मेडिकल कॉलेज में नहीं होगी कैंपस प्लेसमेंट:अब डॉक्टरों की भर्तियां वॉक-इन-इंटरव्यू या कमीशन, टेस्ट, बैच वाइज आधार पर करेंगे

शिमला5 महीने पहले
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प्रतीकात्मक तस्वीर - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल प्रदेश में मेडिकल ऑफिसर का काडर पूरा होने के बाद अब सरकारी मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चों के लिए कैंपस इंटरव्यू नहीं होंगे। क्योंकि अब राज्य में डॉक्टरों की भर्तियां वॉक-इन-इंटरव्यू या कमीशन से होने वाले टेस्ट या बैच वाइज आधार पर होंगी। अब हिमाचल के पास मेडिकल कॉलेजों से पास आउट होने वाले इंटर्न डॉक्टरों को नौकरी देने के लिए जगह नहीं बची है।

इस साल 300 रिंगटोन डॉक्टर नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश में 2411 मेडिकल ऑफिसर का कार्यकाल पूरा हो चुका है। बजट भाषण में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 500 डॉक्टरों के पद इस काडर में जोड़ने का आश्वासन दिया था। 144 नए मेडिकल ऑफिसर पद भरने की मंजूरी भी मिल गई, लेकिन इन नए 144 डॉक्टरों के पदों को वॉक-इन-इंटरव्यू के आधार पर ही भरा जाना है। अभी तिथियां निर्धारित नहीं हुई हैं, लेकिन फाइल प्रोसेस में है।

अब डॉक्टर भी करेंगे नौकरी लगने का इंतजार

जिस तरह से प्रदेश में नर्से, फार्मासिस्ट, टीजीटी बैच वाइज अपनी नौकरी लगने का इंतजार सालों से कर रहे हैं। वैसे ही अब डॉक्टरों को भी नौकरी लगने का इंतजार करना होगा। हालांकि डॉक्टरों के पास प्राइवेट सेक्टर में काम करने का भी मौका होता है, लेकिन कुछ ऐसे डॉक्टर होते हैं, जिन्हें सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देना पसंद होता है। अब जब हिमाचल में काडर पूरा हो चुका है तो नए मेडिकल कॉलेजों से निकलने वाले डॉक्टरों के लिए सरकारी नौकरी पाना आसान काम नहीं होगा

क्या कहते हैं स्वास्थ्य अधिकारी

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव शुभाशीष पंडा का कहना है कि मेडिकल ऑफिसर का कार्यकाल पूरा हो चुका है। ऐसे में अब कैंपस इंटरव्यू नहीं होंगे। जो भी नई भर्तियां होंगी, वह वॉक-इन-इंटरव्यू या कमीशन या फिर बैच वाइज आधार पर होंगी।