामिल लोगों को भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिलेगा। एफएसएसए स्कीम के तहत 3 रुपए किलो की दर पर अतिरिक्त सस्ता राशन मिलेगा।

केंद्र ने दिया 36.8 लोगों को जोड़ने का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने हिमाचल सरकार को 36.8 लाख लोगों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम में जोड़ने का लक्ष्य दिया है। प्रदेश में अब तक 29 लाख लोगों को इस योजना में जोड़ा गया है। अब 7 लाख लोगों को शामिल करने के लिए सरकारी विभागों में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों समेत पेंशनरों को चुना गया है। इससे पहले केवल बीपीएल, दिव्यांग समेत ऐसे लोगों को जोड़ा जाता था, जो इसके लिए पात्र है। अब अनुबंध कर्मचारियों समेत दिहाड़ीदारों और कम पेंशन लेने वाले लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा।

5 किलो मिलेगा प्रति सदस्य राशन
इस योजना के तहत लाभार्थी परिवार वालों को प्रति सदस्य 5 किलो अनाज दिया जाएगा। जिसमें 3.20 पैसे की दर से आटा और 3 रुपए किलो की दर से चावल मिलेंगे। लोगों को महंगाई से राहत मिल सके, इसलिए सरकार ऐसा कर रही है।

राजनीतिक फायदे को लेकर कर रही है ये सब
महंगाई के दौर में दिहाड़ीदार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों समेत अन्य ऐसे वर्ग, जिनकी आमदनी कम है, उनके लिए सरकार की योजना लाभदायक है, लेकिन कहीं न कहीं इसमें यह भी आभास हो रहा है कि सरकार राजनीतिक लाभ तो नहीं लेना चाहती, क्योंकि त्योहारी सीजन के बाद हिमाचल में उपचुनाव होने हैं। ऐसे में सरकार चुनाव में कहीं न कहीं इससे होने वाले फायदे को देख रही है। फिलहाल देखना यह है कि केंद्र सरकार कब सरकार को यह मंजूरी देती है।

वहीं हिमाचल सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग का कहना है कि केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के तहत प्रदेश में दिहाड़ीदारों और उन पेंशनरों को, जिनकी पेंशन दो या 3 हजार हैं, उन्हें भी एनएफएसए में जोड़ा जा रहा है। केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है, मामला विचाराधीन है।

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